चेन्नई में 1,50,303 लावारिस कुत्तों को रेबीज रोधी टीका, ग्रेटर चेन्नई निगम का बड़ा अभियान
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर चेन्नई निगम ने 11 अगस्त से 21 अक्टूबर 2026 के बीच चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत शहर के 15 जोन में 1,50,303 लावारिस कुत्तों को रेबीज रोधी टीका लगाया है। निगम आयुक्त जी.एस. समीरन ने 22 अक्टूबर को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान तमिलनाडु को रेबीज मुक्त बनाने के मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुपालन में चलाया जा रहा है।
अभियान का दायरा और उद्देश्य
इस व्यापक टीकाकरण कार्यक्रम में रेबीज रोधी टीकाकरण के साथ-साथ आंतरिक और बाहरी परजीवियों के उपचार की सुविधा भी एक साथ प्रदान की गई। निगम के बयान के अनुसार, विशेष शिविरों के माध्यम से इन दोनों उपायों को एकीकृत रूप से लागू किया जा रहा है, ताकि आम जनता को रेबीज के खतरे से बचाया जा सके और आवारा पशुओं को निवारक पशु चिकित्सा देखभाल मिल सके।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई शहरों में लावारिस कुत्तों के काटने की घटनाएँ और रेबीज से होने वाली मौतें सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। चेन्नई का यह अभियान किसी भारतीय महानगर निगम द्वारा अल्प अवधि में किए गए सबसे बड़े एकीकृत पशु टीकाकरण प्रयासों में से एक माना जा रहा है।
क्षेत्रवार टीकाकरण के आँकड़े
अंबत्तूर में सर्वाधिक 21,844 लावारिस कुत्तों का टीकाकरण और परजीवी उपचार किया गया, जो किसी एकल क्षेत्र में सबसे ऊँचा आँकड़ा है। इसके बाद माधवराम में 15,038 और थिरु वी का नगर में 13,849 कुत्तों को टीका लगाया गया।
निगम के अनुसार पेरुंगुडी में 12,752, टोंडियारपेट में 12,477 और तिरुवोट्टियूर में 12,313 कुत्तों का टीकाकरण हुआ। अन्ना नगर में 11,895 और कोडंबक्कम में 10,131 कुत्तों को इस अभियान में शामिल किया गया। रॉयपुरम में 8,598, तेयनमपेट में 7,782, मनाली में 7,200 और अलंदूर में 4,343 कुत्तों का टीकाकरण दर्ज किया गया।
जारी शिविरों की स्थिति
निगम के बयान के मुताबिक, वलसारवक्कम, अड्यार और शोलिंगनल्लूर में शिविर 21 अक्टूबर तक जारी थे। इन तीन क्षेत्रों में अब तक वलसारवक्कम में 3,943, अड्यार में 3,985 और शोलिंगनल्लूर में 4,153 कुत्तों का टीकाकरण पूरा किया जा चुका है।
गौरतलब है कि इन शिविरों में नागरिकों, पालतू पशु मालिकों और पशु कल्याण कार्यकर्ताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि 'रेबीज मुक्त चेन्नई' का लक्ष्य अधिक प्रभावी ढंग से हासिल हो सके।
निगम की अपील और आगे की राह
आयुक्त जी.एस. समीरन ने निवासियों, पालतू पशुओं के मालिकों और पशु कल्याण से जुड़े कार्यकर्ताओं से निगम के साथ सहयोग करने की अपील की है। निगम ने स्पष्ट किया कि समुदायों की भागीदारी इस रेबीज उन्मूलन प्रयास की नींव है।
यह अभियान तमिलनाडु सरकार की उस व्यापक योजना का हिस्सा है जिसमें पूरे राज्य को रेबीज मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चल रहे शिविरों के पूरा होने पर कुल टीकाकृत पशुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।