क्या बूथ-लुटेरे की जोड़ी 'वोटर अधिकार यात्रा' के नाम पर बिहार में ड्रामा कर रही है?: अजय आलोक

सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस के खिलाफ भाजपा का तीखा आरोप
- प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करने का मामला
- राजनीति में भाषाई मर्यादा का महत्व
- संभल में होने वाली हिंसा पर चिंता
- बिहार की जनता की प्रतिक्रिया की संभावना
नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के दरभंगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्दों के प्रयोग को लेकर विवाद और बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला किया है और इस मामले में माफी की मांग की है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर मंच से आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर प्रधानमंत्री का अपमान करने का आरोप लगाया।
अजय आलोक ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "कांग्रेस की तथाकथित बूथ-लुटेरे की जोड़ी 'वोटर अधिकार यात्रा' के नाम पर बिहार में एक नाटक कर रही है। अब ये लोग गाली-गलौज पर उतर आए हैं। मंच से प्रधानमंत्री का अपमान किया जा रहा है और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग हो रहा है। मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि ये बिहार है, जहां लोग ऐसी हरकतों का जवाब देना जानते हैं। अगर कांग्रेस माफी नहीं मांगती, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।"
उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में ऐसी निम्नस्तरीय भाषा की कोई जगह नहीं है। हमें उम्मीद है कि बिहार की जनता ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगी और सही समय आने पर विपक्ष को सबक सिखाने का काम करेगी। मैं कांग्रेस नेताओं से कहना चाहता हूं कि वे अपनी भाषा सुधारें और प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग बंद करें।
इसके अलावा, अजय आलोक ने उत्तर प्रदेश के संभल में हाल ही में हुई हिंसा पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संभल केवल एक अकेली जगह नहीं है, देश भर में कम से कम 200 ऐसे संभल हैं, जहां हिंदुओं की संपत्ति जब्त की जा रही है, लोगों को भगाया जा रहा है और 'ग़जवा-ए-हिंद' स्थापित करने की कोशिशें की जा रही हैं। यह एक सुनियोजित कदम है, जिसे रोकने की आवश्यकता है। ऐसी गतिविधियां देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा हैं।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की हिंसा की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।