दिल्ली-एनसीआर में नया शैक्षणिक सत्र शुरू, गौतमबुद्ध नगर में स्कूल टाइमिंग को लेकर भ्रम
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में 1 जुलाई, बुधवार से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया। करीब डेढ़ महीने की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और उत्तर प्रदेश बोर्ड से संबद्ध इंटरमीडिएट तक के अधिकांश स्कूलों में नियमित कक्षाएँ फिर से आरंभ हुईं। हालाँकि, गौतमबुद्ध नगर में भीषण गर्मी के मद्देनज़र जारी किए गए प्रशासनिक टाइमिंग आदेश का कई निजी स्कूलों ने पालन नहीं किया, जिससे अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी रही।
एनसीआर भर में लौटी रौनक
दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाज़ियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा — पूरे एनसीआर में बुधवार सुबह से ही स्कूल परिसरों में बच्चों की चहल-पहल देखी गई। लंबी छुट्टियों के बाद दोस्तों और शिक्षकों से मिलने की खुशी बच्चों के चेहरों पर स्पष्ट दिखी। अभिभावकों ने भी नए सत्र की शुरुआत को लेकर उत्साह जताया।
पहले दिन विशेष गतिविधियाँ
नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन स्कूलों में विशेष स्वागत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पहली बार स्कूल पहुँचे नए विद्यार्थियों का परिचय सहपाठियों और शिक्षकों से कराया गया ताकि वे सहज महसूस कर सकें। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नए पाठ्यक्रम, वार्षिक शैक्षणिक गतिविधियों, परीक्षा प्रणाली, अनुशासन और स्कूल के नियमों से अवगत कराया।
गौतमबुद्ध नगर में टाइमिंग विवाद
जिले में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने स्कूलों का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित करने का आदेश जारी किया था। इस निर्देश का उद्देश्य बढ़ते तापमान के बीच बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इसके बावजूद, जिले के कई निजी स्कूलों ने BSA के निर्देशों का पालन नहीं किया और अपने पूर्व-निर्धारित समय के अनुसार ही कक्षाएँ संचालित कीं।
अभिभावकों में भ्रम की स्थिति
कई स्कूलों के पुराने समय पर खुलने से अभिभावकों के बीच भ्रम बना रहा। कुछ अभिभावकों ने सवाल उठाया कि प्रशासनिक आदेश जारी होने के बावजूद यदि सभी स्कूल एकसमान समय का पालन नहीं करेंगे, तो इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।
आगे क्या होगा
नए सत्र की शुरुआत के साथ विद्यार्थियों में पढ़ाई को लेकर नया उत्साह दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में नियमित शिक्षण कार्य के साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ भी शुरू होंगी। प्रशासन से अपेक्षा है कि निजी स्कूलों द्वारा टाइमिंग आदेश की अनदेखी के मामले में स्पष्टीकरण जारी किया जाए।