9 अक्टूबर 2026
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मातृशोक में भी कर्तव्यरत: शोक वस्त्र में फाइलें निपटाते दिखे CM हेमंत सोरेन

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मातृशोक में भी कर्तव्यरत: शोक वस्त्र में फाइलें निपटाते दिखे CM हेमंत सोरेन

सारांश

माँ के जाने का गम और राज्य की जिम्मेदारी — हेमंत सोरेन ने दोनों को एकसाथ निभाया। शोक वस्त्र में फाइलें निपटाते सीएम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। सीएमओ का संदेश साफ़ है: 'व्यक्तिगत दुःख से बड़ा राज्य का कर्तव्य।'

मुख्य बातें

CM हेमंत सोरेन माँ रूपी सोरेन के निधन के बाद शोक वस्त्र उत्तरीय पहने हुए रामगढ़ के नेमरा पैतृक आवास पर सरकारी फाइलों की समीक्षा करते और हस्ताक्षर करते दिखे।
राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा — 'व्यक्तिगत दुःख से बड़ा राज्य का कर्तव्य…'।
रूपी सोरेन का निधन बुधवार शाम रांची के एक अस्पताल में हुआ; अंतिम संस्कार गुरुवार को नेमरा में संपन्न।
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ , मंत्री राधाकृष्ण किशोर सहित कई जनप्रतिनिधियों ने पैतृक आवास पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी माता रूपी सोरेन के निधन के शोक में डूबे होने के बावजूद राज्य प्रशासन से पूरी तरह विमुख नहीं हुए। 9 अक्टूबर 2026 को सामने आई तस्वीरों में वे रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास पर पारंपरिक शोक वस्त्र उत्तरीय धारण किए हुए सरकारी फाइलों का अवलोकन करते और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते नज़र आ रहे हैं। इन तस्वीरों में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी उनके साथ उपस्थित दिखते हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से साझा की गईं तस्वीरें

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इन तस्वीरों को साझा किया गया, जिसके साथ लिखा गया — 'व्यक्तिगत दुःख से बड़ा राज्य का कर्तव्य…'। तस्वीरों में मुख्यमंत्री के सामने मेज पर अनेक सरकारी फाइलें और कागज़ात बिछे हुए हैं। मुख्य सचिव अविनाश कुमार उनके बगल में बैठकर दस्तावेजों की समीक्षा करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन फाइलों का संबंध किस विभाग या विषय से है, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

पारंपरिक रस्मों का निर्वहन

इसी दिन सुबह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नेमरा स्थित पैतृक आवास पर स्थानीय परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार दिवंगत माता रूपी सोरेन के निमित्त भोजन परोसने की पारंपरिक रस्म अदा की। उन्होंने पारिवारिक परंपराओं के अनुरूप माता की स्मृति से जुड़े संस्कारों का विधिपूर्वक पालन किया।

शोक संवेदना देने पहुँचे जनप्रतिनिधि

रूपी सोरेन के निधन के बाद से नेमरा स्थित पैतृक आवास पर राजनेताओं और आम लोगों के आने का क्रम जारी है। शुक्रवार को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, राज्य के मंत्री राधाकृष्ण किशोर, विधायक डॉ. नीरा यादव, विधायक ममता देवी और पूर्व विधायक लंबोदर महतो ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। सभी ने दिवंगत रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा उनकी पत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं।

रूपी सोरेन का निधन और अंतिम संस्कार

लंबे समय से बीमार रूपी सोरेन का निधन बीते बुधवार की शाम रांची के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ था। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को मुख्यमंत्री के पैतृक गाँव नेमरा में पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न किया गया। जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन घड़ी में धैर्य देने की प्रार्थना की।

राजनीतिक और सामाजिक संदेश

यह तस्वीरें ऐसे समय में सामने आई हैं जब झारखंड की राजनीति में हेमंत सोरेन की छवि एक सक्रिय और जनमुखी नेता के रूप में स्थापित है। सीएमओ की ओर से इन तस्वीरों का सार्वजनिक प्रसार स्पष्ट रूप से यह संदेश देने का प्रयास है कि व्यक्तिगत दुख के बावजूद सरकारी कामकाज बाधित नहीं हुआ। आगामी दिनों में मुख्यमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रमों में पुनः उपस्थित होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित संदेश है — कि सत्ता में व्यवधान नहीं आया। यह उस राजनीतिक संस्कृति की झलक भी है जहाँ निजी संकट को शासकीय निरंतरता के प्रमाण के रूप में पेश किया जाता है। हालांकि जिन फाइलों पर हस्ताक्षर हुए, उनका विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया — पारदर्शिता का यह अभाव कभी-कभी ऐसे प्रतीकात्मक कदमों की विश्वसनीयता को सीमित कर देता है। फिर भी, झारखंड जैसे राज्य में जहाँ आदिवासी नेतृत्व और भावनात्मक जुड़ाव मतदाताओं पर गहरा असर डालते हैं, यह छवि दीर्घकालिक राजनीतिक पूंजी बना सकती है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM हेमंत सोरेन की माँ रूपी सोरेन का निधन कब और कहाँ हुआ?
रूपी सोरेन का निधन बुधवार की शाम रांची के एक अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद इलाज के दौरान हुआ। उनका अंतिम संस्कार मुख्यमंत्री के पैतृक गाँव नेमरा, रामगढ़ में गुरुवार को संपन्न किया गया।
हेमंत सोरेन शोक वस्त्र में सरकारी फाइलें क्यों निपटा रहे थे?
माँ के निधन के बावजूद हेमंत सोरेन ने राज्य प्रशासन को अबाधित रखा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इन तस्वीरों के साथ लिखा — 'व्यक्तिगत दुःख से बड़ा राज्य का कर्तव्य' — जो शासकीय निरंतरता का संदेश देता है।
फाइलों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कौन मौजूद थे?
झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ नेमरा स्थित पैतृक आवास पर उपस्थित थे और दस्तावेजों की समीक्षा में सहयोग कर रहे थे।
रूपी सोरेन के निधन पर कौन-कौन से जनप्रतिनिधि संवेदना देने पहुँचे?
शुक्रवार को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, मंत्री राधाकृष्ण किशोर, विधायक डॉ. नीरा यादव, विधायक ममता देवी और पूर्व विधायक लंबोदर महतो ने नेमरा पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा कल्पना सोरेन के प्रति संवेदना जताई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने माँ की स्मृति में कौन-सी रस्म निभाई?
शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री ने नेमरा स्थित पैतृक आवास पर स्थानीय परंपराओं के अनुसार दिवंगत माता रूपी सोरेन के निमित्त भोजन परोसने की पारंपरिक रस्म अदा की और पारिवारिक संस्कारों का विधिपूर्वक पालन किया।
राष्ट्र प्रेस
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