17 अगस्त 2026
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'बीएटी बीएमएस' ऐप पर केंद्र की कार्रवाई: गूगल प्ले और ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश, ई-रिक्शा सुरक्षा पर उठे सवाल

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'बीएटी बीएमएस' ऐप पर केंद्र की कार्रवाई: गूगल प्ले और ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश, ई-रिक्शा सुरक्षा पर उठे सवाल

सारांश

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल कदम उठाया — कथित चीनी ऐप 'बीएटी बीएमएस' को गूगल प्ले और ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया गया। यह ऐप ब्लूटूथ के ज़रिए 10-15 मीटर की दूरी से चलते ई-रिक्शा को बंद कर सकता था, जो लाखों चालकों की आजीविका और सड़क सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर खतरा था।

मुख्य बातें

आईटी मंत्रालय ने 3 जुलाई 2026 को गूगल और एप्पल को कथित चीनी ऐप 'बीएटी बीएमएस' अपने-अपने स्टोर से हटाने का निर्देश दिया।
यह ऐप ब्लूटूथ के ज़रिए 10 से 15 मीटर की दूरी से चालक की अनुमति के बिना ई-रिक्शा की बैटरी का डिस्चार्ज स्विच बंद कर सकता था।
सरकार ने सुरक्षा जोखिम और दुरुपयोग की संभावना को इस कार्रवाई की मुख्य वजह बताया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इस ऐप के ज़रिए ई-रिक्शा बंद करने के दृश्य सामने आए थे।
कम कीमत वाले ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाले चीनी बीएमएस में पर्याप्त ब्लूटूथ सुरक्षा नहीं होती, जो इस दुरुपयोग की मूल वजह है।

आईटी मंत्रालय ने 3 जुलाई 2026 को गूगल और एप्पल को निर्देश जारी किए कि वे अपने-अपने प्लेटफॉर्म — गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर — से कथित चीनी ऐप 'बीएटी बीएमएस' को तत्काल प्रभाव से हटाएँ। सूत्रों के अनुसार, यह कदम सुरक्षा जोखिमों और इस ऐप के दुरुपयोग की बढ़ती आशंका के चलते उठाया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कथित तौर पर दिखाया गया था कि इस ऐप के ज़रिए सड़क पर चलते ई-रिक्शा को ब्लूटूथ से दूर से बंद किया जा सकता है।

क्या है 'बीएटी बीएमएस' ऐप और यह कैसे काम करता है

ई-रिक्शा में लगी लिथियम-आयन बैटरी की निगरानी और सुरक्षा के लिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) लगाया जाता है। यह सिस्टम ब्लूटूथ के माध्यम से मोबाइल फोन से जुड़ता है, जिससे चालक बैटरी का चार्ज स्तर, वोल्टेज, तापमान, करंट और अन्य तकनीकी जानकारी देख सकते हैं।

हालाँकि, सूत्रों के अनुसार, कम कीमत वाले अधिकांश ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाले चीनी बीएमएस में ब्लूटूथ कनेक्शन के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। इसी कमज़ोरी का फायदा उठाकर कुछ लोग 'बीएटी बीएमएस' ऐप का उपयोग करते थे।

दुरुपयोग का तरीका और सुरक्षा जोखिम

जब यह ऐप इंस्टॉल किया गया मोबाइल किसी ई-रिक्शा के लगभग 10 से 15 मीटर के दायरे में आता है, तो यह ऐप बिना चालक की अनुमति के बीएमएस से कनेक्ट हो सकता है। इसके बाद ऐप के ज़रिए बैटरी के डिस्चार्ज स्विच को बंद कर दिया जाता है, जिससे मोटर तक बिजली की आपूर्ति रुक जाती है और ई-रिक्शा अचानक चलना बंद हो जाता है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में ई-रिक्शा की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और लाखों चालक अपनी आजीविका के लिए इन वाहनों पर निर्भर हैं। चलते वाहन का अचानक बंद होना न केवल चालक और सवारियों के लिए, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।

सरकार की कार्रवाई और पृष्ठभूमि

सूत्रों ने बताया कि आईटी मंत्रालय ने सुरक्षा जोखिमों और दुरुपयोग की संभावना को देखते हुए यह तत्काल निर्देश जारी किया। गौरतलब है कि भारत सरकार इससे पहले भी राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक हित के आधार पर कई चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा चुकी है। यह कार्रवाई उसी नीतिगत दिशा में एक और कदम मानी जा रही है।

गौरतलब है कि 'बीएटी बीएमएस' ऐप के ज़रिए ई-रिक्शा बंद करने के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुए थे, जिन्होंने जन-सुरक्षा को लेकर व्यापक चिंता पैदा की।

आगे क्या होगा

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गूगल और एप्पल इस निर्देश का पालन कितने समय में करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाले चीनी बीएमएस के लिए न्यूनतम साइबर सुरक्षा मानक भी तय करने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के दुरुपयोग की संभावना को जड़ से खत्म किया जा सके। ई-रिक्शा चालकों के संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली समस्या — लाखों ई-रिक्शा में लगे कमज़ोर बीएमएस — अभी भी बनी हुई है। जब तक न्यूनतम साइबर सुरक्षा मानक अनिवार्य नहीं किए जाते, तब तक कोई भी नया ऐप इसी खामी का फायदा उठा सकता है। यह प्रतिक्रियात्मक नीति नहीं, बल्कि संरचनात्मक समाधान माँगती है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'बीएटी बीएमएस' ऐप क्या है और इसे क्यों हटाया जा रहा है?
'बीएटी बीएमएस' एक कथित चीनी मोबाइल ऐप है जो ब्लूटूथ के ज़रिए ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से कनेक्ट होकर चालक की अनुमति के बिना वाहन को दूर से बंद कर सकता है। सुरक्षा जोखिम और दुरुपयोग की आशंका के चलते आईटी मंत्रालय ने इसे गूगल प्ले और ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया है।
यह ऐप ई-रिक्शा को कैसे बंद कर देता था?
जब यह ऐप इंस्टॉल किया गया मोबाइल किसी ई-रिक्शा के 10 से 15 मीटर के दायरे में आता था, तो यह बिना चालक की जानकारी के बीएमएस से ब्लूटूथ कनेक्शन बना लेता था। इसके बाद ऐप के ज़रिए बैटरी का डिस्चार्ज स्विच बंद कर दिया जाता था, जिससे मोटर को बिजली मिलनी बंद हो जाती थी और ई-रिक्शा अचानक रुक जाता था।
क्या सभी ई-रिक्शा इस खतरे से प्रभावित हैं?
सूत्रों के अनुसार, मुख्य रूप से वे कम कीमत वाले ई-रिक्शा इस खतरे की जद में हैं जिनमें चीनी बीएमएस लगे हैं और जिनमें ब्लूटूथ कनेक्शन के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। बेहतर सुरक्षा प्रोटोकॉल वाले बीएमएस इस तरह के अनधिकृत कनेक्शन को रोकने में सक्षम होते हैं।
सरकार का यह कदम ई-रिक्शा चालकों के लिए क्यों ज़रूरी था?
भारत में लाखों ई-रिक्शा चालक अपनी रोज़ी-रोटी के लिए इन वाहनों पर निर्भर हैं। चलते वाहन का अचानक बंद होना चालक, सवारियों और सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। इस दुरुपयोग की संभावना को देखते हुए सरकार ने तत्काल कार्रवाई को ज़रूरी माना।
क्या ऐप हटाने से समस्या पूरी तरह हल हो जाएगी?
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐप हटाना एक तात्कालिक उपाय है, लेकिन मूल समस्या — ई-रिक्शा में लगे असुरक्षित चीनी बीएमएस — अभी भी बनी रहेगी। जब तक इन उपकरणों के लिए न्यूनतम साइबर सुरक्षा मानक अनिवार्य नहीं किए जाते, तब तक इसी खामी का दूसरे तरीकों से दुरुपयोग संभव है।
राष्ट्र प्रेस
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