ई-रिक्शा बैटरी दुरुपयोग पर सरकार सख्त: BMS ऐप्स हटाए, साइबर सुरक्षा का राष्ट्रव्यापी ढाँचा तैयार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) मोबाइल एप्लिकेशन के ज़रिए बैटरियों के अनधिकृत रिमोट कंट्रोल के दुरुपयोग की रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए संबंधित ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने का आदेश दिया है। 22 जुलाई को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी सामने आई। इसके साथ ही सरकार ने डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी एकीकृत साइबर सुरक्षा ढाँचे की घोषणा भी की है।
मुख्य घटनाक्रम
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि सरकार ने डिजिटल इकोसिस्टम में साइबर सुरक्षा और डिजिटल लचीलेपन को मज़बूत करने के लिए एक समन्वित राष्ट्रीय ढाँचा तैयार किया है। यह ऐसे समय में आया है जब ई-रिक्शा चालकों की बैटरियाँ कथित तौर पर तृतीय-पक्ष ऐप्स के माध्यम से दूर से बंद की जा रही थीं, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही थी।
गौरतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के बयान के अनुसार, यह एकीकृत ढाँचा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक को केंद्र में रखकर बनाया गया है, जो विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच साइबर सुरक्षा समन्वय सुनिश्चित करेगा।
साइबर सुरक्षा ढाँचे के प्रमुख स्तंभ
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70बी के तहत नामित भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) को साइबर घटनाओं से निपटने की राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में स्थापित किया गया है। CERT-In द्वारा संचालित राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र (NCCC) साइबरस्पेस की निरंतर निगरानी कर खतरों का पता लगाता है और संबंधित संगठनों, राज्य सरकारों तथा हितधारक एजेंसियों के साथ सूचना साझा करता है।
इसके अतिरिक्त, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70ए के प्रावधानों के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (NCIIPC) की स्थापना देश की महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा के लिए की गई है।
उपभोक्ता संरक्षण और जागरूकता
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 — जिसे उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा प्रशासित किया जाता है — को वैश्वीकरण, प्रौद्योगिकी और ई-कॉमर्स के युग में उपभोक्ता संरक्षण ढाँचे को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से अधिनियमित किया गया था। मंत्रालय के अनुसार, साइबर स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता सामग्री कई सरकारी पोर्टलों के माध्यम से प्रसारित की जा रही है।
MeitY द्वारा कार्यान्वित 'सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता (ISEA)' परियोजना सूचना सुरक्षा के क्षेत्र में मानव संसाधन सशक्तिकरण और सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है।
आम जनता पर असर
ई-रिक्शा चालक, जो अपनी दैनिक आजीविका के लिए इन वाहनों पर निर्भर हैं, BMS ऐप्स के दुरुपयोग से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। अनधिकृत रिमोट एक्सेस के ज़रिए बैटरियाँ बंद किए जाने की घटनाएँ कथित तौर पर सामने आई थीं, जिससे चालकों को बीच रास्ते में वाहन रोकना पड़ रहा था। सरकार की इस कार्रवाई से ऐसे हज़ारों चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
आगे की राह
सरकार का यह कदम भारत के बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र में साइबर सुरक्षा की बढ़ती ज़रूरत को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे कनेक्टेड वाहनों की संख्या बढ़ेगी, BMS और IoT उपकरणों की सुरक्षा नीति की प्राथमिकता बनती जाएगी। आने वाले समय में सरकार से EV साइबर सुरक्षा मानकों पर विस्तृत दिशानिर्देश जारी होने की संभावना है।