पोलावरम और जल जीवन मिशन के लिए CM नायडू ने केंद्र से माँगा समय पर फंड, CR पाटिल से मिले
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात कर पोलावरम बहुउद्देशीय राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना और जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा कार्यों के लिए समय पर केंद्रीय वित्तपोषण सुनिश्चित करने का आग्रह किया। दो दिवसीय दिल्ली दौरे के दौरान नायडू ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति से मंत्री को विस्तार से अवगत कराया।
पोलावरम परियोजना की स्थिति और लक्ष्य
पोलावरम परियोजना आंध्र प्रदेश के एलुरु और पूर्वी गोदावरी जिलों में गोदावरी नदी पर स्थित एक प्रमुख बहुउद्देशीय राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना है। मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि परियोजना पर काम तेज गति से जारी है और लक्ष्य है कि अगले वर्ष गोदावरी पुष्करम तक इसे पूर्ण कर राष्ट्र को समर्पित किया जाए।
बैठक में 41.15 मीटर कंटूर तक पानी रोकने हेतु आवश्यक पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) कार्यों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विस्थापित परिवारों की समस्याओं के समाधान को निर्माण कार्य के समान ही सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके अतिरिक्त 45.72 मीटर कंटूर तक जलभंडारण के लिए जरूरी उपायों पर भी विमर्श हुआ।
नायडू ने यह भी उल्लेख किया कि गोदावरी का हजारों टीएमसी बाढ़ का पानी समुद्र में बह जाता है और पट्टीसीमा परियोजना के माध्यम से इसे उपयोगी बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने पोलावरम को एक प्रमुख पर्यटन एवं आध्यात्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना का भी उल्लेख किया।
ओडिशा-छत्तीसगढ़ से जुड़े अंतरराज्यीय मुद्दे
मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय मंत्री से ओडिशा और छत्तीसगढ़ से संबंधित लंबे समय से लंबित मुद्दों को हल करने का विशेष आग्रह किया। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा पोलावरम के तहत इन दोनों राज्यों में प्रस्तावित सुरक्षात्मक तटबंधों के लिए लंबित जन सुनवाई के संदर्भ में जारी स्टॉप वर्क ऑर्डर — जो अभी स्थगित है — को स्थायी रूप से वापस लेने की माँग नायडू ने रखी।
उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय की अध्यक्षता में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों की एक संयुक्त बैठक बुलाई जाए। नायडू ने कहा कि सहयोग और समन्वय की भावना से तीनों राज्यों के व्यापक हित में इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव है।
जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा की प्रगति
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में प्रोद्दटूर में ₹30,000 करोड़ की लागत से जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा कार्यों की आधारशिला रखी गई है। आंध्र प्रदेश में कुल 95 लाख ग्रामीण परिवार हैं, जिनमें से 62 लाख को पहले से नल जल कनेक्शन मिला हुआ है। नई आधारशिला के तहत शेष 27 लाख ग्रामीण परिवारों को पेयजल कनेक्शन देने का काम शुरू हुआ है।
नायडू ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इन कार्यों की प्रगति के अनुरूप तत्काल फंड जारी किया जाए ताकि कार्य में कोई रुकावट न आए।
दक्षिणी नदी-जोड़ परियोजना पर भी चर्चा
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय मंत्री को दक्षिणी राज्यों की नदियों को जोड़ने की परियोजनाओं से होने वाले दीर्घकालिक फायदों के बारे में भी जानकारी दी। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब देश के कई राज्य जल संकट और सिंचाई संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं, और केंद्र-राज्य समन्वय की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।
अब नजरें इस पर होंगी कि केंद्र सरकार फंड जारी करने और अंतरराज्यीय जन सुनवाई की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।