चतरा के मां भद्रकाली मंदिर में पुजारी श्रीनिवास का शव फंदे से लटका मिला, पुलिस जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के चतरा जिले के इटखोरी स्थित प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर परिसर में शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कीर्तन मंडली के कमरे में पुजारी श्रीनिवास का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका पाया गया। मृतक पुजारी मूल रूप से बिहार के बलिया जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे मिला शव
स्थानीय लोगों और मंदिर समिति के सदस्यों ने कीर्तन मंडली के कमरे में श्रीनिवास का शव फंदे से लटका देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों की सहायता से कमरे का दरवाजा खोला गया और शव को फंदे से नीचे उतारा गया।
पुलिस व मौजूद लोगों ने पुजारी को तत्काल इटखोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आरंभ की।
मृतक की पृष्ठभूमि
मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार, श्रीनिवास मंदिर परिसर में ही निवास करते थे और कीर्तन मंडली से जुड़े धार्मिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते थे। उनकी मृत्यु की सूचना फैलने के बाद मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और शोक का माहौल बन गया।
मृतक के परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। गौरतलब है कि मां भद्रकाली मंदिर इटखोरी क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ श्रद्धालुओं का नियमित आवागमन रहता है।
पुलिस की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है। प्रथम दृष्टया मामला फंदे से लटके शव का है, परंतु पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मृतक की हालिया गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस मंदिर परिसर में रहने वाले अन्य व्यक्तियों, कीर्तन मंडली के सदस्यों और मृतक के परिचितों से पूछताछ कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और वहाँ रहने वाले कर्मचारियों की देखभाल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है।