BJP अध्यक्ष नितिन नवीन आज महासचिवों की बैठक की करेंगे अध्यक्षता, SIR और 5 राज्यों के चुनावों पर होगी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में महासचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों तथा पाँच राज्यों में आगामी चुनावों की रणनीतिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक का एजेंडा
बैठक में मुख्य रूप से दो विषयों पर ध्यान केंद्रित रहने की उम्मीद है। पहला, SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध-प्रदर्शनों से उत्पन्न राजनीतिक घटनाक्रम। दूसरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में होने वाले चुनावों के लिए संगठनात्मक कार्ययोजना और रणनीति का निर्धारण।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, महासचिवों को इन राज्यों में जमीनी तैयारियों की समीक्षा और संगठनात्मक ढाँचे को मजबूत करने के लिए दिशानिर्देश दिए जाएँगे।
SIR विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि SIR को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने 'वोट चोरी' के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ रखा है। इसी के जवाब में BJP ने अपना 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान शुरू किया है।
यह ऐसे समय में आया है जब पाँच राज्यों में चुनावी सरगर्मी तेज हो रही है और प्रत्येक राजनीतिक दल अपनी जमीन मजबूत करने में जुटा है।
नितिन नवीन का बुधवार को मार्च
इस बैठक से एक दिन पहले बुधवार, 28 अक्टूबर को नितिन नवीन ने दिल्ली के चाँदनी चौक में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत एक मार्च का नेतृत्व किया। इस मार्च के जरिए BJP ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर विपक्ष के अभियान का सीधा जवाब देने की कोशिश की।
मार्च के दौरान नितिन नवीन ने गांधी परिवार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस-आई' — जिसे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने जनवरी 1978 में बनाया था — का अर्थ 'कांग्रेस-इंदिरा' नहीं, बल्कि 'इटैलियन कांग्रेस' है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस की चुनावी हार को नागरिकों द्वारा किया गया 'शुद्धिकरण' करार दिया।
आगे क्या
आज की बैठक में लिए गए निर्णय आने वाले हफ्तों में पाँच राज्यों में BJP की चुनावी गतिविधियों की दिशा तय करेंगे। पार्टी नेतृत्व SIR मुद्दे पर विपक्ष की काट के लिए एक ठोस जन-संपर्क रणनीति तैयार करने पर भी ज़ोर दे सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक BJP की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा है जिसके तहत वह चुनावी मौसम से पहले संगठन को पूरी तरह तैयार अवस्था में लाना चाहती है।