गोदावरी-कावेरी इंटरलिंकिंग से सूखामुक्त होंगे दक्षिणी राज्य: CM चंद्रबाबू नायडू का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 5 अक्टूबर 2026 को कहा कि गोदावरी और कावेरी नदियों को आपस में जोड़ा जाए तो दक्षिणी राज्यों को सूखे की समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है। उन्होंने यह बात कडपा जिले के प्रोद्दतूर में आयोजित 'जल जीवन मिशन 2.0 – अमरजीवी जलधारा' कार्यक्रमों के उद्घाटन के अवसर पर कही।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री ने अफसोस जताया कि सूखे के हालात में भी 2,000 टीएमसी (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) पानी बहकर समुद्र में चला जाता है। उन्होंने कहा कि यदि गोदावरी के बाढ़ के पानी का केवल 200 टीएमसी हिस्सा भी उपयोग में लाया जाए, तो रायलसीमा क्षेत्र हरियाली और कृषि उत्पादन से समृद्ध हो सकता है।
नायडू ने स्मरण कराया कि उनकी पिछली सरकार ने गोदावरी और कृष्णा नदियों को जोड़ने का काम पहले ही पूरा किया था। उन्होंने गोदावरी पुष्करम से पहले पोलावरम प्रोजेक्ट को पूर्ण करने का वादा भी दोहराया और कहा कि इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को समर्पित करेंगे।
₹30,136 करोड़ की जल योजनाओं का शुभारंभ
मुख्यमंत्री नायडू ने डिप्टी सीएम पवन कल्याण और राज्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष पीवीएन माधव के साथ मिलकर ₹30,136 करोड़ की लागत वाले 'जल जीवन मिशन' और 'अमरजीवी जलधारा' कार्यक्रमों की नींव रखी। इन कार्यक्रमों का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक घर तक नल से जल का कनेक्शन पहुँचाना है।
नायडू ने कहा, 'हम 90 लाख घरों, 48,000 ग्रामीण बस्तियों और 3.30 करोड़ लोगों तक पेयजल पहुँचाने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं।' इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में ₹35,000 करोड़ की लागत से 36 सिंचाई परियोजनाएँ शुरू की जाएँगी और उनका समय-सारणी पहले ही जारी कर दी गई है।
पिछली सरकार पर आरोप
नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) की पूर्ववर्ती सरकार पर जल जीवन मिशन को कमज़ोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने तुलनात्मक आँकड़े पेश करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को इस योजना के तहत केंद्र से ₹1 लाख करोड़, मध्य प्रदेश को ₹83,000 करोड़ और केरल को ₹85,000 करोड़ मिले, जबकि पिछली सरकार आंध्र प्रदेश के लिए केवल ₹2,600 करोड़ ही हासिल कर पाई।
नायडू के अनुसार, इस लापरवाही के कारण गाँवों में सड़कें, स्ट्रीट लाइटें और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएँ नहीं पहुँच सकीं।
विकास कार्यों का व्यापक खाका
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले 28 महीनों में गठबंधन सरकार ने राज्य के पुनर्निर्माण के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। उन्होंने बताया कि पिछले सात दिनों में ही नौ विकास कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। 'पल्ले पांडुगा' पहल के अंतर्गत गाँवों में सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं के लिए ₹11,085 करोड़ के कार्य किए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और मंगलगिरि सहित पूरे राज्य में ₹52,000 करोड़ मूल्य की आवासीय भूमि के लिए हाउसिंग पट्टे वितरित किए गए हैं। रायलसीमा के कृषि भविष्य को बदलने के उद्देश्य से ₹1 लाख करोड़ का 'ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब' प्रोजेक्ट भी आरंभ किया गया है। 2029 तक 19 लाख घर बनाने का लक्ष्य भी इस विज़न का हिस्सा है।
आगे की राह
गोदावरी-कावेरी इंटरलिंकिंग की परिकल्पना नई नहीं है — यह दशकों से राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के एजेंडे पर रही है, लेकिन बहु-राज्यीय सहमति और वित्तीय जटिलताओं के कारण इसे अमल में लाना कठिन रहा है। नायडू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश पोलावरम जैसी बड़ी परियोजनाओं की समयसीमा तय कर रहा है। पोलावरम की प्रगति और केंद्र से समन्वय इस दिशा में अगला निर्णायक कदम होगा।