बीआरएस नेता और नरसमपेट के पूर्व विधायक पेड्डी सुदर्शन रेड्डी का 52 वर्ष की आयु में निधन
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के वरिष्ठ नेता और नरसमपेट के पूर्व विधायक पेड्डी सुदर्शन रेड्डी का 31 जुलाई 2026 को हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 52 वर्ष के थे। 26 जुलाई को कार्डियक अरेस्ट के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए सुदर्शन रेड्डी वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे और अंततः शुक्रवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके परिवार में पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री हैं।
बीमारी और उपचार का क्रम
हनमकोंडा स्थित अपने आवास पर सुदर्शन रेड्डी अचानक गंभीर रूप से अस्वस्थ हो गए, जिसके बाद उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल में आपातकालीन उपचार दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म — अर्थात फेफड़ों में रक्त का थक्का जमने — के कारण कार्डियक अरेस्ट हुआ था।
चिकित्सकों ने लगभग 45 मिनट तक सीपीआर देकर उन्हें होश में लाया, परंतु न्यूरोलॉजिकल रिस्पॉन्स न मिलने के कारण स्थिति गंभीर बनी रही। मेडिकल जाँच में पुष्टि हुई कि लंबे समय तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित रहने से उनके मस्तिष्क को गंभीर क्षति पहुँची थी। इसके बाद उन्हें हैदराबाद के निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहाँ वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहे।
राजनीतिक सफर और तेलंगाना आंदोलन में भूमिका
6 अगस्त 1974 को वारंगल जिले के एक किसान परिवार में जन्मे सुदर्शन रेड्डी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत यूथ कांग्रेस से की। 2001 में जब के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की स्थापना की, तो सुदर्शन रेड्डी उनके साथ जुड़ गए और तेलंगाना को अलग राज्य का दर्जा दिलाने के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने नल्लाबेल्ली मंडल से जिला परिषद क्षेत्रीय समिति (जेडपीटीसी) सदस्य के रूप में कार्य किया और जिला परिषद फ्लोर लीडर का दायित्व भी संभाला। अविभाजित वारंगल जिले के पार्टी अध्यक्ष और राज्य पोलित ब्यूरो के सदस्य के रूप में उन्होंने वारंगल में आयोजित बड़ी जनसभाओं और रैलियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
2014 के विधानसभा चुनाव में नरसमपेट से टीआरएस उम्मीदवार के रूप में वे जीत हासिल नहीं कर पाए, लेकिन 2018 में दूसरे प्रयास में उन्होंने नरसमपेट विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की। 2018 से 2023 के बीच उन्होंने तेलंगाना राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष और विधानसभा की लोक लेखा समिति के सदस्य के रूप में उल्लेखनीय योगदान दिया।
नेताओं की श्रद्धांजलि
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सुदर्शन रेड्डी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि तेलंगाना आंदोलन में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है। उन्होंने परिजनों और शुभचिंतकों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट कीं।
बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर ने इस निधन को तेलंगाना के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि उन्होंने एक करीबी मित्र एवं भरोसेमंद साथी को खो दिया है। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव ने कहा कि यह खबर दिल तोड़ने वाली है और तेलंगाना राज्य गठन आंदोलन में सुदर्शन रेड्डी की भूमिका सदा स्मरणीय रहेगी।
आगे क्या
सुदर्शन रेड्डी के निधन के साथ बीआरएस ने एक जमीनी स्तर के संगठनकर्ता और केसीआर परिवार के विश्वस्त सहयोगी को खो दिया है। तेलंगाना की राजनीति में उनके योगदान और आंदोलन की विरासत को पार्टी आने वाले समय में याद करती रहेगी।