सैनिक स्कूल गोलपाड़ा से IAF तक: फ्लाइंग ऑफिसर के. नीरज चंद्र सिंघा बने पूर्वोत्तर के युवाओं की प्रेरणा
सारांश
मुख्य बातें
फ्लाइंग ऑफिसर के. नीरज चंद्र सिंघा को 13 जून 2025 को डुंडीगल स्थित वायु सेना अकादमी में आयोजित संयुक्त स्नातक परेड (कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड) के दौरान भारतीय वायुसेना की मौसम विज्ञान (मेटेरोलॉजी) शाखा में कमीशन प्रदान किया गया। असम में जन्मे और पले-बढ़े सिंघा का यह सफर दृढ़ संकल्प, अनुशासन और अटूट परिश्रम की एक जीवंत मिसाल बन गया है।
सैनिक स्कूल गोलपाड़ा: नींव जहाँ से रखी गई
सैनिक स्कूल गोलपाड़ा के पूर्व छात्र सिंघा के अनुसार, इसी संस्थान ने उनके व्यक्तित्व को गढ़ा। उन्होंने बताया कि स्कूल ने उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, धैर्य और देशभक्ति की भावना विकसित की। स्कूल के वरिष्ठ कैडेटों और पूर्व छात्रों को सशस्त्र बलों में सेवा करते देख उनके मन में भी सेना में जाने का संकल्प पक्का हुआ।
गौरतलब है कि सैनिक स्कूल गोलपाड़ा पूर्वोत्तर भारत के उन प्रमुख संस्थानों में से एक है जो दशकों से देश को अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी प्रदान करता आ रहा है।
शैक्षणिक तैयारी और निरंतर परिश्रम
अपने लक्ष्य को साकार करने के लिए सिंघा ने बी.टेक की पढ़ाई पूरी की, जिससे उनकी पेशेवर और तकनीकी दक्षता मज़बूत हुई। इसके साथ-साथ उन्होंने देश सेवा का सपना देखने वाले अन्य युवाओं का मार्गदर्शन भी किया। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर के युवाओं में रक्षा सेवाओं के प्रति रुझान तेज़ी से बढ़ रहा है।
चुनौतियाँ और उनसे पार पाने का हौसला
अपने सफर के दौरान सिंघा को कई चुनौतियों और अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने धैर्य, समर्पण और निरंतर प्रयासों के बल पर हर बाधा को पार किया। वर्षों की मेहनत का परिणाम तब सामने आया जब उनका चयन भारतीय वायुसेना की मेटेरोलॉजी शाखा के लिए हुआ — एक ऐसी शाखा जो वायुसेना के अभियानों में मौसम संबंधी सटीक जानकारी देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सफलता का श्रेय और प्रेरणा का संदेश
कमीशंड अधिकारी बनने के बाद सिंघा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के अटूट समर्थन, सैनिक स्कूल गोलपाड़ा से मिले संस्कारों और ईश्वर में अपनी आस्था को दिया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।
फ्लाइंग ऑफिसर सिंघा की यह यात्रा पूर्वोत्तर भारत के उन असंख्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं।