21 जुलाई 2026
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पुरी रथ यात्रा मौतों पर बीजद की न्यायिक जांच की मांग, ओडिशा BJP सरकार पर लापरवाही का आरोप

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पुरी रथ यात्रा मौतों पर बीजद की न्यायिक जांच की मांग, ओडिशा BJP सरकार पर लापरवाही का आरोप

सारांश

पुरी रथ यात्रा के दौरान हुई मौतों को लेकर बीजद ने BJP सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार मृतकों की सही संख्या छुपा रही है और 350 से अधिक घायलों की बात दबाई जा रही है। न्यायिक जांच और दो मंत्रियों के इस्तीफे की मांग ने ओडिशा की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है।

मुख्य बातें

बीजू जनता दल (बीजद) ने 20 जुलाई को 16 जुलाई की पुरी रथ यात्रा त्रासदी की न्यायिक जांच की माँग की।
बीजद के अनुसार, चार घायलों में से तीन की मृत्यु हुई, जबकि सरकार ने केवल दो मौतों को स्वीकार किया।
सीडीएमओ ने कथित तौर पर 350 से अधिक घायलों की बात कही, पर सरकारी आँकड़े इससे मेल नहीं खाते।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ.
मुकेश महालिंग और कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन के इस्तीफे की माँग की गई।
बीजद ने आरोप लगाया कि BJP सरकार प्रशासनिक विफलता छुपाने के लिए तथ्यों को दबा रही है।

बीजू जनता दल (बीजद) ने 20 जुलाई को भुवनेश्वर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 16 जुलाई को पुरी में रथ यात्रा के दौरान हुई श्रद्धालुओं की मौतों की न्यायिक जांच की मांग की और इस त्रासदी के लिए ओडिशा की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया। विपक्षी दल का आरोप है कि सरकार न केवल भीड़ प्रबंधन में विफल रही, बल्कि घटना के बाद तथ्यों को भी दबाने की कोशिश की।

मुख्य घटनाक्रम

पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को बीजद के राज्य उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री संजय कुमार दास बर्मा और पार्टी के मीडिया समन्वयक एवं प्रवक्ता डॉ. लेनिन मोहंती ने संबोधित किया। दास बर्मा ने कहा कि इस घटना ने दुनिया भर में भगवान जगन्नाथ के करोड़ों भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने रथ यात्रा से पहले कई बैठकें कर सुचारू संचालन का दावा किया था, लेकिन इसके बावजूद त्रासदी को रोकने में नाकाम रही।

मृतकों और घायलों की संख्या पर विवाद

बीजद नेता दास बर्मा ने दावा किया कि घटना के बाद चार गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को पुरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से तीन की बाद में मृत्यु हो गई। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (सीडीएमओ) ने 350 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही थी, जबकि राज्य सरकार ने केवल दो मौतों को स्वीकार किया और कथित तीसरी मृत्यु पर चुप्पी साधे रखी।

स्वास्थ्य मंत्री के उस बयान का भी उल्लेख किया गया जिसमें दावा किया गया था कि श्रद्धालुओं की मौत भगदड़ में नहीं हुई — एक की मौत दिल का दौरा पड़ने से और दूसरे की दम घुटने से हुई। बीजद के अनुसार, सरकार वास्तविक घटनाक्रम और पीड़ितों की सही संख्या सार्वजनिक करने से बच रही है।

सरकार पर आरोप

बीजद नेताओं ने आरोप लगाया कि BJP सरकार अपनी प्रशासनिक विफलता को स्वीकार करने के बजाय उसे छिपाने में लगी है। उनका कहना है कि विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का उचित प्रबंधन करने में सरकार की असमर्थता इस त्रासदी की मूल वजह है।

बीजद की मांगें

विपक्षी दल ने राज्य सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली — घटना की न्यायिक जांच कराई जाए। दूसरी — जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। तीसरी — स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग और कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन राज्य मंत्रिपरिषद से तत्काल इस्तीफा दें।

आगे क्या होगा

यह घटना ओडिशा में BJP और बीजद के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकती है, खासकर तब जब रथ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हों। न्यायिक जांच की मांग स्वीकार होती है या नहीं, यह राज्य सरकार के अगले कदम पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मृतकों की संख्या को लेकर सरकारी और विपक्षी आँकड़ों में जो अंतर सामने आया है, वह जवाबदेही के गंभीर सवाल खड़े करता है। सीडीएमओ के 350 से अधिक घायलों के दावे और सरकार की 'दो मौत' की स्वीकारोक्ति के बीच की खाई को केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से नहीं भरा जा सकता — इसके लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है। यह भी उल्लेखनीय है कि त्योहार से पहले कई बैठकों और सुरक्षा दावों के बावजूद त्रासदी हुई, जो यह संकेत देती है कि योजना और क्रियान्वयन के बीच गहरी खाई है। न्यायिक जांच की मांग को राजनीतिक रंग देने की बजाय सरकार को पारदर्शिता के साथ पूरे तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरी रथ यात्रा के दौरान क्या हुआ था?
16 जुलाई को पुरी में रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की मौत हुई। बीजद के अनुसार चार गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों में से तीन की अस्पताल में मृत्यु हो गई, जबकि राज्य सरकार ने केवल दो मौतों की पुष्टि की है।
बीजद ने किन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की है?
बीजद ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग और कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन के राज्य मंत्रिपरिषद से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इन मंत्रियों की जिम्मेदारी के दायरे में यह प्रशासनिक विफलता आती है।
घायलों की संख्या को लेकर विवाद क्यों है?
बीजद नेताओं के अनुसार मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (सीडीएमओ) ने 350 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही थी, लेकिन राज्य सरकार ने इससे कहीं कम संख्या स्वीकार की। विपक्ष का आरोप है कि सरकार वास्तविक आँकड़े जनता से छुपा रही है।
बीजद की न्यायिक जांच की मांग क्या है?
बीजद चाहती है कि 16 जुलाई की रथ यात्रा त्रासदी की जांच किसी स्वतंत्र न्यायिक आयोग द्वारा की जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। पार्टी का मानना है कि सरकारी जांच निष्पक्ष नहीं होगी।
ओडिशा सरकार ने घटना पर क्या कहा?
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि मौतें भगदड़ में नहीं हुईं — एक की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से और दूसरे की दम घुटने से हुई। हालांकि बीजद का आरोप है कि सरकार तीसरी मौत और घायलों की वास्तविक संख्या पर चुप्पी साधे हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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