गन्ना मूल्य विवाद: CM शिवकुमार किसानों और मिल मालिकों संग करेंगे अलग-अलग बैठक, केंद्र से भी होगी बात
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों को बताया कि राज्य सरकार गन्ना किसानों और चीनी कारखाना मालिकों के साथ अलग-अलग बैठकें आयोजित करेगी, ताकि किसानों के गन्ना मूल्य से जुड़े मुद्दों का समाधान निकाला जा सके। इसके साथ ही वे संबंधित केंद्रीय मंत्री से भी संपर्क कर सौहार्दपूर्ण रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे।
विवाद की पृष्ठभूमि
उत्तरी कर्नाटक के गन्ना किसानों ने अपनी उपज का उचित मूल्य दिलाने की माँग को लेकर सात दिवसीय पदयात्रा और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। 19 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी द्वारा उच्च स्तरीय समिति से किसानों की माँगों का अध्ययन कराने का आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया।
इससे पहले मुख्यमंत्री शिवकुमार बेंगलुरु से बेलगावी पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रदर्शनकारी किसानों से सीधी मुलाकात की और उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र से संवाद के लिए दिल्ली में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का प्रस्ताव भी रखा है।
मुख्यमंत्री का रुख और बैठक की तैयारी
शिवकुमार ने कहा कि बैठक की तिथि किसानों, कारखाना मालिकों और जन प्रतिनिधियों के कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए आपसी सहमति से तय की जाएगी। उन्होंने कन्नड़ राज्योत्सव समारोह और संबंधित व्यक्तियों की उपलब्धता का भी ख्याल रखने की बात कही।
शिवकुमार के अनुसार, बैठक में क्षेत्र के मंत्रियों, संबंधित विभागों के प्रमुखों, क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले केंद्रीय मंत्री, स्थानीय सांसदों और विधायकों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
किसानों और कारखाना मालिकों पर असर
मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए कहा, 'हमें इसे शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से हल करना होगा, क्योंकि यह लोगों की आजीविका से जुड़ा है। किसान गन्ने की खेती करेंगे तो कारखाने चल सकेंगे। चीनी कारखानों के सफल संचालन से ही किसानों को अपनी उपज का अच्छा दाम मिल सकेगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी एक पक्ष पर बोझ नहीं डालना चाहते — समाधान सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में आना चाहिए।
सूखा राहत और स्थानीय निकाय चुनाव
सूखा राहत के लिए दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से प्रस्तावित बैठक के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने समय माँगा है, लेकिन अभी तक पुष्टि नहीं मिली है।
सोमवार रात कांग्रेस विधायकों और एमएलसी के साथ हुई बैठक के बारे में उन्होंने कहा कि चर्चा आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों से संबंधित थी। मतदाता सूचियाँ 27 अक्टूबर को उपलब्ध होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार चुनाव होने ही हैं और चुनाव आयोग किसी भी समय चुनाव की घोषणा कर सकता है।
आगे क्या होगा
पंचायतों और नगरपालिकाओं के चुनाव दो से तीन दिनों के भीतर पूरे होने की संभावना बताई जा रही है। गन्ना मूल्य विवाद में अगला अहम पड़ाव वह बैठक होगी जिसमें किसान, कारखाना मालिक और जन प्रतिनिधि एकसाथ बैठेंगे — यह बैठक तय होती है या नहीं, इस पर उत्तरी कर्नाटक के हजारों गन्ना किसानों की निगाहें टिकी हैं।