भारतीय वायुसेना की 217वीं कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड 13 जून को डुंडीगल में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना अकादमी (एएफए), डुंडीगल, हैदराबाद में 217वें कोर्स की कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड का आयोजन 13 जून 2026 को किया जाएगा। इस ऐतिहासिक समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समीक्षा अधिकारी के रूप में उपस्थित रहेंगे और पास आउट होने वाले प्रशिक्षुओं को 'प्रेसिडेंट्स कमीशन' प्रदान करेंगे। यह परेड सैन्य अनुशासन और उत्कृष्टता का प्रतीक है, जिसमें विभिन्न शाखाओं के फ्लाइट कैडेट्स अपना प्री-कमीशनिंग प्रशिक्षण पूरा कर राष्ट्रसेवा की शपथ लेंगे।
समारोह में क्या होगा खास
परेड के दौरान सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले फ्लाइट कैडेट्स को 'विंग्स' और 'ब्रेवेट्स' प्रदान किए जाएंगे। मेरिट सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले कैडेट्स को 'प्रेसिडेंट्स प्लाक' से सम्मानित किया जाएगा, जिसमें फ्लाइंग, नेविगेशन और ग्राउंड ड्यूटी — तीनों शाखाएँ शामिल हैं।
इस समारोह में भारतीय वायुसेना के अधिकारियों और प्रशिक्षुओं के साथ-साथ भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ वियतनाम के कैडेट्स भी भाग लेंगे।
ऐतिहासिक क्षण: एनडीए की पहली महिला बैच को कमीशन
यह समारोह इस दृष्टि से विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि इसमें राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), पुणे की महिला कैडेट्स के पहले बैच को कमीशन दिया जाएगा। इन कैडेट्स ने 30 मई 2025 को एनडीए से पास आउट होने के बाद भारतीय वायुसेना अकादमी में शाखा-विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। यह भारतीय सशस्त्र बलों में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
आकाश में होगा भव्य हवाई प्रदर्शन
परेड का आगाज़ आकाश गंगा और एयर वॉरियर ड्रिल टीम के शानदार प्रदर्शन से होगा। इसके बाद वायुसेना प्रमुख एपी सिंह के नेतृत्व में भव्य फ्लाई-पास्ट का आयोजन किया जाएगा।
फ्लाई-पास्ट में पिलाटस, हॉक, किरण और चेतक जैसे ट्रेनर विमान शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त एसयू-30 एमकेआई, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के हवाई करतब इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेंगे।
लाइव प्रसारण और डुंडीगल अकादमी का महत्व
यह समारोह 13 जून को सुबह 7 बजे IST से डीडी नेशनल और भारतीय वायुसेना के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर लाइव प्रसारित किया जाएगा।
डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी भारतीय वायुसेना का प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है, जो फ्लाइंग के साथ-साथ ग्राउंड ड्यूटी (तकनीकी एवं गैर-तकनीकी) शाखाओं के अधिकारियों को प्रशिक्षित करती है। यह अकादमी थल सेना और नौसेना के अफसरों को भी उड़ान प्रशिक्षण प्रदान करती है। इस परेड के साथ भारतीय वायुसेना अपनी परिचालन क्षमता और विविधता को और मज़बूत करने की दिशा में अग्रसर रहेगी।