जेएनयू यौन शोषण कांड: BJP का 12 अक्टूबर को 'नारी शक्ति हुंकार', अकोइजाम को संरक्षण देने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 'नारी शक्ति हुंकार आंदोलन' के तहत विशाल विरोध मार्च निकालेगी। यह प्रदर्शन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की 11 छात्राओं के यौन शोषण मामले में कांग्रेस सांसद प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को कांग्रेस नेतृत्व द्वारा कथित तौर पर संरक्षण दिए जाने के विरोध में है। 9 अक्टूबर 2026 को JNU की आंतरिक समिति ने अकोइजाम को बर्खास्त किया था, इसके बावजूद कांग्रेस की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर BJP ने यह आंदोलन छेड़ा है।
विरोध मार्च का स्वरूप और मार्ग
BJP के अनुसार 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित 'आंध्र एजुकेशन सोसाइटी स्कूल' से कांग्रेस मुख्यालय 'इंदिरा भवन' तक एक विशाल मार्च निकाला जाएगा। मार्च की समाप्ति के बाद इंदिरा भवन के सामने धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
BJP महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी और महिला मोर्चा प्रभारी दग्गुबाती पुरंदेश्वरी के नेतृत्व में पार्टी की महिला सांसद, विधायक, पार्षद और BJP दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा की हजारों कार्यकर्ताएँ इस प्रदर्शन में शामिल होंगी।
JNU आंतरिक समिति की जाँच और बर्खास्तगी
9 अक्टूबर 2026 को JNU की आंतरिक समिति ने अपनी जाँच में पाया कि कांग्रेस सांसद प्रो. अकोइजाम ने 'नंबर के बदले संबंध' की पेशकश की और 11 छात्राओं का उत्पीड़न किया। आरोप सही पाए जाने पर समिति ने उन्हें विश्वविद्यालय से बर्खास्त कर दिया। गौरतलब है कि अकोइजाम इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं।
कांग्रेस की चुप्पी पर BJP का हमला
BJP महिला मोर्चा का आरोप है कि बर्खास्तगी और 11 छात्राओं की शिकायतों के बावजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे इस मामले में पूरी तरह मौन हैं। BJP का कहना है कि यह मौन आरोपी सांसद को मूक राजनीतिक संरक्षण देने जैसा है।
BJP ने यह भी कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा महिला अधिकारों के पैरोकार होने का दावा करते हैं, किंतु जब उनकी ही पार्टी के सांसद पर इस तरह के गंभीर आरोप सिद्ध हों तो उनकी चुप्पी उनके रुख पर सवाल खड़े करती है। आलोचकों का कहना है कि इस मामले में कांग्रेस का रवैया उसकी घोषित प्रतिबद्धताओं से मेल नहीं खाता।
पार्टी में पूर्व के मामलों का हवाला
BJP महिला मोर्चा ने अपने बयान में कांग्रेस पार्टी में महिला उत्पीड़न से जुड़े कथित पूर्व मामलों का भी उल्लेख किया। मोर्चे के अनुसार 2023 में कांग्रेस ने बीवी श्रीनिवास के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिला अंकिता दत्ता को पार्टी से निकाला, जबकि आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह 2024 में बाड़मेर के पूर्व कांग्रेस विधायक मेवाराम जैन पर नाबालिग लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे और कांग्रेस ने उन्हें पहले निष्कासित किया, फिर बाद में बहाल भी कर लिया — BJP का यह दावा है; इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
BJP की माँगें और आगे का रास्ता
BJP महिला मोर्चा ने इस मार्च के ज़रिए तीन स्पष्ट माँगें रखी हैं: राहुल गांधी प्रो. अकोइजाम को तत्काल कांग्रेस से निष्कासित करें; उनसे लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिलवाएं; और 11 पीड़ित छात्राओं से सार्वजनिक माफी माँगें। कांग्रेस ने अब तक इन माँगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह देखना बाकी है कि प्रदर्शन के बाद राजनीतिक दबाव में कांग्रेस का रुख बदलता है या नहीं।