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चेन्नई में 1,50,303 लावारिस कुत्तों को रेबीज रोधी टीका, ग्रेटर चेन्नई निगम का बड़ा अभियान

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चेन्नई में 1,50,303 लावारिस कुत्तों को रेबीज रोधी टीका, ग्रेटर चेन्नई निगम का बड़ा अभियान

सारांश

ग्रेटर चेन्नई निगम ने महज ढाई महीनों में 1,50,303 लावारिस कुत्तों को रेबीज रोधी टीका लगाकर 'रेबीज मुक्त चेन्नई' की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अंबत्तूर में सर्वाधिक 21,844 कुत्तों का टीकाकरण हुआ, जबकि तीन क्षेत्रों में शिविर अभी भी जारी हैं।

मुख्य बातें

ग्रेटर चेन्नई निगम ने 11 अगस्त से 21 अक्टूबर 2026 के बीच 1,50,303 लावारिस कुत्तों को रेबीज रोधी टीका लगाया।
अभियान निगम के 15 जोन में चलाया गया; टीकाकरण के साथ आंतरिक व बाहरी परजीवियों का उपचार भी किया गया।
अंबत्तूर में सर्वाधिक 21,844 कुत्तों का टीकाकरण; उसके बाद माधवराम ( 15,038 ) और थिरु वी का नगर ( 13,849 )।
वलसारवक्कम , अड्यार और शोलिंगनल्लूर में शिविर अभी जारी हैं।
यह अभियान तमिलनाडु को रेबीज मुक्त बनाने के मुख्यमंत्री के निर्देश के तहत चलाया जा रहा है।

ग्रेटर चेन्नई निगम ने 11 अगस्त से 21 अक्टूबर 2026 के बीच चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत शहर के 15 जोन में 1,50,303 लावारिस कुत्तों को रेबीज रोधी टीका लगाया है। निगम आयुक्त जी.एस. समीरन ने 22 अक्टूबर को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान तमिलनाडु को रेबीज मुक्त बनाने के मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुपालन में चलाया जा रहा है।

अभियान का दायरा और उद्देश्य

इस व्यापक टीकाकरण कार्यक्रम में रेबीज रोधी टीकाकरण के साथ-साथ आंतरिक और बाहरी परजीवियों के उपचार की सुविधा भी एक साथ प्रदान की गई। निगम के बयान के अनुसार, विशेष शिविरों के माध्यम से इन दोनों उपायों को एकीकृत रूप से लागू किया जा रहा है, ताकि आम जनता को रेबीज के खतरे से बचाया जा सके और आवारा पशुओं को निवारक पशु चिकित्सा देखभाल मिल सके।

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई शहरों में लावारिस कुत्तों के काटने की घटनाएँ और रेबीज से होने वाली मौतें सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। चेन्नई का यह अभियान किसी भारतीय महानगर निगम द्वारा अल्प अवधि में किए गए सबसे बड़े एकीकृत पशु टीकाकरण प्रयासों में से एक माना जा रहा है।

क्षेत्रवार टीकाकरण के आँकड़े

अंबत्तूर में सर्वाधिक 21,844 लावारिस कुत्तों का टीकाकरण और परजीवी उपचार किया गया, जो किसी एकल क्षेत्र में सबसे ऊँचा आँकड़ा है। इसके बाद माधवराम में 15,038 और थिरु वी का नगर में 13,849 कुत्तों को टीका लगाया गया।

निगम के अनुसार पेरुंगुडी में 12,752, टोंडियारपेट में 12,477 और तिरुवोट्टियूर में 12,313 कुत्तों का टीकाकरण हुआ। अन्ना नगर में 11,895 और कोडंबक्कम में 10,131 कुत्तों को इस अभियान में शामिल किया गया। रॉयपुरम में 8,598, तेयनमपेट में 7,782, मनाली में 7,200 और अलंदूर में 4,343 कुत्तों का टीकाकरण दर्ज किया गया।

जारी शिविरों की स्थिति

निगम के बयान के मुताबिक, वलसारवक्कम, अड्यार और शोलिंगनल्लूर में शिविर 21 अक्टूबर तक जारी थे। इन तीन क्षेत्रों में अब तक वलसारवक्कम में 3,943, अड्यार में 3,985 और शोलिंगनल्लूर में 4,153 कुत्तों का टीकाकरण पूरा किया जा चुका है।

गौरतलब है कि इन शिविरों में नागरिकों, पालतू पशु मालिकों और पशु कल्याण कार्यकर्ताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि 'रेबीज मुक्त चेन्नई' का लक्ष्य अधिक प्रभावी ढंग से हासिल हो सके।

निगम की अपील और आगे की राह

आयुक्त जी.एस. समीरन ने निवासियों, पालतू पशुओं के मालिकों और पशु कल्याण से जुड़े कार्यकर्ताओं से निगम के साथ सहयोग करने की अपील की है। निगम ने स्पष्ट किया कि समुदायों की भागीदारी इस रेबीज उन्मूलन प्रयास की नींव है।

यह अभियान तमिलनाडु सरकार की उस व्यापक योजना का हिस्सा है जिसमें पूरे राज्य को रेबीज मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चल रहे शिविरों के पूरा होने पर कुल टीकाकृत पशुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

50,303 कुत्तों का यह आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह एकबारगी अभियान टिकाऊ निगरानी तंत्र में बदलेगा। भारत में रेबीज से हर साल हजारों मौतें होती हैं और अधिकांश मामलों में आवारा कुत्ते ही वाहक होते हैं — फिर भी शहरी निकायों के पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम अक्सर कागज़ों तक सीमित रहते हैं। चेन्नई के इस अभियान में क्षेत्रवार डेटा की पारदर्शिता सकारात्मक संकेत है, परंतु पुनः-टीकाकरण चक्र और नई पैदाइश पर नज़र रखने की योजना सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है। बिना निरंतर निगरानी के, ऐसे अभियान अल्पकालिक राहत तो देते हैं, लेकिन दीर्घकालिक रेबीज उन्मूलन का लक्ष्य अधूरा रह जाता है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर चेन्नई निगम के रेबीज रोधी अभियान में कितने कुत्तों का टीकाकरण हुआ?
ग्रेटर चेन्नई निगम ने 11 अगस्त से 21 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 1,50,303 लावारिस कुत्तों को रेबीज रोधी टीका लगाया। इस अभियान में परजीवी उपचार भी शामिल था और तीन क्षेत्रों में शिविर अभी जारी हैं।
चेन्नई का यह टीकाकरण अभियान क्यों शुरू किया गया?
यह अभियान तमिलनाडु को रेबीज मुक्त बनाने के मुख्यमंत्री के निर्देश को लागू करने के उद्देश्य से शुरू किया गया। इसका लक्ष्य आम जनता को रेबीज के खतरे से बचाना और आवारा कुत्तों को निवारक पशु चिकित्सा देखभाल प्रदान करना है।
किस क्षेत्र में सबसे अधिक कुत्तों का टीकाकरण हुआ?
अंबत्तूर में सबसे अधिक 21,844 लावारिस कुत्तों का टीकाकरण और परजीवी उपचार किया गया। इसके बाद माधवराम (15,038) और थिरु वी का नगर (13,849) का स्थान रहा।
चेन्नई में टीकाकरण शिविर अभी कहाँ जारी हैं?
21 अक्टूबर 2026 तक वलसारवक्कम, अड्यार और शोलिंगनल्लूर में शिविर चल रहे थे। इन तीन क्षेत्रों में अब तक क्रमशः 3,943, 3,985 और 4,153 कुत्तों का टीकाकरण हो चुका है।
क्या आम नागरिक इस अभियान में भाग ले सकते हैं?
हाँ, निगम आयुक्त जी.एस. समीरन ने निवासियों, पालतू पशु मालिकों और पशु कल्याण कार्यकर्ताओं से चल रहे शिविरों में सहयोग करने की अपील की है। निगम का कहना है कि समुदाय की भागीदारी 'रेबीज मुक्त चेन्नई' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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