सीडीएस जनरल अनिल चौहान की यूके यात्रा: आधुनिक युद्धों की चुनौतियों पर गहन चर्चा
सारांश
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नई दिल्ली, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान आधिकारिक यात्रा पर यूनाइटेड किंगडम पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत बनाने के लिए उच्चस्तरीय बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लिया।
इस अवसर पर, उन्होंने यूके के रक्षा राज्य मंत्री ल्यूक पोलार्ड से महत्वपूर्ण बातचीत की। इस बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। चर्चा का केंद्र आधुनिक युद्धों की प्रकृति, वर्तमान सैन्य चुनौतियाँ, और सैन्य-से-सैन्य सहयोग को और अधिक सशक्त करने पर रहा। सीडीएस ने इंडो-पैसिफिक मामलों की राज्य मंत्री सीमा मल्होत्रा के साथ भी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की।
बैठक के दौरान, भारत-यूके साझेदारी, रक्षा औद्योगिक रोडमैप, और प्रौद्योगिकी तथा सुरक्षा से जुड़ी सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का मिलकर सामना करने के लिए दोनों पक्षों ने समन्वय बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। साइबर, इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए भी विशेष बल दिया गया। इसके साथ ही, सूचना सुरक्षा, सूचना स्थिरता और विशेष प्रशिक्षण आदान-प्रदान को प्राथमिकता देने की बात कही गई। दोनों देशों ने भविष्य के लिए सक्षम और मजबूत सशस्त्र बलों के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
इन महत्वपूर्ण बैठकों से पहले, सीडीएस अनिल चौहान ने यूके में एक उच्चस्तरीय राउंडटेबल सम्मेलन का संचालन किया, जिसमें कई प्रमुख अधिकारी, थिंक टैंक और विशेषज्ञ शामिल हुए। इस राउंडटेबल का विषय 'भारतीय सैन्य परिवर्तन: चुनौतियाँ और अवसर' था। चर्चा में वैश्विक रणनीतिक परिदृश्य में बदलाव और सैन्य बदलावों की आवश्यकता पर विचार हुआ। इसमें उन्नत तकनीकों के महत्व, ऑपरेशनल क्षमताओं के विस्तार और रक्षा, साइबर व इंटेलिजेंस क्षेत्रों में बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया।
अपनी यात्रा के दौरान, अनिल चौहान को औपचारिक ‘सेरेमोनियल स्टेप लाइन’ सम्मान से नवाजा गया। उनका स्वागत यूके के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ सर रिचर्ड नाइटन ने किया। उन्होंने यूके में भारत के उच्चायुक्त से भी मुलाकात की। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा भारत और यूके के बीच रक्षा, इंटेलिजेंस, साइबर सहयोग, संयुक्त अभ्यास और रणनीतिक संवाद को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करेगी।
ध्यान देने योग्य है कि पिछले वर्ष के अंत में, भारत और यूनाइटेड किंगडम की सेनाओं ने संयुक्त युद्धाभ्यास ‘अजेय वॉरियर’ का आयोजन किया था। इस दौरान, दोनों सेनाओं ने आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का अभ्यास किया। भारत और यूके के वीर जवानों ने हेलीकॉप्टर की सहायता से आतंकवादियों के ठिकानों पर पहुंचने, उन पर हमला करने और सुरक्षित वापस लौटने का अभ्यास किया। यह अभ्यास राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में किया गया था, जिसमें भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट और ब्रिटिश सेना की टुकड़ियाँ शामिल थीं।