सिंटा में सुधार की नई शुरुआत: नए अध्यक्ष ने जवाबदेही और संविधान-पालन को बनाया सर्वोच्च प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) के नव निर्वाचित नेतृत्व ने 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में संगठन के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया। नए अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संगठन के संविधान का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना और निर्वाचित सदस्यों को उनके दायित्वों के प्रति बाध्य करना इस कार्यकाल का मुख्य एजेंडा रहेगा।
समय से पहले चुनाव क्यों हुए
सिंटा अध्यक्ष ने बताया कि ये चुनाव निर्धारित समय से पहले कराए गए। उनके अनुसार, मूल योजना के तहत अगले चुनाव मई 2027 में वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के साथ होने थे। किंतु परिस्थितियों ने संगठन को इससे पहले चुनाव कराने पर विवश कर दिया।
अध्यक्ष ने कहा, 'दुर्भाग्यवश, हमें ये चुनाव कराने के लिए विवश होना पड़ा।' उन्होंने संकेत दिया कि सिंटा को 'सही राह पर वापस लाने' के प्रयासों को संगठन के भीतर स्वीकृति नहीं मिल रही थी, जिसके बाद सदस्यों ने नेतृत्व से तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया।
संविधान-वितरण और शपथ ग्रहण — दो नई पहलें
नए अध्यक्ष ने इस कार्यकाल में दो महत्वपूर्ण सुधार पहलों की घोषणा की। पहली पहल के अंतर्गत प्रत्येक निर्वाचित सदस्य को सिंटा संविधान की एक प्रति अनिवार्य रूप से दी जाएगी, ताकि वे संगठन के नियमों और विनियमों के अनुसार आचरण कर सकें।
अध्यक्ष ने कहा, 'चुने गए प्रत्येक व्यक्ति के पास संविधान की एक प्रति होनी चाहिए और उन्हें सिंटा के संविधान की जानकारी होनी चाहिए — यह सर्वोपरि है।' उन्होंने आशा जताई कि आने वाले वर्षों में भी यह परंपरा निरंतर बनी रहेगी।
दूसरी पहल के रूप में इस बार पहली बार शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। निर्वाचित सदस्यों ने संविधान का पालन करने, निष्पक्ष रहने और संगठन एवं उसके सदस्यों के कल्याण के लिए काम करने की शपथ ली। अध्यक्ष ने इस समारोह को 'निष्ठा और प्रतिबद्धता की शपथ' बताया।
मतदान में उत्साहजनक भागीदारी
इस चुनाव में सिंटा के लगभग 670 सदस्यों ने मतदान किया, जो अध्यक्ष के अनुसार विशेष रूप से उत्साहजनक रहा। गौरतलब है कि मतदान एक त्योहार की छुट्टी के दिन हुआ, जब अधिकांश लोग परिवार के साथ व्यस्त रहते हैं।
अध्यक्ष ने कहा, 'त्योहार होने के बावजूद, जब ज़्यादातर लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकलना चाहते, फिर भी हमें अच्छी संख्या में मतदान देखने को मिला।' उन्होंने सदस्यों के इस उत्साह को 'वास्तव में बहुत ही उत्साहजनक' बताया।
सिंटा की वर्तमान स्थिति और आगे की राह
अध्यक्ष ने माना कि सदस्यों की मज़बूत भागीदारी यह दर्शाती है कि सिंटा वर्तमान में एक सकारात्मक स्थिति में है। यह न केवल संघ के कामकाज में सदस्यों के विश्वास का संकेत है, बल्कि भविष्य में उनकी सक्रिय भागीदारी की इच्छाशक्ति को भी प्रतिबिंबित करता है।
यह ऐसे समय में आया है जब फिल्म और टीवी उद्योग के कई संगठनों में आंतरिक लोकतंत्र और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। सिंटा के नए नेतृत्व द्वारा उठाए गए ये कदम संगठनात्मक सुधार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये पहलें ज़मीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं।