छत्तीसगढ़: भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपए की सहायता, दीनदयाल योजना का लाभ

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छत्तीसगढ़: भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपए की सहायता, दीनदयाल योजना का लाभ

सारांश

छत्तीसगढ़ सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए दीनदयाल उपाध्याय योजना के अंतर्गत 10 हजार रुपए की सहायता राशि की घोषणा की है। यह कदम उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जानें इस योजना के बारे में और लाभार्थियों की प्रतिक्रियाएँ।

Key Takeaways

  • दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपए की सहायता मिल रही है।
  • इस योजना का उद्देश्य आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता बढ़ाना है।
  • लाभार्थियों ने सरकार के प्रयासों की सराहना की है।
  • यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर होती है।

धमतरी, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ सरकार ने 'मोदी की गारंटी' के तहत एक और महत्वपूर्ण वादा पूरा किया है। राज्य में भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 10 हजार रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। भूमिहीन मजदूरों ने गुरुवार को इस योजना की सराहना की।

धमतरी जिले में इस योजना के तहत 23 हजार से अधिक लाभार्थियों के खातों में 33 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे जमा की गई है। इस सहायता राशि से भूमिहीन मजदूर परिवारों में खुशी की लहर है। मजदूरों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उनके जीवन को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है।

यह योजना छत्तीसगढ़ शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनकी आजीविका को मजबूत करना है। योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को हर साल 10 हजार रुपए की नियमित वित्तीय सहायता मिल रही है। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता भी बढ़ रही है।

भाजपा ने सत्ता में आने के बाद 'मोदी की गारंटी' के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रति वर्ष 10 हजार रुपए देने का वादा किया था, जिसे अब व्यावहारिक रूप दिया जा रहा है। लाभार्थियों का कहना है कि मोदी सरकार जो भी वादा करती है, उसे हर हाल में पूरा करती है।

एक लाभार्थी सुखलाल नेताम ने कहा, "मैं भूमिहीन हूं और मेरे पास अपनी कोई जमीन नहीं है। दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत मुझे 10 हजार रुपए मिले। मैं प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बहुत आभारी हूं। यह रकम सीधे मेरे बैंक खाते में जमा हुई है।"

दूसरे लाभार्थी खेमराज साहू ने बताया, "मेरे पास अपनी कोई जमीन नहीं है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत मैंने आवेदन किया था। मेरे खाते में 10 हजार रुपए जमा हो गए। मैं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं।"

परदेशी सोनी ने कहा, "मैं भूमिहीन मजदूर हूं, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने हमारे जैसे कई भूमिहीन मजदूरों का पूरा ध्यान रखा। मैं योजना के लिए राज्य की विष्णुदेव सरकार और केंद्र की मोदी सरकार का आभार व्यक्त करता हूं।"

राजा पवार ने योजना की तारीफ करते हुए कहा, "भूमिहीनों के लिए लाई गई इस योजना से मुझे 10 हजार रुपए की राशि मिली है। यह बहुत फायदेमंद योजना है। मैं सरकार का विशेष आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने हमारे जैसे गरीब मजदूरों के लिए इतना अच्छा विचार रखा।"

मजदूरों ने खासतौर पर इस बात पर खुशी जताई कि शादी के सीजन और गर्मी के दिनों में जब काम कम मिलता है और आर्थिक तंगी रहती है, ठीक उसी समय सरकार ने यह सहायता राशि प्रदान की। इससे उनकी कई जरूरतें पूरी हो सकेंगी।

Point of View

बल्कि उन्हें सामाजिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर भी बढ़ाएगी। यह कदम सरकार की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
NationPress
31/03/2026

Frequently Asked Questions

दीनदयाल उपाध्याय योजना क्या है?
यह योजना भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
इस योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 10 हजार रुपए की राशि दी जाती है।
इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार इस योजना के लाभार्थी हैं।
राशि कैसे प्राप्त होती है?
यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।
क्या इस योजना का कोई आवेदन प्रक्रिया है?
हाँ, लाभार्थियों को इस योजना के लिए आवेदन करना होता है।
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