सीएमआरएल मामले में केरल भाजपा का आरोप: कांग्रेस और सीपीआई(एम) मिलकर पिनाराई विजयन को बचा रहे हैं
सारांश
मुख्य बातें
केरल भाजपा ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — पर गंभीर आरोप लगाया कि दोनों पार्टियाँ मिलकर कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) भ्रष्टाचार मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन को संरक्षण दे रही हैं। भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार अपने ही सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो (वीएसीबी) द्वारा दर्ज मामले में अदालत में ठोस पक्ष रखने से क्यों बच रही है।
सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा आदेश पर भाजपा का रुख
राज्य भाजपा अध्यक्ष और विधायक राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को न तो एफआईआर को रद्द किया और न ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्यवाही पर कोई रोक लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीपीआई(एम) इस आदेश को विजयन की 'बड़ी जीत' के रूप में प्रचारित नहीं कर सकती। सर्वोच्च न्यायालय ने केरल उच्च न्यायालय की खंडपीठ को विजयन की उस अपील पर नए सिरे से सुनवाई का निर्देश दिया, जिसे इस महीने की शुरुआत में खारिज किया गया था।
कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप
चंद्रशेखर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान की याद दिलाई जिसमें उन्होंने केरल में चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि विजयन को जेल जाना चाहिए। भाजपा नेता ने तर्क दिया कि उसी कांग्रेस की सरकार अब अदालत में इस मामले में कोई ठोस पक्ष लेने को तैयार नहीं है — जो उनके अनुसार 'छल की राजनीति' का सबूत है। उन्होंने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की चुप्पी पर भी सवाल उठाया, जो यूडीएफ गठबंधन का हिस्सा है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिलीभगत का आरोप
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि यह केवल राज्य स्तर की चुप्पी नहीं, बल्कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के सीधे निर्देशों पर विजयन को संरक्षण दिया जा रहा है। उनका दावा है कि केरल में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी दिखने के बावजूद कांग्रेस और सीपीआई(एम) एक-दूसरे के हितों की रक्षा के लिए एकजुट हो गई हैं। उन्होंने कहा — 'केरल में कांग्रेस और सीपीआई(एम) दो अलग-अलग पार्टियाँ नहीं रह गई हैं, बल्कि एक हो गई हैं।'
सीएमआरएल मामला: पृष्ठभूमि
यह विवाद कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और विजयन की बेटी टी. वीना से जुड़ी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेन-देन से संबंधित है। वीएसीबी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है और ईडी भी समानांतर जाँच कर रही है। गौरतलब है कि यह मामला केरल की राजनीति में उस समय और जटिल हो गया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और पूर्व सत्ताधारी दल अब विपक्ष में है।
आगे क्या होगा
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद केरल उच्च न्यायालय की खंडपीठ विजयन की अपील पर अब नई सुनवाई करेगी। यह सुनवाई तय करेगी कि एफआईआर और ईडी जाँच आगे किस दिशा में जाती है। भाजपा ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को राज्य और राष्ट्रीय स्तर दोनों पर उठाती रहेगी।