छत्तीसगढ़ में 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ का ट्रांसफर, मुख्यमंत्री की विशेष पहल!

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छत्तीसगढ़ में 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ का ट्रांसफर, मुख्यमंत्री की विशेष पहल!

सारांश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की यह पहल 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ का लाभ पहुंचाएगी। जानें इस योजना के प्रमुख बिंदु और इसके लाभ।

Key Takeaways

  • 500 करोड़ रुपए का ट्रांसफर 5 लाख भूमिहीन परिवारों के लिए।
  • 10,000 रुपए की वार्षिक सहायता प्रति परिवार।
  • सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया।
  • सामाजिक समावेशन और आर्थिक आत्मनिर्भरता का उद्देश्य।
  • मुख्यमंत्री की विशेष पहल से ग्रामीण विकास को बढ़ावा।

रायपुर, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुधवार को 'दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि श्रमिक कल्याण योजना' के अंतर्गत लगभग 500 करोड़ रुपए सीधे 5,00,000 भूमिहीन कृषि श्रमिक परिवारों के बैंक खातों में स्थानांतरित करेंगे।

यह धनराशि बलोदाबाजार से ट्रांसफर की जाएगी, जो ग्रामीण समुदाय के सबसे कमजोर वर्गों के प्रति राज्य की सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के तहत, सरकार योग्य परिवारों के खातों में सीधे 10,000 रुपए की वार्षिक वित्तीय सहायता देती है।

राज्य सरकार ने अपने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, ताकि अधिकतम जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंच सके। 4,95,000 से अधिक पात्र परिवारों के लिए कुल 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपए की राशि निर्धारित की गई है। यह राशि सीधे वितरित की जा रही है, जिससे बिचौलियों को हटाया जा रहा है और हर लाभार्थी को पूरी राशि बिना किसी कटौती के मिल रही है।

यह योजना केवल कृषि श्रमिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अन्य भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं, जैसे कि वन उपज एकत्र करने वाले, पशुपालक, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई और धोबी जैसे पारंपरिक सेवा प्रदाता।

अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले पुजारी और बैगा, गुनिया और मांझी समुदायों के परिवार भी इस योजना के अंतर्गत आते हैं। राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक माने जाने वाले 22,028 बैगा और गुनिया परिवारों को इस योजना में विशेष रूप से शामिल किया गया है।

वार्षिक सहायता राशि को पहले के 7,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए प्रति वर्ष कर दिया गया है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने में अधिक राहत मिलेगी।

रायपुर जिले में लाभार्थियों की संख्या सबसे अधिक 53,338 है, इसके बाद बिलासपुर में 39,401 और महासमुंद में 37,011 लाभार्थी हैं। सबसे कम संख्या बीजापुर में 1,542, कोरिया में 1,549 और नारायणपुर में 1,805 परिवारों की है।

सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिससे पूरी पारदर्शिता और समय पर धनराशि का हस्तांतरण सुनिश्चित हो गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता प्रदान करना नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य भूमिहीन परिवारों की आय बढ़ाना, उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और सामाजिक मुख्यधारा में एकीकृत करना है।

Point of View

बल्कि यह ग्रामीण विकास और सामाजिक समावेशन को भी बढ़ावा देती है। मुख्यमंत्री की यह पहल जरूरतमंद परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

इस योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य भूमिहीन परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कितनी राशि ट्रांसफर की जाएगी?
लगभग 500 करोड़ रुपए सीधे 5 लाख भूमिहीन परिवारों के खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे।
कौन-कौन से परिवार इस योजना के अंतर्गत आते हैं?
इसमें भूमिहीन कृषि श्रमिक, वन उपज एकत्र करने वाले, पशुपालक, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई और धोबी शामिल हैं।
इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
पात्र परिवारों के बैंक खातों में सीधे 10,000 रुपए की वार्षिक वित्तीय सहायता दी जाएगी।
ई-केवाईसी प्रक्रिया का क्या महत्व है?
ई-केवाईसी प्रक्रिया से पूरी पारदर्शिता और समय पर धनराशि का हस्तांतरण सुनिश्चित होता है।
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