IMA और वायुसेना अकादमी की पासिंग आउट परेड 13 जून को, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) और हैदराबाद स्थित वायुसेना अकादमी में 13 जून 2025 को एक ऐतिहासिक दिन के रूप में दर्ज होगा, जब सैकड़ों भारतीय और विदेशी कैडेट अधिकारी पद ग्रहण कर अपने सैन्य जीवन का नया अध्याय शुरू करेंगे। वायुसेना अकादमी में सुबह 7 बजे IST से आयोजित होने वाली संयुक्त स्नातक परेड की समीक्षा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे, जबकि IMA की पासिंग आउट परेड में भूटान, जमैका और रवांडा सहित कई मित्र देशों के कैडेट भी शामिल होंगे।
वायुसेना अकादमी की संयुक्त स्नातक परेड
हैदराबाद स्थित वायुसेना अकादमी में 13 जून की सुबह आयोजित होने वाली संयुक्त स्नातक परेड उन कैडेटों के कठिन परिश्रम और समर्पण का उत्सव है, जिन्होंने कड़े प्रशिक्षण, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर इस मुकाम को हासिल किया है। इस अवसर पर कैडेट भारतीय वायुसेना के अधिकारी के रूप में देश सेवा की शपथ लेंगे। परेड का सीधा प्रसारण भी सुबह 7 बजे से उपलब्ध होगा, जिससे देशभर के नागरिक इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बन सकेंगे।
IMA पासिंग आउट परेड और विदेशी कैडेटों के अनुभव
भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड से पहले विभिन्न मित्र देशों के कैडेटों ने अपने अनुभव साझा किए। भूटान से आए एक कैडेट ने बताया कि अकादमी में मिले अनुशासन, सत्यनिष्ठा और दृढ़ता के मूल्यों ने उन्हें सैन्य सेवा के लिए पूरी तरह तैयार किया है। जमैका के एक कैडेट ने कहा कि कठिन प्रशिक्षण और साथियों के साथ विकसित हुई मित्रता जीवनभर उनके साथ रहेगी, और यह अनुभव भारत-जमैका के बीच गहरी मित्रता का प्रतीक है।
रवांडा से आए कैडेट ने IMA के प्रशिक्षण काल को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि कठोर सैन्य शिक्षा और निरंतर प्रयासों ने उन्हें एक सक्षम अधिकारी के रूप में विकसित किया है। उन्होंने अकादमी के प्रशिक्षण मानकों और नेतृत्व विकास की प्रशंसा की और कहा कि यहाँ प्राप्त अनुभव उनके पूरे सैन्य जीवन में मार्गदर्शक साबित होगा।
भारत की सैन्य शिक्षा की वैश्विक स्वीकार्यता
गौरतलब है कि IMA और वायुसेना अकादमी में विभिन्न देशों के कैडेटों का प्रशिक्षण प्राप्त करना भारत की सैन्य शिक्षा प्रणाली की वैश्विक साख का प्रमाण है। यह न केवल सैन्य कौशल के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मित्रता, विश्वास और रक्षा सहयोग को भी नई मजबूती प्रदान करता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रक्षा कूटनीति को वैश्विक स्तर पर सक्रिय रूप से विस्तार दे रहा है।
आगे क्या
13 जून 2025 को दोनों अकादमियों से उत्तीर्ण होने वाले कैडेट देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में सैन्य नेतृत्व की नई जिम्मेदारियाँ संभालेंगे। भारतीय सशस्त्र बलों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है — यह केवल एक परेड नहीं, बल्कि भविष्य के सैन्य नेतृत्व के निर्माण की दिशा में एक सुदृढ़ कदम है।