सीडीएस जनरल अनिल चौहान की ब्रिटेन यात्रा: RAF वैली में तैनात होंगे भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर

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सीडीएस जनरल अनिल चौहान की ब्रिटेन यात्रा: RAF वैली में तैनात होंगे भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर

सारांश

भारतीय सीडीएस की पहली आधिकारिक ब्रिटेन यात्रा महज़ एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह दोनों देशों के रक्षा संबंधों को नई ऊँचाई देने का ठोस कदम था। RAF वैली में भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टरों की तैनाती और 10 वर्षीय रोडमैप मिलकर एक गहरी सैन्य साझेदारी की नींव रख रहे हैं।

Key Takeaways

  • सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने 19 से 21 अप्रैल 2025 के बीच ब्रिटेन की पहली आधिकारिक यात्रा की।
  • भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर जल्द RAF वैली में तैनात किए जाएंगे।
  • भारतीय सैन्य प्रशिक्षक पहले से ही ब्रिटेन की तीनों अधिकारी प्रशिक्षण अकादमियों में तैनात हैं।
  • दोनों देशों के बीच 10 वर्षीय रक्षा औद्योगिक रोडमैप पहले से लागू है।
  • साइबर, इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष सहमति बनी।
  • यूके रक्षा राज्य मंत्री ल्यूक पोलार्ड और इंडो-पैसिफिक मंत्री सीमा मल्होत्रा से महत्वपूर्ण वार्ता हुई।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने 19 से 21 अप्रैल 2025 के बीच ब्रिटेन की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा की — जो किसी भारतीय सीडीएस की पहली आधिकारिक ब्रिटेन यात्रा है। इस यात्रा के दौरान तय हुआ कि भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर जल्द ही RAF वैली में तैनात किए जाएंगे। रक्षा विशेषज्ञों ने इसे भारत-ब्रिटेन रक्षा सहयोग में एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया है।

मुख्य घटनाक्रम

ब्रिटेन के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन ने जनरल चौहान का स्वागत किया। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और भविष्य की सैन्य योजनाओं पर गहन चर्चा हुई। जनरल चौहान ने ब्रिटेन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, मंत्रियों, शिक्षाविदों और थिंक टैंक प्रतिनिधियों के साथ-साथ ब्रिटिश रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।

इस यात्रा में यूके के रक्षा राज्य मंत्री ल्यूक पोलार्ड से भी भेंट हुई, जिसमें आधुनिक युद्धों के बदलते स्वरूप, सैन्य चुनौतियों और सैन्य-से-सैन्य सहयोग को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। जनरल चौहान ने इंडो-पैसिफिक मामलों की राज्य मंत्री सीमा मल्होत्रा के साथ भी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की।

RAF वैली तैनाती और प्रशिक्षण सहयोग

सबसे अहम घोषणा यह रही कि आने वाले समय में भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग प्रशिक्षकों को ब्रिटेन के RAF वैली में तैनात किया जाएगा। यह कदम दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण और परस्पर समझ को और गहरा करेगा। गौरतलब है कि भारतीय सैन्य प्रशिक्षक पहले से ही ब्रिटेन की तीनों अधिकारी प्रशिक्षण अकादमियों में तैनात हैं — RAF वैली की तैनाती इस श्रृंखला का अगला चरण है।

रक्षा औद्योगिक रोडमैप और उभरते क्षेत्र

दोनों देशों के बीच 10 वर्षीय रक्षा औद्योगिक रोडमैप पहले ही तैयार किया जा चुका है, जो भविष्य के सहयोग का आधार है। बैठकों में साइबर, इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। रक्षा क्षेत्र में सहयोग, रोज़गार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि रक्षा सहयोग केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि आर्थिक साझेदारी को भी मज़बूत करता है।

रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज और राउंडटेबल

जनरल चौहान ने प्रतिष्ठित रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज का दौरा कर ग्लोबल स्ट्रेटेजिक प्रोग्राम और पिनेकल कोर्स के अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों से संवाद किया। इसके अलावा उन्होंने 'भारतीय सैन्य परिवर्तन: चुनौतियाँ और अवसर' विषय पर एक उच्चस्तरीय राउंडटेबल सम्मेलन का नेतृत्व किया, जिसमें प्रमुख अधिकारी, थिंक टैंक और विशेषज्ञ शामिल हुए। यात्रा के दौरान जनरल चौहान को औपचारिक सेरेमोनियल स्टेप लाइन सम्मान दिया गया और उन्होंने यूके में भारत के उच्चायुक्त से भी भेंट की।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उभरती चुनौतियों के मद्देनज़र दोनों देश समन्वय बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। भारत-ब्रिटेन रक्षा साझेदारी की यह गहराती जड़ें न केवल द्विपक्षीय सुरक्षा को, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को भी नई दिशा देने का संकेत देती हैं।

Point of View

फ्रांस, इज़राइल — संभाल रहा है। असली कसौटी यह होगी कि 10 वर्षीय रोडमैप के तहत तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन की प्रतिबद्धताएँ ज़मीन पर कितनी उतरती हैं, क्योंकि इस तरह के रोडमैप अक्सर घोषणाओं तक सिमट जाते हैं।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

सीडीएस जनरल अनिल चौहान की ब्रिटेन यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
यह भारतीय सीडीएस की पहली आधिकारिक ब्रिटेन यात्रा थी, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और भविष्य की सैन्य योजनाओं को आगे बढ़ाना था। इस यात्रा में RAF वैली में भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टरों की तैनाती का निर्णय भी लिया गया।
RAF वैली में भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर क्यों तैनात किए जाएंगे?
RAF वैली में भारतीय फ्लाइंग इंस्ट्रक्टरों की तैनाती दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण सहयोग को गहरा करने की दिशा में उठाया गया कदम है। भारतीय प्रशिक्षक पहले से ब्रिटेन की तीनों अधिकारी प्रशिक्षण अकादमियों में मौजूद हैं और यह तैनाती उसी श्रृंखला का विस्तार है।
भारत और ब्रिटेन के बीच 10 वर्षीय रक्षा औद्योगिक रोडमैप क्या है?
यह दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग सहयोग, तकनीक साझेदारी और संयुक्त उत्पादन के लिए एक दीर्घकालिक ढाँचा है जो पहले से लागू है। यह रोडमैप रोज़गार सृजन और आर्थिक विकास को भी रक्षा सहयोग से जोड़ता है।
जनरल चौहान ने ब्रिटेन में किन प्रमुख नेताओं से मुलाकात की?
जनरल चौहान ने यूके के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन, रक्षा राज्य मंत्री ल्यूक पोलार्ड और इंडो-पैसिफिक मामलों की राज्य मंत्री सीमा मल्होत्रा से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, शिक्षाविदों, थिंक टैंक और रक्षा उद्योग प्रतिनिधियों से भी संवाद किया।
इस यात्रा में साइबर और अंतरिक्ष सहयोग पर क्या चर्चा हुई?
बैठकों में साइबर, इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का मिलकर सामना करने के लिए दोनों पक्षों ने समन्वय बढ़ाने पर सहमति जताई।
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