पुरी रथ यात्रा मौतों पर बीजद की न्यायिक जांच की मांग, ओडिशा BJP सरकार पर लापरवाही का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (बीजद) ने 20 जुलाई को भुवनेश्वर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 16 जुलाई को पुरी में रथ यात्रा के दौरान हुई श्रद्धालुओं की मौतों की न्यायिक जांच की मांग की और इस त्रासदी के लिए ओडिशा की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया। विपक्षी दल का आरोप है कि सरकार न केवल भीड़ प्रबंधन में विफल रही, बल्कि घटना के बाद तथ्यों को भी दबाने की कोशिश की।
मुख्य घटनाक्रम
पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को बीजद के राज्य उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री संजय कुमार दास बर्मा और पार्टी के मीडिया समन्वयक एवं प्रवक्ता डॉ. लेनिन मोहंती ने संबोधित किया। दास बर्मा ने कहा कि इस घटना ने दुनिया भर में भगवान जगन्नाथ के करोड़ों भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने रथ यात्रा से पहले कई बैठकें कर सुचारू संचालन का दावा किया था, लेकिन इसके बावजूद त्रासदी को रोकने में नाकाम रही।
मृतकों और घायलों की संख्या पर विवाद
बीजद नेता दास बर्मा ने दावा किया कि घटना के बाद चार गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को पुरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से तीन की बाद में मृत्यु हो गई। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (सीडीएमओ) ने 350 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही थी, जबकि राज्य सरकार ने केवल दो मौतों को स्वीकार किया और कथित तीसरी मृत्यु पर चुप्पी साधे रखी।
स्वास्थ्य मंत्री के उस बयान का भी उल्लेख किया गया जिसमें दावा किया गया था कि श्रद्धालुओं की मौत भगदड़ में नहीं हुई — एक की मौत दिल का दौरा पड़ने से और दूसरे की दम घुटने से हुई। बीजद के अनुसार, सरकार वास्तविक घटनाक्रम और पीड़ितों की सही संख्या सार्वजनिक करने से बच रही है।
सरकार पर आरोप
बीजद नेताओं ने आरोप लगाया कि BJP सरकार अपनी प्रशासनिक विफलता को स्वीकार करने के बजाय उसे छिपाने में लगी है। उनका कहना है कि विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का उचित प्रबंधन करने में सरकार की असमर्थता इस त्रासदी की मूल वजह है।
बीजद की मांगें
विपक्षी दल ने राज्य सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली — घटना की न्यायिक जांच कराई जाए। दूसरी — जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। तीसरी — स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग और कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन राज्य मंत्रिपरिषद से तत्काल इस्तीफा दें।
आगे क्या होगा
यह घटना ओडिशा में BJP और बीजद के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकती है, खासकर तब जब रथ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हों। न्यायिक जांच की मांग स्वीकार होती है या नहीं, यह राज्य सरकार के अगले कदम पर निर्भर करेगा।