27 जून 2026
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चमोली पुलिस का 'ऑपरेशन प्रहार': देहरादून से फरार आरोपी गिरफ्तार, 1.115 किलो चरस तस्करी नेटवर्क पूरी तरह बेनकाब

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चमोली पुलिस का 'ऑपरेशन प्रहार': देहरादून से फरार आरोपी गिरफ्तार, 1.115 किलो चरस तस्करी नेटवर्क पूरी तरह बेनकाब

सारांश

चमोली पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत 1.115 किलो चरस तस्करी मामले के तीसरे और अंतिम फरार आरोपी गोविन्द कुमार को देहरादून से दबोचा। दिसंबर 2025 में शुरू हुई इस जाँच ने अब पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।

मुख्य बातें

चमोली पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत 1.115 किलोग्राम चरस तस्करी नेटवर्क का पूरी तरह पर्दाफाश किया।
मामले की शुरुआत 8 दिसंबर 2025 को बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर नियमित चेकिंग के दौरान हुई थी।
पहले आरोपी हिमांशु पुरोहित को मौके से, दूसरे अमनदीप सिंह को 24 फरवरी 2026 को और तीसरे गोविन्द कुमार को देहरादून से गिरफ्तार किया गया।
जब्त चरस की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग ₹2.23 लाख आंकी गई।
तीनों आरोपियों पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज; गोविन्द कुमार को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।

उत्तराखंड की चमोली पुलिस ने 27 जून 2026 को 1.115 किलोग्राम चरस तस्करी मामले में शामिल पूरे गिरोह को कानून के शिकंजे में ला दिया। 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत चल रही इस कार्रवाई में नेटवर्क के अंतिम फरार आरोपी गोविन्द कुमार को देहरादून से गिरफ्तार किया गया, जिससे यह पूरा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त हो गया। जब्त चरस की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग ₹2.23 लाख आंकी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

8 दिसंबर 2025 को कोतवाली चमोली पुलिस ने बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित हनुमान मंदिर, तेलाधाम के पास नियमित वाहन चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही चालक भागने की कोशिश में अनियंत्रित होकर गिर गया। तलाशी में उसके बैग से 1.115 किलोग्राम चरस बरामद हुई और मौके पर ही आरोपी हिमांशु पुरोहित को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।

गहन विवेचना और पूछताछ के दौरान इस तस्करी श्रृंखला में दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने साक्ष्य संकलन के बाद 24 फरवरी 2026 को दूसरे आरोपी अमनदीप सिंह (निवासी हेलंग) को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।

फरार आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी

तीसरे और अंतिम आरोपी गोविन्द कुमार (निवासी पाणा, थाना चमोली) की तलाश लंबे समय से जारी थी। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अंततः उसे देहरादून से दबोच लिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधीक्षक की भूमिका

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के नेतृत्व में और नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान 'ऑपरेशन प्रहार' के अंतर्गत की गई। इस ऑपरेशन के तहत चमोली पुलिस लगातार नशा तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई करती आ रही है।

आगे क्या

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ यह तस्करी नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। मामले की आगे की विवेचना जारी है और पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि इस नेटवर्क की जड़ें कहाँ तक फैली हुई थीं। 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत चमोली पुलिस की यह कार्रवाई उत्तराखंड में नशा तस्करी के विरुद्ध बढ़ते अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चमोली पुलिस का 'ऑपरेशन प्रहार' क्या है?
'ऑपरेशन प्रहार' चमोली पुलिस का नशा तस्करों के विरुद्ध चलाया जा रहा सघन अभियान है, जिसका नेतृत्व पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार कर रहे हैं। इसी अभियान के तहत 1.115 किलोग्राम चरस तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया।
चरस तस्करी के इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
इस मामले में कुल तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए — हिमांशु पुरोहित (8 दिसंबर 2025), अमनदीप सिंह (24 फरवरी 2026) और गोविन्द कुमार (27 जून 2026)। तीनों पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है।
गोविन्द कुमार को देहरादून से कैसे पकड़ा गया?
पुलिस ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गोविन्द कुमार को देहरादून से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
बरामद चरस की कीमत कितनी थी और कहाँ से पकड़ी गई?
8 दिसंबर 2025 को बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनुमान मंदिर, तेलाधाम के पास नियमित चेकिंग के दौरान 1.115 किलोग्राम चरस बरामद हुई। इसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग ₹2.23 लाख आंकी गई है।
इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत क्या कार्रवाई हुई?
तीनों आरोपियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की गई और सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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