झारखंड: BJP विधायक तिवारी पर FIR, CM हेमंत सोरेन की माँ के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 को गढ़वा जिले के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की है। यह मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माँ रूपी सोरेन के बारे में एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर की गई अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा है। पुलिस ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
शिकायत का आधार
गढ़वा के रंका थाने में यह FIR गसेदाग गांव के निवासी श्रवण सिंह खरवार की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विधायक तिवारी ने एक ऑनलाइन वीडियो में रूपी सोरेन के बारे में आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की थी।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह टिप्पणी उस समय की गई थी जब रूपी सोरेन बीमार थीं और अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। खरवार ने दावा किया कि इन कथित टिप्पणियों से न केवल उन्हें व्यक्तिगत ठेस पहुँची, बल्कि अनुसूचित जनजाति समुदाय की भावनाएँ भी आहत हुईं।
वीडियो का संदर्भ
पुलिस के अनुसार, कथित टिप्पणियों वाला वीडियो मूल रूप से 28 सितंबर को एक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित हुआ था, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैलाया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि वीडियो की रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर पेन ड्राइव में उपलब्ध कराई जा सकती है।
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब झारखंड में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और विपक्षी BJP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।
कानूनी धाराएँ और जाँच
शिकायतकर्ता खरवार ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की माँग की थी। पुलिस ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज कर ली है और जाँच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जाँचकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि कथित टिप्पणियों का पूरा संदर्भ और आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा जाँच पूरी होने के बाद ही तय होगी।
विधायक तिवारी की प्रतिक्रिया
आरोपों के संबंध में सत्येंद्र नाथ तिवारी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। रिपोर्टों के अनुसार, उनकी प्रतिक्रिया अभी तक नहीं मिली है।
यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से और अधिक गरमा सकता है, क्योंकि जाँच की प्रगति और अभियुक्त विधायक के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हैं।