सीबीआई ने मुनिशन्स इंडिया के कार्यकारी निदेशक को रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया, ₹2.23 करोड़ नकद बरामद
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 13 अक्टूबर 2026 को रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड (MIL) के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार सहित तीन लोगों को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने सरकारी लाभ दिलाने के बदले निजी ठेकेदारों से अवैध रिश्वत की मांग की और उसे स्वीकार किया। एजेंसी ने तलाशी अभियान में कुल ₹2.23 करोड़ नकद बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
सीबीआई के बुधवार को जारी बयान के अनुसार, तीनों गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है — पुणे स्थित मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार, निजी रक्षा कंपनी मेसर्स एसएमपीपी लिमिटेड के सीईओ एवं निदेशक/प्रमोटर आशीष कंसल, और अनिल कुमार के भाई बी. हर्षवर्धन।
मामला 12 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया था। अनिल कुमार पर आरोप है कि उन्होंने लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कुछ निजी ठेकेदारों और विक्रेताओं के साथ आपराधिक समझौता किया।
तलाशी में करोड़ों की नकदी बरामद
पुणे में अनिल कुमार के परिसर में छापे के दौरान सीबीआई ने ₹1.73 करोड़ नकद बरामद किए। इसके बाद मैसूरु, बेंगलुरु और दिल्ली में आरोपियों से जुड़े अन्य परिसरों पर तलाशी ली गई, जहाँ से ₹50 लाख अतिरिक्त नकद और आपत्तिजनक दस्तावेज़ मिले।
एजेंसी के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि समस्त तलाशी में बरामद कुल नकदी लगभग ₹2.23 करोड़ है। बरामद दस्तावेज़ों की जांच जारी है।
मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड और मामले की पृष्ठभूमि
मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड एक रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है जो गोला-बारूद और विस्फोटकों के निर्माण में संलग्न है। गौरतलब है कि रक्षा क्षेत्र में खरीद और आपूर्ति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को भी उठाते हैं, क्योंकि इसमें शामिल कंपनियाँ सैन्य सामग्री की आपूर्ति से सीधे जुड़ी होती हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार रक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और 'मेक इन इंडिया' के अंतर्गत स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।
जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि लोक सेवक और निजी ठेकेदारों के बीच कथित सांठगांठ की जांच अभी जारी है। एजेंसी को मामले से जुड़ी और महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
तीनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की गहराई से पड़ताल के लिए एजेंसी अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों और कंपनियों की भी जांच कर रही है।