13 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान को ₹340 करोड़, तेलंगाना को ₹265 करोड़: केंद्र ने कृषि योजनाओं के लिए जारी किए फंड

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान को ₹340 करोड़, तेलंगाना को ₹265 करोड़: केंद्र ने कृषि योजनाओं के लिए जारी किए फंड

सारांश

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 13 अगस्त को वर्चुअल बैठक में राजस्थान को ₹340.59 करोड़ और तेलंगाना को ₹265.12 करोड़ की मंजूरी दी। PMRKVY और कृषोन्नति योजना के तहत जारी ये फंड कृषि अवसंरचना, उत्पादकता और किसान कल्याण के लिए हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 13 अगस्त 2026 को राजस्थान के लिए ₹340.59 करोड़ और तेलंगाना के लिए ₹265.12 करोड़ की मंजूरी दी।
यह आवंटन PMRKVY और कृषोन्नति योजना के अंतर्गत दिया गया है।
चौहान ने तेलंगाना के किसान पहचान पत्र और उर्वरक वितरण मॉडल की सराहना की, लेकिन तिलहन-दलहन परियोजनाओं में व्यय की धीमी गति पर चिंता जताई।
राजस्थान में किसान क्रेडिट कार्ड की स्थिति सुधारने पर विशेष जोर दिया गया।
निर्णय भोपाल से आयोजित वर्चुअल बैठक में लिया गया, जिसमें कृषि सचिव आतिश चंद्र भी शामिल रहे।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 13 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PMRKVY) और कृषोन्नति योजना के अंतर्गत राजस्थान के लिए ₹340.59 करोड़ तथा तेलंगाना के लिए ₹265.12 करोड़ के आवंटन को मंजूरी दी। यह स्वीकृति दोनों राज्यों की वार्षिक कार्य योजनाओं और व्यय प्रगति की गहन समीक्षा के बाद दी गई।

वर्चुअल बैठक में हुआ निर्णय

यह वित्तीय मंजूरी भोपाल से आयोजित एक वर्चुअल बैठक के दौरान दी गई, जिसमें राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव शामिल हुए। बैठक में कृषि सचिव आतिश चंद्र और केंद्र व दोनों राज्यों के वरिष्ठ कृषि अधिकारी भी उपस्थित रहे। परियोजना अनुमोदन समिति की बैठकों में स्वीकृत योजनाओं, पहली किस्त के उपयोग और अब तक की व्यय प्रगति की समीक्षा के पश्चात यह निर्णय लिया गया।

तेलंगाना के किसान पहचान मॉडल की सराहना

चौहान ने तेलंगाना द्वारा किसान पहचान पत्र और उर्वरक वितरण के लिए अपनाए गए नए मॉडल की विशेष सराहना की और इसके लिए राज्य के कृषि मंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मॉडल किसानों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से सेवाएँ प्रदान करने में सहायक होगा। हालाँकि, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि तेलंगाना में तिलहन और दलहन परियोजनाओं के अंतर्गत व्यय निर्धारित समय से पीछे चल रहा है और इन परियोजनाओं की नियमित निगरानी आवश्यक है।

राजस्थान में किसान क्रेडिट कार्ड पर जोर

राजस्थान के संदर्भ में चौहान ने किसान क्रेडिट कार्ड की स्थिति पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया, ताकि किसानों को समय पर और बिना किसी बाधा के ऋण सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि वित्तीय स्वीकृतियाँ राज्यों में कृषि योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई हैं।

आम किसानों पर असर

इन आवंटनों से दोनों राज्यों में कृषि अवसंरचना, उत्पादकता वृद्धि, इनपुट समर्थन और किसान कल्याण से जुड़ी गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब खरीफ सीजन के बीच राजस्थान और तेलंगाना दोनों ही राज्यों में कृषि निवेश की माँग बढ़ी हुई है। चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निधियों से राज्य स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और लाभ किसानों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचेगा।

केंद्र की व्यापक कृषि नीति

चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हित में संसाधन, तकनीकी सहायता और निगरानी को मजबूत करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। गौरतलब है कि PMRKVY और कृषोन्नति योजना केंद्र की प्रमुख कृषि-केंद्रित योजनाओं में से हैं, जिनका उद्देश्य राज्य-स्तरीय कृषि विकास को वित्तीय और तकनीकी सहयोग देना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ये राशि ज़मीन पर किसानों तक कितनी और कितनी जल्दी पहुँचती है। तेलंगाना में तिलहन-दलहन परियोजनाओं में व्यय की धीमी गति केंद्र की उस चिंता को उजागर करती है जो राज्यों की अवशोषण क्षमता पर बार-बार उठती है। किसान क्रेडिट कार्ड पर राजस्थान को दिया गया विशेष निर्देश यह संकेत देता है कि ऋण वितरण की जमीनी स्थिति अपेक्षाओं से पीछे है। बिना सख्त व्यय निगरानी और समयबद्ध जवाबदेही के, ये आवंटन महज कागजी उपलब्धि बनने का जोखिम उठाते हैं।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्र ने राजस्थान और तेलंगाना को कृषि फंड क्यों दिया?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने PMRKVY और कृषोन्नति योजना के तहत राजस्थान को ₹340.59 करोड़ और तेलंगाना को ₹265.12 करोड़ मंजूर किए हैं। यह राशि कृषि अवसंरचना, उत्पादकता वृद्धि, इनपुट समर्थन और किसान कल्याण गतिविधियों के लिए है।
PMRKVY और कृषोन्नति योजना क्या हैं?
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PMRKVY) और कृषोन्नति योजना केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि योजनाएँ हैं, जो राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान कर कृषि क्षेत्र में विकास सुनिश्चित करती हैं। इनके तहत राज्य सरकारें वार्षिक कार्य योजनाएँ बनाकर केंद्र से अनुमोदन लेती हैं।
तेलंगाना के किसान पहचान पत्र मॉडल की क्यों हुई सराहना?
तेलंगाना ने किसान पहचान पत्र और उर्वरक वितरण के लिए एक नया पारदर्शी मॉडल लागू किया है, जिससे किसानों को सेवाएँ अधिक प्रभावी ढंग से मिल रही हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने इसे अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया।
राजस्थान में किसान क्रेडिट कार्ड पर विशेष ध्यान क्यों दिया गया?
चौहान ने राजस्थान के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की स्थिति सुधारने पर जोर दिया ताकि किसानों को समय पर और बिना किसी बाधा के ऋण सहायता मिल सके। यह संकेत देता है कि राज्य में ऋण वितरण की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं चल रही है।
इस वित्तीय मंजूरी से किसानों को क्या फायदा होगा?
इन फंडों से दोनों राज्यों में कृषि अवसंरचना, उत्पादकता, इनपुट समर्थन और किसान कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। खरीफ सीजन के बीच यह आवंटन किसानों तक सीधे लाभ पहुँचाने में सहायक हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले