चेन्नई CMBT कोयंबेडु में ड्रोन और 24 घंटे CCTV निगरानी, एक दिन में 15 संदिग्ध हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई सिटी पुलिस ने 9 जून 2026 को दक्षिण भारत के सबसे बड़े बस टर्मिनलों में से एक चेन्नई मोफुस्सिल बस टर्मिनस (CMBT), कोयंबेडु में व्यापक सुरक्षा अभियान छेड़ा। विशेष अपराध-विरोधी और नशा-विरोधी ऑपरेशन के तहत यहाँ ड्रोन निगरानी तैनात की गई और 24 घंटे CCTV मॉनिटरिंग सक्रिय की गई, जिससे पहले ही दिन कम से कम 15 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
चेन्नई पुलिस कमिश्नर ए. अमलराज के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य लक्ष्य चोरी, डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना है। अधिकारियों के अनुसार, भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन केंद्रों पर इस तरह की आपराधिक गतिविधियाँ अपेक्षाकृत अधिक होती हैं। यह ऑपरेशन यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
ड्रोन और CCTV: तकनीक पर आधारित निगरानी
ड्रोन सर्विलांस में प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों ने हवाई निगरानी के ज़रिये बस स्टैंड परिसर और आसपास के इलाकों में यात्रियों की आवाजाही पर नज़र रखी। इससे संदिग्ध व्यवहार की त्वरित पहचान और संभावित खतरों पर तत्काल कार्रवाई संभव हुई।
इसके साथ ही, विशेष टीमों ने टर्मिनल में स्थापित CCTV कैमरों के विस्तृत नेटवर्क से प्राप्त फुटेज की बारीकी से समीक्षा की। जाँचकर्ताओं ने परिसर के अंदर आवाजाही पर नज़र रखने और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने के लिए कई स्थानों की रिकॉर्डिंग देखी।
ऑपरेशन के दौरान की गई कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रात के समय बड़े पैमाने पर चेकिंग अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जहाँ आपराधिक गतिविधियों का खतरा अधिक रहता है। संदिग्ध हालात में घूम रहे लोगों से पूछताछ की गई और तलाशी ली गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कोयंबेडु में इस ऑपरेशन के पहले ही दिन कम से कम 15 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। जाँच-पड़ताल के बाद कानून का पालन करने का लिखित वादा लेकर उन्हें छोड़ दिया गया।
CMBT का महत्व: रोज़ाना एक लाख से अधिक यात्री
CMBT, कोयंबेडु दक्षिण भारत के सबसे बड़े बस टर्मिनलों में से एक है और चेन्नई को तमिलनाडु तथा पड़ोसी राज्यों से जोड़ने वाला एक अहम परिवहन केंद्र है। सामान्य दिनों में यहाँ से 1 लाख से अधिक यात्री गुज़रते हैं, जबकि सप्ताहांत, छुट्टियों और त्योहारी सीज़न में यह संख्या 3 से 4 लाख तक पहुँच जाती है।
आगे की योजना
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि तकनीक-आधारित ऐसे सर्विलांस ऑपरेशन आने वाले सप्ताहों में भी जारी रहेंगे। इनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराध रोकना और प्रतिदिन यहाँ से गुज़रने वाले हज़ारों यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा का माहौल सुनिश्चित करना है। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब देशभर में सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी है।