सिक्किम बजट 2026-27: BJP ने ₹18,455 करोड़ के बजट का स्वागत किया, राजस्व बढ़ाने और रोजगार पर जोर देने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सिक्किम सरकार के वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत ₹18,455 करोड़ के बजट को विकास-उन्मुख बताते हुए उसका स्वागत किया है। साथ ही पार्टी ने राज्य सरकार से राजस्व जुटाने, परियोजनाओं को समय-सीमा में लागू करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर अधिक ध्यान देने का आग्रह किया है। यह बजट मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने 23 जुलाई 2026 को पेश किया था।
बजट की मुख्य विशेषताएँ
सिक्किम BJP के प्रवक्ता पासंग शेरपा ने कहा कि इस बजट में किसानों के हित, सड़क अवसंरचना के सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कई सकारात्मक पहलें शामिल हैं। बजट में पूंजीगत व्यय के लिए ₹5,896 करोड़ और राजस्व व्यय के लिए ₹11,733 करोड़ का आवंटन किया गया है। शेरपा ने कहा कि अवसंरचना में यह निवेश सिक्किम की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
सड़क और कृषि क्षेत्र को मिला प्रोत्साहन
बजट में मैस्टिक डामर तकनीक से मौसम-रोधी सड़क निर्माण के लिए ₹546 करोड़ और सड़क मरम्मत के लिए ₹362 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसकी BJP ने सराहना की। हालाँकि, शेरपा ने सुझाव दिया कि सड़क सुधार कार्य पहले दूरदराज के गाँवों में शुरू किया जाए और उसके बाद पर्यटन स्थलों तक विस्तारित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित विकास और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।
कृषि क्षेत्र में 'राज्य ब्याज सहायता योजना' का भी स्वागत किया गया, जिसके तहत किसान क्रेडिट कार्ड फसल ऋण समय पर चुकाने वाले किसानों को केवल 1% ब्याज देना होगा। शेष 3% केंद्र सरकार और 3% राज्य सरकार वहन करेगी।
स्वास्थ्य और आवास पर ध्यान
STNS अस्पताल में सहायक प्रजनन तकनीक (ART) केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को शेरपा ने एक समयोचित पहल बताया। उन्होंने इसे सिक्किम की घटती प्रजनन दर पर CAG की चिंताओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण कदम करार दिया। इसके अलावा, 'सिक्किम गरीब आवास योजना' के तहत 197 घर बनाने की घोषणा का भी BJP ने स्वागत किया।
रोजगार और वित्तीय आत्मनिर्भरता पर चिंता
BJP प्रवक्ता ने कहा कि 'सिक्किम इंस्पाइर्स' कार्यक्रम एक सकारात्मक पहल है, लेकिन युवाओं के लिए सार्थक रोजगार अवसर सृजित करने और राज्य के कुशल कार्यबल को सशक्त बनाने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता आवश्यक होगी। उन्होंने डेयरी फार्मिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में कम बजट आवंटन पर भी चिंता जताई, जबकि इन क्षेत्रों में रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की व्यापक संभावनाएँ हैं।
शेरपा ने वित्तीय आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सिक्किम की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए राज्य को उधार और केंद्रीय अनुदान पर अत्यधिक निर्भरता घटाकर अपने स्वयं के राजस्व स्रोत विकसित करने होंगे। उन्होंने राज्य सरकार से कंपनीज एक्ट 1961 और 2013 के प्रावधानों को केंद्र के साथ समन्वय कर लागू करने और स्टेट बैंक ऑफ सिक्किम की क्षमता का उपयोग करने का आग्रह किया।
क्रियान्वयन ही असली परीक्षा
शेरपा ने आगाह किया कि केंद्र से निरंतर वित्त पोषण बनाए रखने के लिए परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा करना अनिवार्य है, अन्यथा धनराशि अन्य राज्यों को हस्तांतरित हो सकती है। गौरतलब है कि यह बजट सामान्य समय-सीमा से देर से प्रस्तुत किया गया, ऐसे में शेरपा ने कहा कि शेष वित्तीय वर्ष में इसका प्रभावी क्रियान्वयन ही सरकार की वास्तविक प्रतिबद्धता की कसौटी होगा।