एनडीए के पहले महिला बैच की 14 कैडेट बनेंगी अधिकारी, 9 थलसेना और 5 वायुसेना में कमीशन
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पहले महिला बैच की 14 कैडेट शनिवार, 14 जून 2025 को अधिकारी के रूप में कमीशन होंगी — यह भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में एक मील का पत्थर है। इनमें से 9 महिला कैडेट देहरादून स्थित इंडियन मिलिटरी अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड के ज़रिए भारतीय थलसेना में शामिल होंगी, जबकि 5 महिला कैडेट हैदराबाद के डुंडीगल एयर फोर्स अकादमी से भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनेंगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इससे पहले एनडीए के द्वार महिलाओं के लिए बंद थे। जून 2022 में सर्वोच्च न्यायालय के एक ऐतिहासिक आदेश के बाद महिलाओं की एनडीए में प्रवेश की राह खुली। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका को लेकर व्यापक बहस और सुधार की माँग वर्षों से उठती रही है। तीन वर्षों की कठोर प्रशिक्षण यात्रा के बाद यह बैच अब देश की सेवा में उतरने के लिए तैयार है।
मुख्य घटनाक्रम
आईएमए की पासिंग आउट परेड की समीक्षा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी। इस परेड में कुल 515 कैडेट पास आउट होंगे, जिनमें 16 देशों के 34 विदेशी कैडेट भी शामिल हैं। डुंडीगल एयर फोर्स अकादमी के समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उपस्थित रहेंगे।
वायुसेना के 217वें कोर्स के फ्लाइंग और ग्राउंड ड्यूटी ब्रांच के कुल 231 फ्लाइट कैडेट प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं — इनमें 194 पुरुष और 37 महिला कैडेट शामिल हैं। इन 37 महिला कैडेट्स में से 5 एनडीए के पहले महिला बैच की हैं।
समारोह के प्रमुख आकर्षण
कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड का समापन कई शानदार प्रदर्शनों के साथ होगा। वायुसेना के सुखोई लड़ाकू विमान, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम समारोह के मुख्य आकर्षण होंगे। इस अवसर की एक विशेष बात यह होगी कि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह स्वयं 9 एयरक्राफ्ट वाली सूर्यकिरण टीम के एक विमान को उड़ाते नज़र आएंगे।
गौरतलब है कि पिछले महीने 52 शार्क्स स्क्वाड्रन (सूर्यकिरण) के 30वें स्थापना दिवस पर भी एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने हॉक एमके-132 विमान उड़ाया था।
आम जनता पर असर
यह कमीशनिंग केवल एक सैन्य समारोह नहीं है — यह उन हज़ारों युवा महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है जो सशस्त्र बलों में करियर बनाने की आकांक्षा रखती हैं। एनडीए जैसी संस्था — जो दशकों तक पुरुषों का गढ़ रही — में महिलाओं का पहला बैच अधिकारी बनना, लैंगिक समानता की दिशा में एक ठोस और ऐतिहासिक कदम है।
क्या होगा आगे
इन 14 अधिकारियों की कमीशनिंग के बाद एनडीए में महिलाओं के अगले बैच की ट्रेनिंग भी जारी है। भविष्य में इस संख्या के और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि सशस्त्र बलों में महिलाओं की भर्ती और प्रशिक्षण को लेकर नीतिगत ढाँचा अब स्थापित हो चुका है।