भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का हमला: अखिलेश यादव का पीडीए 'परिवार विकास प्राधिकरण' मात्र
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने 15 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) का दावा वास्तव में खोखला है और यह सिर्फ एक परिवार तक सीमित होकर रह गया है। त्रिपाठी ने लैपटॉप वितरण, वोटर-लिस्ट में कथित गड़बड़ियों और सपा के कथित वामपंथी जुड़ाव को लेकर एक साथ कई मोर्चों पर सपा को घेरा।
पीडीए पर सीधा वार
राकेश त्रिपाठी ने कहा कि आम जनता भली-भाँति जानती है कि पीडीए की असलियत क्या है। उनके अनुसार यह नारा व्यवहार में 'परिवार विकास प्राधिकरण' बनकर रह गया है, जिसमें केवल डिंपल यादव और अखिलेश यादव का परिवार ही लाभार्थी है। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि 'किसी और की संपत्ति को अपनी संपत्ति' मान लेने की प्रवृत्ति इस राजनीति की पहचान बन चुकी है।
लैपटॉप विवाद और छात्र-राजनीति
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में भेदभाव करते हुए चुनिंदा छात्रों को ही लैपटॉप वितरित किए थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हीं लैपटॉप के ज़रिए बाद में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में प्रचार हुआ। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 2 करोड़ छात्रों को लैपटॉप देने का लक्ष्य पूरा करने का दावा किया है। त्रिपाठी ने कहा कि ये लैपटॉप छात्रों की पढ़ाई में सहायक साबित हो रहे हैं और छात्र वर्ग भाजपा के साथ खड़ा है।
नेहा बोरा प्रकरण और राष्ट्र-विरोध का आरोप
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी द्वारा नेहा बोरा की तारीफ किए जाने पर भाजपा प्रवक्ता ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा अपने खेमे में नेता तैयार करने में असमर्थ हैं और वामपंथी विचारधारा से नेता 'उधार' लेती हैं। उन्होंने कहा, 'इंशाअल्लाह, भारत के टुकड़े-टुकड़े होंगे' जैसे नारे लगाने वालों को इन दलों का संरक्षण मिलना चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहा बोरा बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में लोकतंत्र को कुचलने की वकालत करती हैं, और सपा द्वारा उन्हें 'पोस्टर गर्ल' बनाना पार्टी की राष्ट्र-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
सपा पर भ्रम फैलाने का आरोप
त्रिपाठी ने अपने बयान को यहीं नहीं रोका। उन्होंने कहा कि सपा की पुरानी आदत भ्रम फैलाने और जनता को गुमराह करने की रही है। उनके अनुसार वोटर-लिस्ट में गड़बड़ियों के आरोप भी इसी भ्रम-फैलाओ रणनीति का हिस्सा हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो रही हैं और दोनों दलों के बीच वाकयुद्ध नई ऊँचाइयों पर पहुँच रहा है।
आगे की राजनीतिक दिशा
भाजपा के इस बहु-आयामी हमले के जवाब में सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पीडीए की काट के लिए भाजपा का यह आक्रामक रुख आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।