बीड में आवारा कुत्ते का 3 साल की बच्ची पर हमला, चेहरे पर लगे 12 टांके; नगरपालिका पर उठे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के बीड जिले के धांडे नगर स्थित शिवतेज नगर में 23 अगस्त को एक आवारा कुत्ते ने घर के सामने खेल रही 3 साल की मासूम बच्ची पर हमला कर दिया, जिससे उसके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और 12 टांके लगाने पड़े। घायल बच्ची की पहचान शिवांशी रामेश्वर घोलप के रूप में हुई है, जिसका फिलहाल नगर नाका स्थित जनाई हॉस्पिटल में उपचार जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
घटना के अनुसार, शिवांशी अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी एक आवारा कुत्ते ने अचानक उस पर हमला कर दिया। कुत्ते के काटने से उसके चेहरे पर गहरे घाव हो गए। परिजन उसे तत्काल जनाई हॉस्पिटल ले गए जहाँ चिकित्सकों ने 12 टांके लगाकर उसका उपचार किया। बच्ची की हालत अभी स्थिर बताई जा रही है।
पिछली घटनाओं का सिलसिला
यह बीड में आवारा कुत्तों के हमले की कोई पहली घटना नहीं है। पिछले सप्ताह ही मोमीनपुरा पेठ इलाके में कई नागरिकों को आवारा कुत्तों के हमले का सामना करना पड़ा था। इससे पूर्व, पिछले महीने धानोर रोड क्षेत्र में घर के दरवाज़े पर खड़ी एक अन्य मासूम बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला किया था और उसे घसीटकर सड़क तक ले गए थे। उस घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद नगरपालिका प्रशासन के विरुद्ध नागरिकों में व्यापक आक्रोश उत्पन्न हुआ था।
नगरपालिका प्रशासन पर सवाल
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बीड नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। स्थानीय निवासी यह जानना चाहते हैं कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनसे उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए प्रशासन ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं। इस घटना के बाद धांडे नगर सहित आसपास के इलाकों में भय का वातावरण है और माता-पिता अपने बच्चों को घर से बाहर खेलने भेजने में हिचकिचा रहे हैं।
आम जनता पर असर
स्थानीय नागरिकों ने माँग की है कि आवारा कुत्तों का तत्काल प्रबंधन किया जाए और विशेष रूप से छोटे बच्चों, विद्यार्थियों तथा आम नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए। आलोचकों का कहना है कि बार-बार की घटनाओं के बावजूद प्रशासन की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं रही है।
क्या होगा आगे
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब महाराष्ट्र के कई शहरों में आवारा पशुओं से जुड़ी दुर्घटनाओं को लेकर नगरपालिकाओं पर दबाव बढ़ रहा है। नागरिक संगठनों ने प्रशासन से ठोस कार्ययोजना और पारदर्शी जवाबदेही की माँग की है। अब देखना यह होगा कि बीड नगरपालिका इस बढ़ते जनाक्रोश के बीच कौन-से प्रभावी कदम उठाती है।