पेपर लीक पर युवाओं का सड़कों पर उतरना सिस्टम की विफलता: कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने 16 अक्टूबर 2026 को मुंबई में दिल्ली के सीजेपी (CJP) विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब युवा पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सड़कों पर उतरते हैं, तो यह व्यवस्था की नाकामी का प्रत्यक्ष प्रमाण है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में विरोध के लिए जगह लगातार सिकुड़ती जा रही है।
मुख्य बयान और आरोप
गायकवाड़ ने सवाल उठाया कि हर बार किसी भी घटना को बांग्लादेश से जोड़ना उचित नहीं है। उनके शब्दों में, 'सबसे बड़ी बात यह है कि जब भी कुछ होता है तो हम हमेशा बांग्लादेश का जिक्र क्यों करने लगते हैं? कई जगहों पर क्रांतियां हुई हैं — नेपाल में भी क्रांति हुई। अगर आप देखें तो युवा सड़कों पर क्यों उतरे? शुरुआती विरोध किस बात को लेकर था? वह पेपर लीक को लेकर था।'
उन्होंने रेखांकित किया कि युवाओं की यह माँग बेबुनियाद नहीं है — सालभर मेहनत के बाद परीक्षा की पूर्व संध्या पर पेपर लीक हो जाना या पूरी प्रक्रिया में हेरफेर होना, इन्हीं हालात से आहत होकर युवा सड़कों पर आते हैं। गौरतलब है कि NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं।
जंतर-मंतर से आजाद मैदान तक: प्रदर्शन की जगह खत्म होने का आरोप
कांग्रेस सांसद ने दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के आजाद मैदान का उदाहरण देते हुए कहा कि ये वो ऐतिहासिक स्थल थे जहाँ महिलाएँ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य नागरिक अपनी शिकायतें सामने रख सकते थे। उनके अनुसार जंतर-मंतर को पहले ही बंद किया जा चुका है और अब आजाद मैदान को भी बंद करने की कोशिशें हो रही हैं।
उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के पिछले आंदोलन के दौरान मुंबई में माइक और स्पीकर तक छीन लिए गए थे। पुलिस द्वारा अनुमति देने में अत्यधिक संकुचन और सभाओं के पैमाने को जान-बूझकर सीमित किए जाने का भी उन्होंने आरोप लगाया।
युवाओं की हिरासत पर चिंता
गायकवाड़ ने यह भी कहा कि जो युवा भारत का झंडा उठाकर प्रदर्शन करते हैं, उन्हें भी हिरासत में ले लिया जाता है। उनके अनुसार, 'स्वतंत्र भारत में विरोध प्रदर्शन करने तक की भी जगह नहीं छोड़ी जा रही है।' यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में छात्र और सामाजिक संगठन सार्वजनिक स्थलों पर धरना देने की अनुमति न मिलने की शिकायत कर रहे हैं।
आगे की स्थिति
कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई जारी रहेगी और सभी संभव माध्यमों से आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने नागरिक समाज, महिलाओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और छात्रों को एकजुट रहने का संदेश दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बयान सीजेपी विरोध प्रदर्शन के इर्द-गिर्द बढ़ते विपक्षी दबाव का हिस्सा है।