बिहार MLC चुनाव: निर्दलीय पार्षदों के BJP में शामिल होने पर JDU प्रवक्ता नीरज कुमार बोले — 'शरीर कहीं, आत्मा कहीं, दिमाग कहीं'
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता एवं विधान पार्षद नीरज कुमार ने 1 नवंबर 2026 को पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए हालिया चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि दो निर्दलीय विधान पार्षदों का भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होना उनके व्यक्तिगत विवेक का मामला है।
मुख्य घटनाक्रम
बिहार विधान परिषद के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय जीते राहुल राज और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित बंशीधर ब्रजवासी ने BJP की सदस्यता ग्रहण की। राजद सांसद मनोज झा ने इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'हाथ में पर्ची लेकर इसका प्रदर्शन भी किया गया — एक हाई-ऑक्टेन चुनाव संपन्न हुआ।' यह ऐसे समय में आया है जब NDA गठबंधन के भीतर सीट-बँटवारे की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।
नीरज कुमार की प्रतिक्रिया
नीरज कुमार ने निर्दलीय पार्षदों के BJP में जाने को JDU के लिए 'झटका' बताने वाले सवालों को नकारते हुए पलटवार किया। उनका कटाक्ष उल्लेखनीय था: 'शरीर कहीं, आत्मा कहीं, दिमाग कहीं — यह राजनीति में एक नया प्रचलन शुरू हुआ है।' उन्होंने स्वीकार किया कि चुनाव के दौरान पार्टी ने भी ऐसी परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन विस्तृत विवेचना के लिए 5 नवंबर की समीक्षा बैठक का हवाला दिया।
JDU की 5 नवंबर समीक्षा बैठक
जनता दल (यूनाइटेड) ने 5 नवंबर को चुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई है। इस बैठक में जीते और हारे दोनों उम्मीदवारों, विधान पार्षदों, प्रभारियों और वरिष्ठ नेताओं को बुलाया गया है। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष निशांत कुमार और प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य नेता मौजूद रहेंगे। नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी यह समझने का प्रयास करेगी कि स्थानीय स्तर पर क्या परिस्थितियाँ रहीं और परिणाम अपेक्षाओं के अनुरूप क्यों नहीं आए।
संवैधानिक प्रश्न और सभापति की भूमिका
निर्दलीय सदस्यों के किसी राजनीतिक दल में शामिल होने पर संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों को लेकर नीरज कुमार ने कहा कि यह विधिवेत्ताओं का क्षेत्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधान परिषद के सभापति रामबचन राय का पद दलीय नहीं होता और आवेदन मिलने पर वे विधिवेत्ताओं की सलाह से संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप निर्णय लेंगे। गौरतलब है कि दसवीं अनुसूची मुख्यतः दल-बदल विरोधी कानून से जुड़ी है, जो निर्दलीय सदस्यों पर अलग ढंग से लागू होती है।
सरकारी उपलब्धियों का संदर्भ
नीरज कुमार ने चुनावी निराशा के बीच सरकार के कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुशल युवा योजना के तहत युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई ₹10 प्रति माह, पॉलिटेक्निक ₹5 प्रति माह और नर्सिंग की पढ़ाई नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि के विद्यार्थियों को ₹2,000 मासिक स्टाइपेंड भी दिया जा रहा है। बावजूद इसके, पार्टी यह जानना चाहती है कि चुनाव में कमी कहाँ रह गई। आने वाले दिनों में 5 नवंबर की समीक्षा बैठक NDA गठबंधन की आंतरिक स्थिति और JDU की रणनीति की दिशा तय करेगी।