अमेरिकी वीजा में सोशल मीडिया जांच का विस्तार, ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का दिया हवाला
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के विदेश विभाग (State Department) ने विदेशी वीजा आवेदकों की व्यापक ऑनलाइन स्क्रीनिंग का बचाव किया है। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन सोशल मीडिया निरीक्षण को नई वीजा श्रेणियों तक विस्तारित कर रहा है — जिनमें विदेशी पत्रकार और यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (USMCA) के तहत आने वाले कनाडाई व मैक्सिकन पेशेवर शामिल हैं। 7 अगस्त 2026 को सामने आई इस खबर ने अमेरिकी वीजा प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
इंटरनल मेमोरेंडम से उठे सवाल
एक मीडिया रिपोर्ट में राज्य विभाग के एक आंतरिक मेमोरेंडम का हवाला दिया गया, जिसके मुताबिक आवेदकों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट सार्वजनिक करने होंगे या कॉन्सुलर अधिकारियों की जांच के लिए उन्हें एक्सेस देनी होगी। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग ने इस कथित मेमोरेंडम की न तो पुष्टि की और न ही इसे खारिज किया।
विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हालांकि हम कहे जा रहे आंतरिक दस्तावेज़ों पर टिप्पणी नहीं करते, लेकिन ट्रंप प्रशासन अपनी वीजा प्रक्रिया के ज़रिए राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसुरक्षा के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखकर हमारे देश और नागरिकों की रक्षा कर रहा है।'
किन वीजा श्रेणियों पर होगा असर
रिपोर्टों के अनुसार, इस विस्तारित जांच के दायरे में USMCA के तहत व्यापार के लिए अमेरिका आने वाले विदेशी मीडिया प्रतिनिधि, योग्य कनाडाई और मैक्सिकन नागरिक तथा उन पर आश्रित व्यक्ति शामिल होंगे। गौरतलब है कि डिप्लोमैटिक वीजा, अस्थायी श्रमिक वीजा, ट्रेनी वीजा और एक्सचेंज विजिटर वीजा के आवेदकों के लिए सोशल मीडिया जांच पहले से अनिवार्य थी — यह विस्तार उस दायरे को और व्यापक बनाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन आव्रजन और वीजा नीतियों को लेकर पहले से ही कड़ा रुख अपनाए हुए है। नई नीति के तहत अधिक आवेदकों को वे पोस्ट और जानकारी भी दिखानी पड़ सकती है जो पहले केवल स्वीकृत फॉलोअर्स तक सीमित थी।
विदेश सचिव रुबियो का रुख
प्रवक्ता ने विदेश सचिव मार्को रुबियो का एक बयान उद्धृत किया: 'वीजा एक अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार है।' यह बयान प्रशासन की उस व्यापक नीति को दर्शाता है जिसके तहत अमेरिका में प्रवेश को सख्त शर्तों से जोड़ा जा रहा है।
विभाग ने स्पष्ट किया कि कॉन्सुलर अधिकारी ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा का उपयोग यह निर्धारित करने के लिए करते हैं कि आवेदक वीजा के लिए पात्र है या नहीं और क्या उससे कोई सुरक्षा संबंधी चिंता जुड़ी है।
प्रशासन का तर्क: सुरक्षा सर्वोपरि
राज्य विभाग के प्रवक्ता ने कहा, 'अमेरिकी राज्य विभाग अमेरिका में प्रवेश चाहने वाले हर विदेशी नागरिक की अधिकतम जांच कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे अमेरिकी कानून का सम्मान करेंगे और अमेरिकी सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा या राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा नहीं बनेंगे।'
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा से अधिकारी 'सोच-समझकर फैसले' ले सकते हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा सुरक्षित रहे, धोखाधड़ी रुके और आवेदक की पूरी समीक्षा हो सके।
आगे क्या होगा
यह नीति उस दिशा में एक और कदम है जहाँ अमेरिका डिजिटल पहचान को वीजा पात्रता का अभिन्न हिस्सा बना रहा है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की व्यापक जांच अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए चिंताजनक हो सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नई श्रेणियों पर यह नीति कब से पूरी तरह लागू होगी।