13 अक्टूबर 2026
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बीजेपी सांसद पुजारी का आरोप: कांग्रेस और राहुल गांधी को एसआईआर की समझ नहीं, फैला रहे भ्रम

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बीजेपी सांसद पुजारी का आरोप: कांग्रेस और राहुल गांधी को एसआईआर की समझ नहीं, फैला रहे भ्रम

सारांश

BJP सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी ने बेंगलुरु में मंगलवार को कांग्रेस और राहुल गांधी पर एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय के एससी-एसटी आरक्षण रद्द करने के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने की माँग की।

मुख्य बातें

BJP सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी ने 13 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी को एसआईआर की स्पष्ट समझ नहीं है।
पुजारी ने कहा कि कांग्रेस एक ओर न्यायपालिका की आलोचना करती है, दूसरी ओर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात करती है।
केपीसीसी अध्यक्ष पर आरोप कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की तुलना BJP प्रवक्ताओं से की।
कर्नाटक उच्च न्यायालय के एससी-एसटी आरक्षण रद्द करने के फैसले पर राज्य सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में मजबूत अपील करने की माँग।
पुजारी ने बसवराज बोम्मई के कार्यकाल में न्यायमूर्ति नागमोहन दास रिपोर्ट के आधार पर बढ़ाए गए आरक्षण का हवाला दिया।
कर्नाटक की नई महिला राज्यपाल की नियुक्ति का स्वागत करते हुए उनके राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अनुभव को उपयोगी बताया।

कर्नाटक से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पास मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कोई स्पष्ट समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जान-बूझकर भ्रम फैला रही है और संवैधानिक संस्थाओं को उनका काम करने से रोकने की कोशिश कर रही है।

न्यायपालिका पर दोहरा रवैया

पुजारी ने बेंगलुरु के मल्लेश्वरम स्थित BJP राज्य मुख्यालय जगन्नाथ भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस का व्यवहार पूरी तरह विरोधाभासी है। उन्होंने कहा, 'एक तरफ वे न्यायपालिका के खिलाफ बयान देते हैं और दूसरी तरफ एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की बात करते हैं। यह उनकी भ्रमित मानसिकता को दर्शाता है।'

पुजारी ने बताया कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष ने यहाँ तक आरोप लगाया था कि सर्वोच्च न्यायालय और उसके न्यायाधीश BJP के प्रवक्ताओं की तरह काम कर रहे हैं। केरल कांग्रेस ने भी सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की आलोचना की है।

संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल

BJP सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान की रक्षा की बात तो करती है, लेकिन उसके बयान न्यायालय की अवमानना और सर्वोच्च न्यायालय की छवि धूमिल करने वाले हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस बिना वजह केंद्र सरकार को दोष देती है और उसके कामकाज में बाधा डालती है।

पुजारी ने यह भी कहा कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाने में विफल रही है और उसे जनता को गुमराह करने वाले बयान देने की बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।

एससी-एसटी आरक्षण विवाद

अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए बढ़ाए गए आरक्षण को रद्द करने के कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले पर पुजारी ने राज्य सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने और अपना पक्ष मजबूती से रखने की माँग की। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के कार्यकाल में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति नागमोहन दास की रिपोर्ट के आधार पर एससी-एसटी की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए यह आरक्षण बढ़ाया गया था।

पुजारी के अनुसार, यदि सर्वोच्च न्यायालय में सही तरीके से दलीलें पेश की जाएँ तो बढ़े हुए आरक्षण को बरकरार रखा जा सकता है, और इस दिशा में राज्य की कांग्रेस सरकार को तत्काल पहल करनी चाहिए।

नई राज्यपाल का स्वागत

कर्नाटक में नई राज्यपाल की नियुक्ति पर टिप्पणी करते हुए पुजारी ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नई राज्यपाल एक अनुभवी व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यपाल पद पर एक महिला की नियुक्ति से कर्नाटक में लोकतंत्र और मजबूत होगा।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक तनातनी बढ़ी हुई है और विपक्षी दलों ने मतदाता सूची संशोधन को लेकर कई आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह राजनीतिक तौर पर धारदार है, लेकिन मूल प्रश्न — एसआईआर की प्रक्रियागत पारदर्शिता — इस बयानबाजी में दब जाती है। एससी-एसटी आरक्षण मुद्दे पर पुजारी की माँग वाजिब है, पर जिम्मेदारी उसी BJP सरकार की भी बनती है जिसने यह आरक्षण लागू किया था।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) क्या है?
एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन एक प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूचियों की विशेष समीक्षा करता है ताकि नए मतदाताओं को जोड़ा जा सके और अयोग्य नामों को हटाया जा सके। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
BJP सांसद पुजारी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी को एसआईआर की स्पष्ट समझ नहीं है और वे जनता में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस एक ओर न्यायपालिका की आलोचना करती है और दूसरी ओर सर्वोच्च न्यायालय जाने की बात करती है, जो विरोधाभासी है।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एससी-एसटी आरक्षण के बारे में क्या फैसला दिया?
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एससी-एसटी समुदायों के लिए बढ़ाए गए आरक्षण को रद्द कर दिया। यह आरक्षण पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के कार्यकाल में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति नागमोहन दास की रिपोर्ट के आधार पर बढ़ाया गया था।
कांग्रेस और BJP के बीच न्यायपालिका को लेकर विवाद क्या है?
पुजारी के अनुसार, केपीसीसी अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की तुलना BJP प्रवक्ताओं से की, और केरल कांग्रेस ने भी न्यायाधीशों की आलोचना की। BJP का कहना है कि इस तरह के बयान न्यायपालिका की अवमानना और उसकी छवि को नुकसान पहुँचाने वाले हैं।
कर्नाटक की नई राज्यपाल कौन हैं और उनका अनुभव क्या है?
स्रोत के अनुसार नई राज्यपाल एक अनुभवी महिला हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। BJP ने इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि उनका अनुभव कर्नाटक में लोकतंत्र को मजबूत करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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