8 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चंद्रबाबू नायडू ने PM मोदी से मुलाकात की, आंध्र प्रदेश के लिए पोलावरम, विशाखापत्तनम मेट्रो समेत बड़े मुद्दे उठाए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चंद्रबाबू नायडू ने PM मोदी से मुलाकात की, आंध्र प्रदेश के लिए पोलावरम, विशाखापत्तनम मेट्रो समेत बड़े मुद्दे उठाए

सारांश

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की PM मोदी से यह मुलाकात महज शिष्टाचार भेंट नहीं थी — इसमें पोलावरम से लेकर गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ तक और 53% वर्षा की कमी से लेकर 'स्वर्ण आंध्र-2047' तक — एक पूरा विकास एजेंडा केंद्र के सामने रखा गया।

मुख्य बातें

चंद्रबाबू नायडू ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
पोलावरम परियोजना की स्थिति तथा गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो योजना के लिए केंद्रीय सहयोग की माँग रखी गई।
एल नीनो के कारण आंध्र प्रदेश में वर्षा में 53% की कमी; कृषि क्षेत्र प्रभावित।
2027 के गोदावरी पुष्करम के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता का अनुरोध किया गया।
विशाखापत्तनम मेट्रो को मंजूरी, अमरावती आउटर रिंग रोड और बीच रोड परियोजना के लिए सहयोग माँगा।
'स्वर्ण आंध्र-2047 विजन' के उद्देश्य प्रधानमंत्री के समक्ष रखे गए।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य के विकास, सिंचाई, कृषि एवं बुनियादी ढाँचे से जुड़े अनेक अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में पोलावरम परियोजना, गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो योजना, विशाखापत्तनम मेट्रो और राजधानी अमरावती की आउटर रिंग रोड जैसे प्रमुख विषय केंद्र में रहे।

मुख्य घटनाक्रम

मुलाकात की शुरुआत में मुख्यमंत्री नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी को सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे करने पर आंध्र प्रदेश की जनता की ओर से बधाई दी। नायडू ने मोदी की 'दूरदृष्टि, स्पष्ट लक्ष्य और निर्णायक शासन' की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री — दोनों भूमिकाओं में देश की सेवा की है।

नायडू ने सहकारी संघवाद पर प्रधानमंत्री के जोर को भी रेखांकित किया और कहा कि 'विकसित भारत' के निर्माण में राज्यों को बराबर का भागीदार बनाया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख और मजबूत हुई है।

पोलावरम और नदी जोड़ो परियोजना

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पोलावरम बहुउद्देशीय परियोजना की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया, जो आंध्र प्रदेश की सिंचाई एवं पेयजल ज़रूरतों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। उन्होंने गोदावरी और कावेरी नदियों को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक सहित दक्षिण के राज्यों में जल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

नायडू ने कहा कि एनडीए सरकारों के कार्यकाल में देशभर में सड़क नेटवर्क और विद्युत ग्रिड का विस्तार हुआ है, और नदी जोड़ो परियोजना को आगे बढ़ाने से एक राष्ट्रीय जल ग्रिड की नींव पड़ सकती है।

कृषि संकट और गोदावरी पुष्करम 2027

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि एल नीनो के प्रभाव से आंध्र प्रदेश में इस वर्ष वर्षा में 53 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिसने कृषि क्षेत्र पर गंभीर दबाव डाला है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा सूखे की मार से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी दी।

नायडू ने 2027 में आयोजित होने वाले गोदावरी पुष्करम की तैयारियों का उल्लेख किया और इससे जुड़े विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक आयोजन में दोनों तेलुगु राज्यों के अलावा देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

बुनियादी ढाँचा और स्वर्ण आंध्र विजन-2047

मुख्यमंत्री ने मदनपल्ले में केंद्र के सहयोग से हाल ही में स्थापित ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की आधारशिला रखे जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह संस्थान इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की तर्ज पर कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देगा।

बुनियादी ढाँचे के मोर्चे पर नायडू ने राजधानी अमरावती की प्रस्तावित आउटर रिंग रोड, विशाखापत्तनम मेट्रो परियोजना को मंजूरी और एक प्रस्तावित बीच रोड परियोजना के लिए केंद्र का सहयोग माँगा। मुलाकात के अंत में उन्होंने 'स्वर्ण आंध्र-2047 विजन' के उद्देश्यों को प्रधानमंत्री के सामने रखा, जिसका लक्ष्य समाज के सभी वर्गों तक विकास का लाभ पहुँचाना है। इस बैठक से केंद्र-राज्य सहयोग की नई कड़ियाँ जुड़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यही असली कसौटी है। गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो परियोजना तकनीकी और अंतरराज्यीय दोनों पेचीदगियों से भरी है; इसे राष्ट्रीय जल ग्रिड के व्यापक फ्रेम में रखकर नायडू ने इसे राजनीतिक रूप से स्वीकार्य बनाने की कोशिश की है। 53% वर्षा की कमी और कृषि संकट के बीच केंद्र की प्रतिक्रिया — राहत पैकेज के रूप में — राज्य की किसान आबादी के लिए इस पूरी बैठक का सबसे मूर्त परिणाम होगी।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रबाबू नायडू ने PM मोदी से मुलाकात में कौन-से मुख्य मुद्दे उठाए?
नायडू ने पोलावरम परियोजना, गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो योजना, विशाखापत्तनम मेट्रो, अमरावती आउटर रिंग रोड और एल नीनो के कारण 53% वर्षा कमी से उपजे कृषि संकट पर चर्चा की। इसके अलावा गोदावरी पुष्करम 2027 के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता का अनुरोध भी किया।
पोलावरम परियोजना क्या है और यह क्यों अहम है?
पोलावरम आंध्र प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना है, जिसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा प्राप्त है। यह राज्य के लाखों किसानों को सिंचाई जल और बड़े हिस्से को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है, लेकिन दशकों से इसका निर्माण अधूरा है।
गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो परियोजना से किन राज्यों को फायदा होगा?
मुख्यमंत्री नायडू के अनुसार इस परियोजना से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक सहित दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों में जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी। नायडू ने इसे एक राष्ट्रीय जल ग्रिड के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
गोदावरी पुष्करम 2027 क्या है और इसके लिए क्या तैयारियाँ हो रही हैं?
गोदावरी पुष्करम एक प्रमुख हिंदू धार्मिक आयोजन है जो गोदावरी नदी के तट पर हर 12 वर्षों में एक बार आयोजित होता है और 2027 में होने वाला है। नायडू ने इसके लिए व्यापक तैयारियों की जानकारी दी और केंद्र से वित्तीय सहायता माँगी, क्योंकि इसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आने की उम्मीद है।
स्वर्ण आंध्र-2047 विजन क्या है?
स्वर्ण आंध्र-2047 आंध्र प्रदेश सरकार का दीर्घकालिक विकास दृष्टिकोण है, जिसका लक्ष्य भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक राज्य को एक समृद्ध और समावेशी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है। इसमें विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाने पर विशेष जोर है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. 3 दिन पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले