चंद्रबाबू नायडू ने PM मोदी से मुलाकात की, आंध्र प्रदेश के लिए पोलावरम, विशाखापत्तनम मेट्रो समेत बड़े मुद्दे उठाए
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य के विकास, सिंचाई, कृषि एवं बुनियादी ढाँचे से जुड़े अनेक अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में पोलावरम परियोजना, गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो योजना, विशाखापत्तनम मेट्रो और राजधानी अमरावती की आउटर रिंग रोड जैसे प्रमुख विषय केंद्र में रहे।
मुख्य घटनाक्रम
मुलाकात की शुरुआत में मुख्यमंत्री नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी को सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे करने पर आंध्र प्रदेश की जनता की ओर से बधाई दी। नायडू ने मोदी की 'दूरदृष्टि, स्पष्ट लक्ष्य और निर्णायक शासन' की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री — दोनों भूमिकाओं में देश की सेवा की है।
नायडू ने सहकारी संघवाद पर प्रधानमंत्री के जोर को भी रेखांकित किया और कहा कि 'विकसित भारत' के निर्माण में राज्यों को बराबर का भागीदार बनाया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख और मजबूत हुई है।
पोलावरम और नदी जोड़ो परियोजना
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पोलावरम बहुउद्देशीय परियोजना की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया, जो आंध्र प्रदेश की सिंचाई एवं पेयजल ज़रूरतों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। उन्होंने गोदावरी और कावेरी नदियों को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक सहित दक्षिण के राज्यों में जल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
नायडू ने कहा कि एनडीए सरकारों के कार्यकाल में देशभर में सड़क नेटवर्क और विद्युत ग्रिड का विस्तार हुआ है, और नदी जोड़ो परियोजना को आगे बढ़ाने से एक राष्ट्रीय जल ग्रिड की नींव पड़ सकती है।
कृषि संकट और गोदावरी पुष्करम 2027
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि एल नीनो के प्रभाव से आंध्र प्रदेश में इस वर्ष वर्षा में 53 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिसने कृषि क्षेत्र पर गंभीर दबाव डाला है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा सूखे की मार से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी दी।
नायडू ने 2027 में आयोजित होने वाले गोदावरी पुष्करम की तैयारियों का उल्लेख किया और इससे जुड़े विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक आयोजन में दोनों तेलुगु राज्यों के अलावा देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
बुनियादी ढाँचा और स्वर्ण आंध्र विजन-2047
मुख्यमंत्री ने मदनपल्ले में केंद्र के सहयोग से हाल ही में स्थापित ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की आधारशिला रखे जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह संस्थान इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की तर्ज पर कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देगा।
बुनियादी ढाँचे के मोर्चे पर नायडू ने राजधानी अमरावती की प्रस्तावित आउटर रिंग रोड, विशाखापत्तनम मेट्रो परियोजना को मंजूरी और एक प्रस्तावित बीच रोड परियोजना के लिए केंद्र का सहयोग माँगा। मुलाकात के अंत में उन्होंने 'स्वर्ण आंध्र-2047 विजन' के उद्देश्यों को प्रधानमंत्री के सामने रखा, जिसका लक्ष्य समाज के सभी वर्गों तक विकास का लाभ पहुँचाना है। इस बैठक से केंद्र-राज्य सहयोग की नई कड़ियाँ जुड़ने की उम्मीद है।