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शिमला: शंकली में 20 महीने की बच्ची पर कुत्ते का हमला, 20 टांके; मेयर ने 3 अक्टूबर से बड़ा अभियान घोषित

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शिमला: शंकली में 20 महीने की बच्ची पर कुत्ते का हमला, 20 टांके; मेयर ने 3 अक्टूबर से बड़ा अभियान घोषित

सारांश

शिमला के शंकली में 20 महीने की बच्ची पर कुत्ते के हमले ने शहर में 3,000 लावारिस कुत्तों की समस्या को फिर उजागर कर दिया। मेयर सुरेंद्र चौहान ने 3 अक्टूबर से बड़ा नसबंदी अभियान, ₹18 लाख का शेल्टर विस्तार और कुत्ता पकड़ने पर इनाम देने का ऐलान किया है।

मुख्य बातें

शिमला के शंकली इलाके में आवारा कुत्तों ने 20 महीने की बच्ची पर हमला किया; बच्ची को 20 टांके लगाने पड़े।
मेयर सुरेंद्र चौहान ने 3 अक्टूबर 2026 से बड़े पैमाने पर नसबंदी और टीकाकरण अभियान की घोषणा की।
टुटीकंडी डॉग शेल्टर के विस्तार के लिए ₹18 लाख मंजूर किए गए।
कुत्ता पकड़कर लाने पर ₹200–₹300 इनाम; निर्धारित स्थान के बाहर खाना खिलाने पर जुर्माने का प्रावधान।
शिमला में करीब 3,000 लावारिस कुत्ते ; पालतू कुत्ते मालिकों को भी चेतावनी दी गई।

शिमला के शंकली इलाके में आवारा कुत्तों ने 20 महीने की एक मासूम बच्ची पर हमला कर दिया, जिसमें बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे 20 टांके लगाने पड़े। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद शिमला नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने 3 अक्टूबर 2026 से बड़े पैमाने पर नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी में लगभग 3,000 लावारिस कुत्ते होने का अनुमान है, जो शहरवासियों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

शंकली इलाके में हुए इस हमले ने शिमला में आवारा कुत्तों की समस्या को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। घायल बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसे 20 टांके लगाए गए। इस घटना के बाद नगर निगम पर जनता का दबाव बढ़ गया और प्रशासन को तत्काल कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।

गौरतलब है कि शिमला में आवारा कुत्तों के हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ऐसी कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, लेकिन कुत्ते काटने की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार नगर निगम ने अधिक सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है।

नगर निगम की प्रतिक्रिया और अभियान का ब्यौरा

मेयर सुरेंद्र चौहान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नगर निगम कुत्तों को लेकर सख्त नियम लाने जा रहा है। उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर से शुरू होने वाले अभियान के तहत नसबंदी और टीकाकरण को बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा।

इसके अलावा, टुटीकंडी डॉग शेल्टर के विस्तार के लिए ₹18 लाख की मंजूरी दी गई है। आवारा कुत्तों को पकड़कर लाने वालों को ₹200 से ₹300 तक का इनाम देने की भी घोषणा की गई है। साथ ही, निर्धारित स्थानों के बाहर कुत्तों को खाना खिलाने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया जाएगा।

चौहान ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले प्रयासों के दौरान कुछ लोगों ने यह अफवाह फैलाई थी कि शहर में कुत्तों को मारा जा रहा है, परंतु जाँच में ऐसा कुछ नहीं पाया गया। उन्होंने कहा, 'अब फिर से हम कुछ नए नियम बनाने जा रहे हैं, जिससे इन कुत्तों पर रोक लगाई जा सके।'

डॉग लवर्स को नसीहत और पालतू कुत्तों पर सख्ती

मेयर ने डॉग लवर्स को भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'हम लोग अगर किसी कुत्ते को उठाते हैं तो तीन से चार दिन बाद उसी लोकेशन पर वापस रखते हैं, जिसके बाद भी कुछ डॉग लवर्स इसका विरोध करते हैं। हम उनको बताना चाहते हैं कि कुत्ते से ज्यादा इंसान की जिंदगी जरूरी है।'

पालतू कुत्ते पालने वालों को भी चेतावनी दी गई है। मेयर ने स्पष्ट किया कि यदि किसी के पालतू कुत्ते ने किसी को नुकसान पहुँचाया, तो उस मालिक के विरुद्ध नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

आम जनता पर असर

शिमला में करीब 3,000 लावारिस कुत्तों की मौजूदगी पर्यटकों और स्थानीय निवासियों दोनों के लिए लगातार जोखिम पैदा करती है। यह ऐसे समय में आया है जब पर्वतीय शहरों में आवारा पशुओं की समस्या राज्यव्यापी बहस का विषय बनी हुई है।

नगर निगम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उद्देश्य न केवल हमलों की रोकथाम करना है, बल्कि दीर्घकालिक रूप से आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना भी है। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासन इसे किस हद तक ज़मीन पर उतार पाता है।

क्या होगा आगे

3 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले अभियान के नतीजे आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होंगे। टुटीकंडी डॉग शेल्टर के विस्तार और नए नियमों के लागू होने से यह देखना होगा कि क्या शिमला में आवारा कुत्तों का खतरा वास्तव में कम हो पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 3,000 लावारिस कुत्तों की समस्या के लिए यह बजट अपर्याप्त लगता है। असली परीक्षा यह है कि नगर निगम इस बार अभियान को सिर्फ घोषणा तक सीमित न रखे — पिछले प्रयासों में अफवाहों और विरोध के कारण काम बीच में ही रुक गया था। पालतू मालिकों और डॉग लवर्स को भी जवाबदेह बनाने की यह पहल सराहनीय है, बशर्ते इसे कानूनी दाँत मिलें।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिमला के शंकली में कुत्ते के हमले की घटना क्या है?
शिमला के शंकली इलाके में आवारा कुत्तों ने 20 महीने की एक बच्ची पर हमला किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे 20 टांके लगाने पड़े। यह घटना 22 सितंबर 2026 को सामने आई।
शिमला नगर निगम का 3 अक्टूबर से क्या अभियान शुरू होगा?
शिमला नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने 3 अक्टूबर 2026 से बड़े पैमाने पर आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत टुटीकंडी डॉग शेल्टर का विस्तार भी किया जाएगा।
कुत्ता पकड़ने पर कितना इनाम मिलेगा और खाना खिलाने पर क्या जुर्माना होगा?
आवारा कुत्तों को पकड़कर नगर निगम को सौंपने पर ₹200 से ₹300 तक का इनाम दिया जाएगा। निर्धारित स्थानों के बाहर कुत्तों को खाना खिलाने पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया जाएगा।
शिमला में कितने लावारिस कुत्ते हैं और इनसे क्या खतरा है?
अनुमान के अनुसार शिमला शहर में करीब 3,000 लावारिस कुत्ते हैं, जो स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। कुत्ते काटने की घटनाएँ बार-बार सामने आने से यह समस्या गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा मुद्दा बन चुकी है।
पालतू कुत्ते पालने वालों के लिए क्या नियम हैं?
मेयर सुरेंद्र चौहान ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी के पालतू कुत्ते ने किसी व्यक्ति को नुकसान पहुँचाया, तो उस कुत्ते के मालिक के विरुद्ध नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। मालिकों को अपने कुत्तों के व्यवहार के प्रति जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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