कोलकाता के हेस्टिंग्स में स्ट्रीट लाइट गिरने से 6 साल की गुड़िया खातून की मौत, रखरखाव पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
मध्य कोलकाता के हेस्टिंग्स इलाके में सोमवार, 25 मई 2026 की सुबह एक दर्दनाक हादसे में 6 वर्षीय गुड़िया खातून की जान चली गई, जब सड़क पर लगे एक लैंप पोस्ट से लाइट टूटकर सीधे उसके सिर पर आ गिरी। घटना के बाद परिवार और स्थानीय निवासियों ने नगर निकाय पर सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे के रखरखाव में घोर लापरवाही का आरोप लगाया है।
घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह हादसा सोमवार सुबह लगभग 7 बजे हुआ। गुड़िया खातून उस लैंप पोस्ट के नीचे खेल रही थी जिसमें कई लाइटें लगी हुई थीं। अचानक उनमें से एक लाइट टूटकर बच्ची के सिर पर गिर गई, जिससे उसके सिर से खून बहने लगा और वह जमीन पर गिर पड़ी। परिवार के सदस्यों का कहना है कि गुड़िया की मौत मौके पर ही हो गई थी।
घायल बच्ची को तत्काल एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शोकाकुल परिवार ने बताया कि गुड़िया की रोज़ाना घर के पास वाली गली में खेलने की आदत थी — वह उस दिन भी हमेशा की तरह ही खेल रही थी।
रखरखाव में लापरवाही के आरोप
परिवार ने खुलासा किया कि सड़क पर गिरी उस लाइट में तीन छेद थे, लेकिन उनमें से केवल एक में ही नट लगा हुआ था। इस तथ्य को वे लापरवाही का सबसे बड़ा प्रमाण मान रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने भी सवाल उठाया है कि उस लैंप पोस्ट का कभी नियमित रखरखाव हुआ भी था या नहीं।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब महानगरों में जर्जर सार्वजनिक ढाँचे से जुड़ी दुर्घटनाओं पर चिंता बढ़ रही है। आलोचकों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाकों में — जहाँ बच्चे अक्सर फुटपाथों और गलियों में खेलते हैं — स्ट्रीट लाइट और लैंप पोस्ट जैसे उपकरणों की नियमित जाँच अनिवार्य होनी चाहिए।
स्थानीय परिवेश और जोखिम
घटनास्थल के आसपास हेस्टिंग्स इलाके में बड़ी संख्या में आबादी रहती है और निकट में कई झुग्गियाँ भी हैं। इन बस्तियों में रहने वाले परिवारों के बच्चे अक्सर गलियों और फुटपाथों को खेल का मैदान बनाते हैं, जिससे इस तरह के हादसों का जोखिम स्वाभाविक रूप से अधिक रहता है।
पुलिस जाँच और प्रशासनिक कार्रवाई
घटनास्थल के चारों ओर बैरिकेड लगाकर क्षेत्र को घेर दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है। अभी तक किसी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना के बाद यह सवाल और तीखा हो गया है कि शहर के सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे की जवाबदेही कौन तय करेगा।