अमन अरोड़ा का भाजपा पर हमला: व्यापारियों और धर्म दोनों मोर्चों पर दोहरी राजनीति का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने 9 जून 2026 को चंडीगढ़ के उद्योग भवन में मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना के उद्योगपतियों के साथ बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर व्यापार नीति और सामाजिक सौहार्द दोनों मोर्चों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियाँ देशभर के व्यापारियों को गलत संदेश दे रही हैं।
व्यापारियों के हितों की अनदेखी का आरोप
अरोड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने करीबियों और समर्थकों को संरक्षण देती है, जबकि आम व्यापारी वर्ग पर दमनकारी नीतियों का बोझ डाला जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा स्वयं को हिंदुओं की पार्टी बताती है, लेकिन उसकी सरकार की नीतियों से भारतीय हिंदू व्यापारी भी प्रभावित हो रहे हैं। उनके अनुसार, व्यापारी वर्ग के हितों की अनदेखी से पंजाब सहित पूरे देश में नकारात्मक माहौल बन रहा है।
दमदमी टकसाल विवाद और 2027 चुनावों की छाया
दमदमी टकसाल से जुड़े मुद्दे पर भाजपा की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर अरोड़ा ने कहा कि भाजपा को इस मामले में अपना रुख जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम से साफ संकेत मिलता है कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पंजाब में हिंदू-सिख समुदायों के बीच ध्रुवीकरण की राजनीति करने की कोशिश कर रही है।
अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि पंजाब देश के सबसे धर्मनिरपेक्ष राज्यों में से एक है, जहाँ लोगों ने आतंकवाद का लंबा और कठिन दौर झेला है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यहाँ की जनता ने हमेशा भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव को प्राथमिकता दी है और ऐसी विभाजनकारी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
तृणमूल कांग्रेस बगावत पर भाजपा पर निशाना
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के करीब 20 सांसदों के बागी होने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए अरोड़ा ने भाजपा पर विपक्षी दलों को भीतर से कमजोर करने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) लगातार यह कहती रही है कि भाजपा विभिन्न राज्यों में विपक्ष को समाप्त करने पर काम कर रही है।
ईडी के दुरुपयोग का आरोप
अरोड़ा ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय जाँच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक परिस्थितियाँ हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं और सत्ता का दुरुपयोग करने वालों को समय आने पर जनता जवाब देती है।
आगे क्या
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और AAP तथा भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।