ईसीनेट ऐप ने मतगणना के दिन 68 लाख साइबर हमले नाकाम किए, 10 करोड़ से अधिक डाउनलोड

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ईसीनेट ऐप ने मतगणना के दिन 68 लाख साइबर हमले नाकाम किए, 10 करोड़ से अधिक डाउनलोड

सारांश

मतगणना के दिन प्रति मिनट 3 करोड़ हिट झेलते हुए ईसीनेट ने 68 लाख साइबर हमलों को नाकाम किया — यह भारत के डिजिटल चुनावी बुनियादी ढाँचे की अब तक की सबसे बड़ी साइबर परीक्षा थी। 10 करोड़ डाउनलोड और पहली बार राष्ट्रव्यापी क्यूआर कोड पहचान प्रणाली के साथ, ईसीनेट 2026 चुनावों का सबसे चर्चित तकनीकी स्तंभ बन गया।

मुख्य बातें

भारत निर्वाचन आयोग के ईसीनेट प्लेटफॉर्म ने 4 मई 2026 को मतगणना के दिन 68 लाख से अधिक साइबर हमलों को निष्प्रभावी किया।
मतदान के तीनों चरणों ( 9, 23 और 29 अप्रैल 2026 ) में ईसीनेट पर 98.3 करोड़ से अधिक हिट दर्ज हुए; मतगणना के दिन प्रति मिनट 3 करोड़ हिट दर्ज हुए।
ऐप जनवरी 2026 में आधिकारिक रूप से लॉन्च हुआ और अब तक 10 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।
पहली बार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली लागू की गई; मतगणना के दिन 3.2 लाख से अधिक क्यूआर कोड जनरेट हुए।
ECI ने 5 मई 2026 को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में नई विधानसभाओं के गठन की अधिसूचना जारी की।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आईटी प्लेटफॉर्म ईसीनेट ने विधानसभा चुनाव और उपचुनाव 2026 के दौरान चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और कुशल बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई। 4 मई 2026 को मतगणना के दिन इस प्लेटफॉर्म ने 68 लाख से अधिक दुर्भावनापूर्ण साइबर हमलों को सफलतापूर्वक निष्प्रभावी किया, जो भारत और विदेशों से चुनाव परिणाम पोर्टल सहित कई महत्वपूर्ण प्रणालियों को निशाना बना रहे थे। चुनाव आयोग ने बुधवार, 6 मई 2026 को यह जानकारी साझा की।

ईसीनेट की लॉन्च और विस्तार की यात्रा

ईसीनेट ऐप का बीटा संस्करण सबसे पहले नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान परीक्षण के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। इसकी सफलता के बाद जनवरी 2026 में इसे आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया। लॉन्च के बाद से इस ऐप के उपयोग में तेज़ी से बढ़ोतरी दर्ज की गई और अब तक यह 10 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में डिजिटल चुनाव प्रबंधन को लेकर लंबे समय से माँग उठती रही है। ईसीनेट ने रियल-टाइम मॉनिटरिंग, त्वरित रिपोर्टिंग और बेहतर समन्वय सुनिश्चित कर पूरे चुनावी तंत्र को सुव्यवस्थित किया।

मतदान और मतगणना के दिन ट्रैफिक के आँकड़े

मतदान के तीन चरणों — 9 अप्रैल, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 — के दौरान ईसीनेट पर कुल 98.3 करोड़ से अधिक हिट दर्ज किए गए। इससे भी अधिक उल्लेखनीय यह रहा कि 4 मई 2026 को मतगणना के दिन इस प्लेटफॉर्म पर प्रति मिनट औसतन 3 करोड़ हिट दर्ज हुए।

गौरतलब है कि इतने भारी ट्रैफिक के बावजूद प्लेटफॉर्म बिना किसी व्यवधान के चलता रहा, जो इसकी उच्च क्षमता और तकनीकी विश्वसनीयता को रेखांकित करता है।

साइबर सुरक्षा में मजबूत प्रदर्शन

साइबर सुरक्षा के मोर्चे पर ईसीनेट ने उल्लेखनीय सफलता दिखाई। 4 मई 2026 को मतगणना के दिन भारत और विदेशों से हुए 68 लाख से अधिक दुर्भावनापूर्ण साइबर हमलों को सफलतापूर्वक निष्प्रभावी किया गया। ये हमले चुनाव परिणाम पोर्टल सहित कई महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म को निशाना बना रहे थे।

यह पहली बार नहीं है जब भारत के चुनावी बुनियादी ढाँचे पर साइबर हमले हुए हों, लेकिन इस पैमाने पर हमलों को एकल दिन में नाकाम करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली की शुरुआत

सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए इन चुनावों में पहली बार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ईसीनेट के माध्यम से क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली लागू की गई। मतगणना के दिन 3.2 लाख से अधिक क्यूआर कोड जनरेट किए गए, जिससे केवल अधिकृत कर्मियों को ही मतगणना केंद्रों में प्रवेश मिल सका और अनधिकृत गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकी।

नई विधानसभाओं के गठन की अधिसूचना

विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद 5 मई 2026 को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में नई विधानसभाओं के गठन की अधिसूचना संबंधित राज्य राज्यपालों और पुडुचेरी के उपराज्यपाल को भेज दी। इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभाओं का कार्यकाल 7 मई से 15 जून 2026 के बीच समाप्त हो रहा है।

इन अधिसूचनाओं से विजयी दलों के नेताओं को पिछली राज्य विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले सरकार गठन का दावा पेश करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। आने वाले दिनों में सरकार गठन की प्रक्रिया तेज़ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन हमलों की उत्पत्ति किन देशों से हुई और क्या इसकी विस्तृत जाँच सार्वजनिक की जाएगी। 10 करोड़ डाउनलोड का आँकड़ा उत्साहजनक है, परंतु डाउनलोड और सक्रिय उपयोग के बीच का अंतर महत्वपूर्ण है — जिसे चुनाव आयोग ने अभी स्पष्ट नहीं किया है। पहली बार राष्ट्रव्यापी क्यूआर कोड पहचान प्रणाली का सफल क्रियान्वयन निश्चित रूप से एक संरचनात्मक सुधार है, जो भविष्य के चुनावों में अनधिकृत प्रवेश रोकने का मानक बन सकता है। लेकिन जब तक साइबर हमलों की स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक इन दावों की विश्वसनीयता केवल आयोग के स्व-मूल्यांकन पर टिकी रहेगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईसीनेट ऐप क्या है और इसे कब लॉन्च किया गया?
ईसीनेट भारत निर्वाचन आयोग (ECI) का आधिकारिक आईटी प्लेटफॉर्म है, जिसे जनवरी 2026 में आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया। इससे पहले नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान इसका बीटा संस्करण सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था।
मतगणना के दिन ईसीनेट पर कितने साइबर हमले हुए?
4 मई 2026 को मतगणना के दिन ईसीनेट पर भारत और विदेशों से 68 लाख से अधिक दुर्भावनापूर्ण साइबर हमले हुए, जिन्हें सफलतापूर्वक निष्प्रभावी कर दिया गया। ये हमले चुनाव परिणाम पोर्टल सहित कई महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म को निशाना बना रहे थे।
ईसीनेट पर मतदान और मतगणना के दौरान कितने हिट दर्ज हुए?
मतदान के तीन चरणों (9, 23 और 29 अप्रैल 2026) में ईसीनेट पर कुल 98.3 करोड़ से अधिक हिट दर्ज हुए। मतगणना के दिन 4 मई 2026 को प्रति मिनट औसतन 3 करोड़ हिट दर्ज किए गए।
क्यूआर कोड-आधारित पहचान प्रणाली क्या है और इसे क्यों लागू किया गया?
यह पहली बार 2026 के चुनावों में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की गई एक डिजिटल पहचान प्रणाली है, जिसमें मतगणना के दिन 3.2 लाख से अधिक क्यूआर कोड जनरेट किए गए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि केवल अधिकृत कर्मियों को ही मतगणना केंद्रों में प्रवेश मिले।
चुनाव के बाद नई विधानसभाओं के गठन की अधिसूचना किन राज्यों को भेजी गई?
5 मई 2026 को भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के राज्यपालों तथा पुडुचेरी के उपराज्यपाल को नई विधानसभाओं के गठन की अधिसूचना भेजी। इन विधानसभाओं का कार्यकाल 7 मई से 15 जून 2026 के बीच समाप्त हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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