27 जुलाई 2026
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छिंदवाड़ा की प्रिया मालवीय बनीं भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर, AFCAT में हासिल की 113वीं रैंक

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छिंदवाड़ा की प्रिया मालवीय बनीं भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर, AFCAT में हासिल की 113वीं रैंक

सारांश

छिंदवाड़ा की बेटी प्रिया मालवीय ने AFCAT 2025 में ऑल इंडिया 113वीं रैंक हासिल कर भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनने का सपना पूरा किया — जिले की पहली बेटी जिसने यह मुकाम छुआ। पुलिसकर्मी पिता की बेटी अब हैदराबाद में ट्रेनिंग के लिए रवाना होंगी।

मुख्य बातें

प्रिया मालवीय ने AFCAT 2025 में ऑल इंडिया 113वीं रैंक हासिल कर भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर चयन पाया।
वे छिंदवाड़ा जिले की पहली बेटी हैं जिन्होंने यह पद प्राप्त किया।
प्रिया ने गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीई की डिग्री ली है।
परीक्षा की तैयारी ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से की; AFCAT के बाद SSB इंटरव्यू और मेडिकल परीक्षण पास किया।
प्रिया के पिता रवि मालवीय छिंदवाड़ा कोतवाली में ASI के पद पर कार्यरत हैं।
अब प्रिया आगे की ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद रवाना होंगी।

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की बेटी प्रिया मालवीय ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर चयनित होकर इतिहास रच दिया है। वर्ष 2025 में आयोजित एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) में उन्होंने ऑल इंडिया 113वीं रैंक हासिल की और छिंदवाड़ा जिले की पहली फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि ने परिवार और पूरे जिले में उत्साह की लहर दौड़ा दी है।

चयन प्रक्रिया और शैक्षणिक पृष्ठभूमि

प्रिया ने बताया कि AFCAT क्वालीफाई करने के बाद सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू होता है, उसके बाद मेडिकल परीक्षण और अंत में फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि एक कोर्स में लगभग 300 से 350 अभ्यर्थियों को शामिल किया जाता है। प्रिया ने गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीई की डिग्री प्राप्त की है।

तैयारी का सफर: ऑनलाइन कोचिंग से आसमान तक

प्रिया ने परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग का सहारा लिया। अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद अच्छा अनुभव रहा। उन्होंने यह भी कहा, 'मेरा मानना है कि मैं ही नहीं, सभी बेटियाँ आगे बढ़ें। बेटियाँ अपना करियर खुद चुनें।' पिता को छिंदवाड़ा कोतवाली में एएसआई के रूप में देश सेवा करते देख प्रिया के मन में भी वर्दी पहनने का सपना जन्मा, जो अब साकार हो चुका है।

पिता की भावुक प्रतिक्रिया

प्रिया के पिता रवि मालवीय, जो छिंदवाड़ा कोतवाली में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत हैं, ने कहा कि बेटी की इस सफलता पर उन्हें अंदर से गहरी खुशी की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा, 'बेटी ने मेरा जीवन सार्थक कर दिया है। जिले में पहली बेटी हैं, जिन्होंने यह पद हासिल किया है।' रवि मालवीय ने यह भी बताया कि प्रिया पढ़ाई के प्रति हमेशा से जागरूक रहीं और उन्हें कभी डाँटने का अवसर ही नहीं आया।

आगे का रास्ता: हैदराबाद में होगी ट्रेनिंग

फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में चयन के बाद प्रिया मालवीय अब हैदराबाद में प्रशिक्षण के लिए रवाना होंगी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में महिलाओं की सशस्त्र बलों में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। छिंदवाड़ा जैसे मध्यम आकार के जिले से किसी बेटी का वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनना क्षेत्र की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और छिंदवाड़ा जैसे जिलों से ऐसी सफलताएँ इस असंतुलन को पाटने की दिशा में ज़मीनी बदलाव का संकेत देती हैं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रिया मालवीय कौन हैं और उन्होंने क्या हासिल किया?
प्रिया मालवीय मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की रहने वाली हैं, जिन्होंने AFCAT 2025 में ऑल इंडिया 113वीं रैंक हासिल कर भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर चयन पाया। वे छिंदवाड़ा जिले की पहली बेटी हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।
AFCAT परीक्षा और चयन प्रक्रिया क्या होती है?
AFCAT यानी एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट क्वालीफाई करने के बाद SSB इंटरव्यू, फिर मेडिकल परीक्षण और अंत में फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार होती है। एक कोर्स में लगभग 300 से 350 अभ्यर्थियों को शामिल किया जाता है।
प्रिया मालवीय की शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है?
प्रिया ने गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीई की डिग्री प्राप्त की है। इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने AFCAT की ऑनलाइन कोचिंग के ज़रिए तैयारी की।
प्रिया मालवीय की ट्रेनिंग कहाँ होगी?
फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में चयन के बाद प्रिया मालवीय हैदराबाद में प्रशिक्षण के लिए रवाना होंगी, जहाँ भारतीय वायुसेना का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र स्थित है।
प्रिया मालवीय की सफलता अन्य बेटियों के लिए क्यों प्रेरणादायक है?
प्रिया ने ऑनलाइन कोचिंग के ज़रिए AFCAT जैसी कठिन परीक्षा में ऑल इंडिया 113वीं रैंक हासिल की, जो यह साबित करती है कि छोटे शहरों की बेटियाँ भी सशस्त्र बलों में उच्च पद प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने खुद कहा कि सभी बेटियाँ आगे बढ़ें और अपना करियर खुद चुनें।
राष्ट्र प्रेस
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