छत्तीसगढ़ में कक्षा 1 प्रवेश की न्यूनतम आयु 6 वर्ष तय, NEP-2020 के तहत 2026-27 से लागू होंगे नए नियम
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के अनुरूप शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्कूलों में प्रवेश के लिए नई आयु सीमा लागू करने का निर्णय लिया है। नए नियमों के अनुसार, पहली कक्षा में दाखिले के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 6 वर्ष अनिवार्य होगी और आयु की गणना 1 अप्रैल को आधार मानकर की जाएगी। यह नियम राज्य के सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
कक्षावार आयु सीमा का पूरा ढाँचा
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों में प्रत्येक कक्षा के लिए आयु सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है। नर्सरी में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु 3 से 4 वर्ष, केजी-1 के लिए 4 से 5 वर्ष, केजी-2 के लिए 5 से 6 वर्ष और पहली कक्षा के लिए 6 से 7 वर्ष रखी गई है।
गौरतलब है कि NEP-2020 में 5+3+3+4 के नए स्कूली ढाँचे की सिफारिश की गई है, जिसमें आधारभूत शिक्षा की शुरुआत 3 वर्ष की आयु से होती है। छत्तीसगढ़ का यह कदम उसी राष्ट्रीय ढाँचे को राज्य स्तर पर क्रियान्वित करने की दिशा में उठाया गया है।
विशेष परिस्थितियों में छूट का प्रावधान
सरकार ने कुछ विशेष स्थितियों में राहत देने का भी प्रावधान किया है। यदि किसी बच्चे की निर्धारित आयु 1 जुलाई तक पूरी हो जाती है, तो उसे 3 महीने की विशेष छूट देकर प्रवेश दिया जा सकेगा। इसके अलावा, मान्यता प्राप्त प्री-प्राइमरी स्कूलों से अगली कक्षा में प्रमोट होने वाले छात्रों को भी आयु सीमा में छूट मिलेगी।
प्रवेश के दौरान बच्चे की जन्मतिथि का निर्धारण स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC), अंकसूची या स्कोर कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर किया जाएगा। यह प्रावधान दस्तावेज़ीकरण में एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जोड़ा गया है।
RTE की 25% सीटों पर भी प्रभावी
नए आयु नियम शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर भी लागू होंगे। इसका अर्थ है कि आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के बच्चों को भी इसी आयु मानदंड का पालन करना होगा। राज्य सरकार ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और अभिभावकों को नई प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा सत्र का कैलेंडर भी बदला
इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने 1 अप्रैल 2027 से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ करने के संबंध में भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग के आदेश में कहा गया है कि अब राज्य में शिक्षा सत्र का संचालन प्रतिवर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होगा — जो केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (CBSE) और अन्य बोर्डों के अनुरूप है।
वर्तमान में राज्य में शिक्षा सत्र 16 जून से 30 अप्रैल तक चलता है। नए कैलेंडर में 1 मई से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि स्कूल प्रवेश उत्सव, निशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल वितरण और गणवेश वितरण सभी 1 अप्रैल से प्रारंभ किए जाएँ।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्य NEP-2020 को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहे हैं और प्री-प्राइमरी शिक्षा को औपचारिक स्कूली ढाँचे में एकीकृत करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के इस निर्णय से लाखों अभिभावकों को अपने बच्चों के दाखिले की योजना नए सिरे से बनानी होगी। जिला शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे जागरूकता अभियान चलाकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र बच्चा केवल जानकारी के अभाव में प्रवेश से वंचित न रहे।