छत्तीसगढ़ के 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: रायपुर में आधे घंटे में 30 मिमी बारिश, जलभराव से जनजीवन प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ में शनिवार रात से जारी मूसलाधार बारिश ने राज्य के बड़े हिस्से को चपेट में ले लिया है। राजधानी रायपुर में मात्र आधे घंटे के भीतर 30 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे शहर के अनेक इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। मौसम विभाग ने 5 जुलाई को प्रदेश के 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक जिलों में यलो अलर्ट प्रभावी है।
मुख्य घटनाक्रम
टाटीबंध समेत रायपुर की कई बस्तियों में पानी घरों के भीतर तक घुस गया। पॉश कॉलोनियों की सड़कें भी जलमग्न रहीं, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 140 मिमी वर्षा सारंगढ़ में रिकॉर्ड की गई, जबकि सरायपाली और बड़े बचेली में 100-100 मिमी बारिश दर्ज हुई।
ऑरेंज और यलो अलर्ट वाले जिले
मौसम विभाग ने कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बालोद और कांकेर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इन क्षेत्रों में भारी से अति भारी वर्षा के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।
इसके अतिरिक्त बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, मुंगेली और जांजगीर-चांपा में यलो अलर्ट जारी है। इन जिलों में मध्यम बारिश और वज्रपात की आशंका व्यक्त की गई है।
तापमान और मौसम की स्थिति
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। कई शहरों में पारा सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुँच गया है। रायपुर का अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.6 डिग्री कम था। बिलासपुर में 28 डिग्री, दुर्ग में 30.6 डिग्री और जगदलपुर में 26.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
किसानों पर असर
बारिश के इस दौर ने खरीफ सीजन में किसानों की गतिविधियों को गति दी है। किसान धान की नर्सरी तैयार करने और बोनी के कार्य में जुट गए हैं। हालाँकि मौसम विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश में सामान्य से लगभग 46 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है, जो चिंता का विषय बना हुआ है।
आगे का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जुलाई में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है, जिससे अब तक की 46% वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।