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2029 लोकसभा चुनाव: पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत से BJP को रिकॉर्ड सीटें मिलेंगी — CM हिमंता बिस्वा सरमा

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2029 लोकसभा चुनाव: पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत से BJP को रिकॉर्ड सीटें मिलेंगी — CM हिमंता बिस्वा सरमा

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दिल्ली में दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की 142 सीटें BJP की जीत की धुरी बनेंगी। यह बयान तब आया जब BJP इन क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक और आर्थिक पकड़ को एक साथ मजबूत करने में जुटी है।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 22 जून को नई दिल्ली में दावा किया कि 2029 लोकसभा चुनाव में BJP पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत से रिकॉर्ड सीटें जीतेगी।
पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में 25 लोकसभा सीटें हैं; पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड सहित पूर्वी भारत में 117 सीटें हैं।
दोनों क्षेत्रों की कुल 142 सीटें — 543 सदस्यीय लोकसभा में — किसी भी पार्टी के लिए निर्णायक मानी जाती हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव में NDA ने पूर्वोत्तर में बहुमत हासिल किया था और BJP ने असम में अपना दबदबा बनाए रखा था।
सरमा ने इन क्षेत्रों के राजनीतिक और आर्थिक एकीकरण को 'विकास के नए कॉरिडोर' के रूप में रेखांकित किया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार, 22 जून को नई दिल्ली में आयोजित एक मीडिया समिट में दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्र निर्णायक भूमिका निभाएंगे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) इन इलाकों से रिकॉर्ड संख्या में सीटें जीतने की स्थिति में होगी। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब BJP 2029 के संसदीय चुनावों से पहले अपने समर्थन आधार को व्यापक बनाने में जुटी है।

मुख्यमंत्री सरमा का दावा

मुख्यमंत्री सरमा ने मीडिया समिट में कहा, 'पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्य 2029 के आगामी आम चुनावों में निर्णायक संख्या में सीटें देंगे। भारत का यह हिस्सा पार्टी की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह पूरा क्षेत्र राजनीतिक और आर्थिक रूप से एकजुट हो रहा है, जिससे देश में विकास का एक नया कॉरिडोर उभर रहा है।

सरमा के अनुसार, 'आज पूरा पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्र एक साथ आ रहा है — हम राजनीतिक और आर्थिक रूप से एकजुट हो रहे हैं और इस उभरती हुई एकता का भारत के भविष्य पर गहरा असर पड़ेगा।'

चुनावी महत्व: 142 सीटों का समीकरण

पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में लोकसभा की 25 सीटें हैं, जबकि पूर्वी भारत — जिसमें पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड शामिल हैं — से लोकसभा में लगभग 117 सदस्य चुनकर आते हैं। दोनों क्षेत्रों को मिलाकर 543 सदस्यों वाली लोकसभा में कुल लगभग 142 सीटें हैं, जो इन्हें राष्ट्रीय पार्टियों के लिए चुनावी मुकाबले का एक निर्णायक मैदान बनाती हैं।

गौरतलब है कि किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 272 सीटों का जादुई आँकड़ा चाहिए होता है — ऐसे में इन दोनों क्षेत्रों की 142 सीटें किसी भी पार्टी की रणनीति में केंद्रीय भूमिका निभाती हैं।

पूर्वोत्तर में BJP का बढ़ता दबदबा

BJP ने पिछले एक दशक में पूर्वोत्तर में अपना प्रभाव लगातार बढ़ाया है और इस समय इस क्षेत्र के अधिकांश राज्यों में सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है। 2024 के लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने पूर्वोत्तर में बहुमत हासिल किया था, जबकि BJP ने असम में अपना चुनावी दबदबा बनाए रखा। यह ऐसी पृष्ठभूमि है जिसमें सरमा का 2029 को लेकर आत्मविश्वास समझा जा सकता है।

राजनीतिक और आर्थिक एकीकरण की रणनीति

मुख्यमंत्री सरमा ने राजनीतिक दावों के साथ-साथ आर्थिक एकीकरण को भी रेखांकित किया। उनके अनुसार, पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्य तेजी से आर्थिक रूप से एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं, जिससे 'विकास और तरक्की का एक नया कॉरिडोर' बन रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान BJP की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें पार्टी पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत को अपनी दीर्घकालिक चुनावी योजना का केंद्र बना रही है।

आगे क्या

2029 के लोकसभा चुनाव अभी चार वर्ष दूर हैं, लेकिन इन क्षेत्रों में विभिन्न राज्य विधानसभा चुनाव इससे पहले ही BJP की ज़मीनी ताकत की असली परीक्षा लेंगे। पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्य में BJP और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच कड़ी टक्कर को देखते हुए, सरमा का यह दावा कितना व्यावहारिक सिद्ध होगा, यह आने वाले चुनावी नतीजे तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूर्वी भारत की 117 सीटों पर दावा करना एक बड़ा छलांग है जिसे 2024 के नतीजे पूरी तरह नहीं ठहराते। असली सवाल यह है कि क्या आर्थिक एकीकरण की यह भाषा ज़मीनी मतदाताओं तक पहुँचती है, या यह केवल मीडिया समिट की बयानबाजी बनकर रह जाती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमंता बिस्वा सरमा ने 2029 लोकसभा चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 22 जून को नई दिल्ली में एक मीडिया समिट में दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में BJP पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत से रिकॉर्ड संख्या में सीटें जीतेगी। उनके अनुसार यह क्षेत्र पार्टी की जीत सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में कुल कितनी लोकसभा सीटें हैं?
पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में 25 लोकसभा सीटें हैं, जबकि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड सहित पूर्वी भारत में लगभग 117 सीटें हैं। दोनों क्षेत्रों को मिलाकर 543 सदस्यीय लोकसभा में कुल लगभग 142 सीटें बनती हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव में पूर्वोत्तर में BJP का प्रदर्शन कैसा रहा था?
2024 के लोकसभा चुनावों में NDA ने पूर्वोत्तर में बहुमत हासिल किया था और BJP ने असम में अपना चुनावी दबदबा बनाए रखा था। BJP इस समय पूर्वोत्तर के अधिकांश राज्यों में सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है।
सरमा ने पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के आर्थिक एकीकरण से क्या आशय लिया?
सरमा के अनुसार पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्य राजनीतिक और आर्थिक रूप से तेजी से एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं, जिससे देश में विकास और तरक्की का एक नया कॉरिडोर बन रहा है। उनका कहना था कि इस उभरती एकता का भारत के भविष्य पर गहरा असर पड़ेगा।
2029 के लोकसभा चुनाव में पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्र BJP के लिए क्यों अहम हैं?
इन दोनों क्षेत्रों की कुल 142 सीटें 543 सदस्यीय लोकसभा में बहुमत की दिशा में निर्णायक योगदान दे सकती हैं। BJP इन क्षेत्रों को अपनी दीर्घकालिक चुनावी रणनीति का केंद्र मानती है और 2029 से पहले यहाँ अपना समर्थन आधार और मजबूत करना चाहती है।
राष्ट्र प्रेस
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