पटना में NFDB का क्षेत्रीय कार्यालय खुला, मंत्री राम कृपाल यादव बोले — बिहार को मत्स्य पालन में आत्मनिर्भरता मिलेगी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने पटना में राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) के क्षेत्रीय कार्यालय के उद्घाटन को राज्य के मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए एक निर्णायक कदम बताया। 15 जून को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस कार्यालय के खुलने से बिहार के मछुआरों और मत्स्य पालकों को अब अपने काम के लिए हैदराबाद नहीं जाना पड़ेगा — सारी गतिविधियाँ अब पटना से ही संचालित होंगी।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री राम कृपाल यादव ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला बिहार के मत्स्य पालन समुदाय के हित में एक सकारात्मक पहल है। इससे पहले, NFDB का मुख्यालय हैदराबाद में होने के कारण राज्य के लाभार्थियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जो एक बड़ी बाधा थी।
बिहार के मत्स्य पालन क्षेत्र पर असर
मंत्री के अनुसार, बिहार में मत्स्य पालन पर आश्रित लोगों की संख्या बहुत बड़ी है। उनका कहना था कि इस कार्यालय के खुलने से न केवल स्थानीय ज़रूरतें पूरी होंगी, बल्कि राज्य की उत्पादन क्षमता इतनी बढ़ेगी कि बिहार दूसरे राज्यों और विदेशों में भी मत्स्य उत्पाद निर्यात करने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा, 'पहले हमें इन साधनों के लिए दूसरे राज्यों पर आश्रित रहना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।' यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछली उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।
पर्यटन और रोज़गार पर भी नज़र
मंत्री ने मत्स्य पालन से आगे बढ़कर पटना के पर्यटन क्षेत्र पर भी विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से ₹6,000 की सब्सिडी ग्रांट भी दी जाएगी। उनका मानना है कि बिहार में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं, लेकिन अब तक उन्हें पर्याप्त प्रकाश में नहीं लाया गया। सरकार के प्रयासों से न केवल आर्थिक उन्नति होगी, बल्कि स्थानीय लोगों को रोज़गार के नए अवसर भी मिलेंगे।
राजनीतिक बयानबाज़ी
मंत्री राम कृपाल यादव ने इस अवसर पर विपक्षी नेता तेजस्वी यादव पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी यादव शिक्षा की बात करेंगे तो लोग उन पर हँसेंगे। साथ ही उन्होंने तेज प्रताप यादव की सुरक्षा वापस न करने की सलाह दी और कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति अच्छी है।
आगे क्या
NFDB के पटना कार्यालय के संचालन से राज्य में मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन तेज़ होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि बिहार जैसे नदी-समृद्ध राज्य में मत्स्य पालन क्षेत्र की आत्मनिर्भरता न केवल किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगी।