22 अक्टूबर 2026
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सीएमआरएल मामले में केरल भाजपा का आरोप: कांग्रेस और सीपीआई(एम) मिलकर पिनाराई विजयन को बचा रहे हैं

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सीएमआरएल मामले में केरल भाजपा का आरोप: कांग्रेस और सीपीआई(एम) मिलकर पिनाराई विजयन को बचा रहे हैं

सारांश

केरल भाजपा ने सीएमआरएल मामले में कांग्रेस और सीपीआई(एम) पर पिनाराई विजयन को बचाने की खुली मिलीभगत का आरोप लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इनकार कर मामले को हाई कोर्ट खंडपीठ को भेजा — जिसे भाजपा ने अपने आरोपों की पुष्टि बताया।

मुख्य बातें

केरल भाजपा ने 21 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस और सीपीआई(एम) पर सीएमआरएल मामले में पिनाराई विजयन को बचाने की मिलीभगत का आरोप लगाया।
सर्वोच्च न्यायालय ने एफआईआर रद्द नहीं की और ईडी जाँच पर कोई रोक नहीं लगाई; मामला केरल हाई कोर्ट खंडपीठ को भेजा।
राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की सरकार पर अपने ही वीएसीबी के मामले में अदालत में पक्ष न रखने का सवाल उठाया।
भाजपा ने राहुल गांधी के चुनावी बयान — 'विजयन को जेल जाना चाहिए' — और कांग्रेस के मौजूदा रुख के बीच विरोधाभास उजागर किया।
सीएमआरएल मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड और विजयन की बेटी टी.
वीना की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है।

केरल भाजपा ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — पर गंभीर आरोप लगाया कि दोनों पार्टियाँ मिलकर कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) भ्रष्टाचार मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन को संरक्षण दे रही हैं। भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार अपने ही सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो (वीएसीबी) द्वारा दर्ज मामले में अदालत में ठोस पक्ष रखने से क्यों बच रही है।

सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा आदेश पर भाजपा का रुख

राज्य भाजपा अध्यक्ष और विधायक राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को न तो एफआईआर को रद्द किया और न ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्यवाही पर कोई रोक लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीपीआई(एम) इस आदेश को विजयन की 'बड़ी जीत' के रूप में प्रचारित नहीं कर सकती। सर्वोच्च न्यायालय ने केरल उच्च न्यायालय की खंडपीठ को विजयन की उस अपील पर नए सिरे से सुनवाई का निर्देश दिया, जिसे इस महीने की शुरुआत में खारिज किया गया था।

कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप

चंद्रशेखर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान की याद दिलाई जिसमें उन्होंने केरल में चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि विजयन को जेल जाना चाहिए। भाजपा नेता ने तर्क दिया कि उसी कांग्रेस की सरकार अब अदालत में इस मामले में कोई ठोस पक्ष लेने को तैयार नहीं है — जो उनके अनुसार 'छल की राजनीति' का सबूत है। उन्होंने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की चुप्पी पर भी सवाल उठाया, जो यूडीएफ गठबंधन का हिस्सा है।

राष्ट्रीय स्तर पर मिलीभगत का आरोप

चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि यह केवल राज्य स्तर की चुप्पी नहीं, बल्कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के सीधे निर्देशों पर विजयन को संरक्षण दिया जा रहा है। उनका दावा है कि केरल में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी दिखने के बावजूद कांग्रेस और सीपीआई(एम) एक-दूसरे के हितों की रक्षा के लिए एकजुट हो गई हैं। उन्होंने कहा — 'केरल में कांग्रेस और सीपीआई(एम) दो अलग-अलग पार्टियाँ नहीं रह गई हैं, बल्कि एक हो गई हैं।'

सीएमआरएल मामला: पृष्ठभूमि

यह विवाद कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और विजयन की बेटी टी. वीना से जुड़ी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेन-देन से संबंधित है। वीएसीबी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है और ईडी भी समानांतर जाँच कर रही है। गौरतलब है कि यह मामला केरल की राजनीति में उस समय और जटिल हो गया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और पूर्व सत्ताधारी दल अब विपक्ष में है।

आगे क्या होगा

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद केरल उच्च न्यायालय की खंडपीठ विजयन की अपील पर अब नई सुनवाई करेगी। यह सुनवाई तय करेगी कि एफआईआर और ईडी जाँच आगे किस दिशा में जाती है। भाजपा ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को राज्य और राष्ट्रीय स्तर दोनों पर उठाती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कोर्ट ने एफआईआर रद्द नहीं की। असली सवाल यह है कि केरल में सत्ता में आई कांग्रेस की यूडीएफ सरकार अपनी ही जाँच एजेंसी वीएसीबी के मामले में अदालत में कमज़ोर क्यों दिख रही है — यह या तो राजनीतिक सुविधा है या कानूनी सोच-विचार, और दोनों के अलग-अलग निहितार्थ हैं। राहुल गांधी के 'विजयन को जेल' वाले बयान की याद दिलाना भाजपा की परीक्षित रणनीति है — लेकिन यह तभी काम करती है जब कांग्रेस इस पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण न दे। अभी तक कांग्रेस की चुप्पी ही भाजपा का सबसे बड़ा हथियार बन रही है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएमआरएल भ्रष्टाचार मामला क्या है?
सीएमआरएल मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीना से जुड़ी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेन-देन से संबंधित है। केरल की सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो (वीएसीबी) ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी समानांतर जाँच कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने 21 अक्टूबर को क्या आदेश दिया?
सर्वोच्च न्यायालय ने एफआईआर रद्द नहीं की और ईडी की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं लगाई। अदालत ने केरल उच्च न्यायालय की खंडपीठ को विजयन की उस अपील पर नई सुनवाई का निर्देश दिया जिसे इस महीने की शुरुआत में खारिज किया गया था।
केरल भाजपा ने कांग्रेस पर मिलीभगत का आरोप क्यों लगाया?
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस की यूडीएफ सरकार अपनी ही जाँच एजेंसी वीएसीबी के मामले में अदालत में ठोस पक्ष नहीं रख रही, जो विजयन को अप्रत्यक्ष संरक्षण देना है। भाजपा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार में विजयन के लिए जेल की माँग की थी, लेकिन अब उनकी सरकार इस मामले में निष्क्रिय है।
राजीव चंद्रशेखर इस मामले में क्या भूमिका में हैं?
राजीव चंद्रशेखर केरल भाजपा के राज्य अध्यक्ष और विधायक हैं। उन्होंने बुधवार को प्रेस के सामने कांग्रेस और सीपीआई(एम) दोनों पर आरोप लगाए और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भाजपा के रुख की पुष्टि बताया।
आगे इस मामले में क्या होगा?
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद केरल उच्च न्यायालय की खंडपीठ विजयन की अपील पर नई सुनवाई करेगी। साथ ही ईडी की जाँच जारी है। इस सुनवाई का नतीजा तय करेगा कि मामला एफआईआर स्तर पर आगे बढ़ता है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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