बिहार में न्यायिक फेरबदल: असिताभ कुमार नालंदा में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश नियुक्त
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने 15 सितंबर 2026 को राज्य न्यायिक सेवा में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की, जिसके तहत असिताभ कुमार को नालंदा जिले के परिवार न्यायालय का प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। यह निर्णय पटना उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल की सिफ़ारिश के आधार पर लिया गया है।
नियुक्ति और प्रमोशन का विवरण
अधिसूचना के अनुसार, असिताभ कुमार इससे पहले पश्चिम चंपारण (बेतिया) में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे। उन्हें अब प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत करते हुए नालंदा में परिवार न्यायालय का प्रधान न्यायाधीश बनाया गया है, जिसका मुख्यालय बिहार शरीफ में है।
यह अधिसूचना बिहार के राज्यपाल के नाम से जारी की गई है और इस पर सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव रजनीश कुमार के हस्ताक्षर हैं।
उच्च न्यायालय की सिफ़ारिश और प्रक्रिया
यह प्रशासनिक निर्णय पटना उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल की 7 सितंबर 2026 की चिट्ठी संख्या 82520 के माध्यम से की गई सिफ़ारिश पर आधारित है। उच्च न्यायालय की अनुशंसा प्राप्त होने के बाद राज्य सरकार ने आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएँ पूरी कर औपचारिक पोस्टिंग आदेश जारी किया।
अधिसूचना की प्रतियाँ सरकारी प्रेस के अधीक्षक और वित्त विभाग के ई-गजट सेल को आधिकारिक गजट के अगले असाधारण अंक में प्रकाशन हेतु भेजी गई हैं।
बिहार पुलिस में बड़े पैमाने पर तबादले
इसी क्रम में, बिहार पुलिस मुख्यालय (कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग) ने भी प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से व्यापक स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के अंतर्गत 112 प्रमोटेड रिजर्व इंस्पेक्टरों (सीनियर क्वार्टरमास्टर), जिन्हें सार्जेंट मेजर भी कहा जाता है, को नए जिलों और यूनिटों में स्थानांतरित किया गया है।
गौरतलब है कि जून 2026 में जारी एक पूर्व आदेश के तहत रिजर्व सब-इंस्पेक्टरों (क्वार्टरमास्टर) को रिजर्व इंस्पेक्टर (सीनियर क्वार्टरमास्टर) का कार्यकारी प्रभार सौंपा गया था। बाद में विभिन्न जिलों और यूनिटों में अधिकारियों की उपलब्धता और स्वीकृत पदों के बीच असंतुलन सामने आया, जिसे दूर करने के लिए यह ताज़ा स्थानांतरण आदेश जारी किया गया है।
आम जनता और न्यायिक कार्यप्रणाली पर असर
नालंदा के परिवार न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश की नई नियुक्ति से जिले में लंबित पारिवारिक विवादों के त्वरित निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में न्यायिक अवसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
संबंधित न्यायिक अधिकारी को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नया पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं, और अधिसूचना को महालेखाकार, विधि विभाग, संबंधित जिलों के जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा वित्त एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों को भी भेजा गया है।