बुड्ढा अमरनाथ यात्रा 2026 रवाना: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू से दिखाई हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से श्री बुड्ढा अमरनाथ जी यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित एवं आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक यात्रा की शुभकामनाएँ दीं।
यात्रा का मार्ग और महत्व
यह वार्षिक 12 दिवसीय पवित्र तीर्थयात्रा जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से आरंभ होकर राजौरी और सुंदरबनी होते हुए पुंछ जिले के राजपुरा और मंडी तक लगभग 230 किलोमीटर की दूरी तय करती है। यात्रा का गंतव्य उत्तर-पश्चिम में 4,600 फीट की ऊँचाई पर स्थित प्राचीन बुड्ढा अमरनाथ मंदिर है, जहाँ स्वयंभू श्वेत पत्थर का शिवलिंग विराजमान है।
परंपरा के अनुसार श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना से पूर्व समीपवर्ती पुलस्त्य नदी में पवित्र स्नान करते हैं। गौरतलब है कि यह तीर्थस्थल जम्मू-कश्मीर के हिंदू श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आस्था केंद्र है।
उपराज्यपाल का संबोधन
उपराज्यपाल सिन्हा ने इस अवसर पर कहा, 'बाबा बुड्ढा अमरनाथ के धाम की पवित्र यात्रा एक गहरा ज्ञान देने वाला अनुभव है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह तीर्थयात्रा हर श्रद्धालु के जीवन में गहरा बदलाव लाती है और जीवन के गहरे सत्यों से परिचित कराती है।'
उन्होंने बाबा अमरनाथ और बुड्ढा अमरनाथ यात्री न्यास, विश्व हिंदू परिषद (VHP), बजरंग दल, स्थानीय प्रशासन, लंगर संगठनों और नागरिक समाज समूहों के बेहतरीन तालमेल और व्यापक प्रबंधों की सराहना की।
समारोह में उपस्थित गणमान्य
हरी झंडी दिखाने के इस समारोह में कई著名 आध्यात्मिक गुरु, धार्मिक नेता, जन-प्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, सुरक्षा अधिकारी और बड़ी संख्या में उत्साहित श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सुरक्षा और प्रशासनिक प्रबंध
यात्रा की सुरक्षा और समन्वय की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा बलों तथा बाबा अमरनाथ और बुड्ढा अमरनाथ यात्री न्यास जैसे सामुदायिक संगठनों पर है। यह यात्रा ऐसे समय में आरंभ हुई है जब श्री अमरनाथ जी यात्रा — जो 3 जुलाई को शुरू हुई थी — 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन पर्व के साथ समापन की ओर अग्रसर है।
आगे क्या
श्रद्धालुओं का यह पहला जत्था अब 230 किलोमीटर की पर्वतीय यात्रा पर निकल पड़ा है। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और लंगर सेवाओं की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि अपेक्षित है।