26 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गन्ना किसानों के विरोध के बीच CM शिवकुमार बेलगावी में मिल मालिकों और किसानों से करेंगे बातचीत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गन्ना किसानों के विरोध के बीच CM शिवकुमार बेलगावी में मिल मालिकों और किसानों से करेंगे बातचीत

सारांश

गन्ने का उचित दाम न मिलने से नाराज किसानों ने उत्तरी कर्नाटक में राजमार्ग जाम कर दिए हैं और 27 अक्टूबर को 'कर्नाटक बंद' की चेतावनी दी है। CM शिवकुमार बेलगावी पहुँचकर मिल मालिकों और किसान प्रतिनिधियों से अलग-अलग बात करेंगे — नतीजे पर ही पेराई सीजन का भविष्य टिका है।

मुख्य बातें

शिवकुमार 27 अक्टूबर को बेलगावी के सुवर्ण विधान सौधा में चीनी मिल मालिकों ( सुबह 11 बजे ) और किसान प्रतिनिधियों ( दोपहर 3:30 बजे ) से मुलाकात करेंगे।
किसान गन्ने की कीमत ₹5,500 प्रति टन , SAP ₹1,000 प्रति टन और ₹500 करोड़ की आरक्षित राशि की माँग कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने FRP ₹355 से बढ़ाकर ₹365 प्रति क्विंटल किया, किसानों ने इसे नाकाफी बताया।
कर्नाटक राज्य रैथा संघ और हसिरु सेना के नेतृत्व में पुणे-बेंगलुरु समेत कई राजमार्ग जाम।
ठोस निर्णय न आने पर 27 अक्टूबर को 'कर्नाटक बंद' और केंद्र को 26 नवंबर तक जवाब देने की समय-सीमा।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार 27 अक्टूबर 2026 को बेलगावी पहुँचे, जहाँ वे गन्ने के उचित मूल्य को लेकर चल रहे व्यापक किसान आंदोलन के बीच चीनी मिल मालिकों और गन्ना किसानों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। उत्तरी कर्नाटक में किसानों ने राजमार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है और 27 अक्टूबर को 'कर्नाटक बंद' की चेतावनी भी दी है।

बैठकों का कार्यक्रम

मुख्यमंत्री शिवकुमार सुबह 11 बजे चीनी मिल मालिकों से और दोपहर 3:30 बजे गन्ना किसानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। दोनों बैठकें बेलगावी के सुवर्ण विधान सौधा में आयोजित की जाएंगी।

बेलगावी के कित्तूर में मीडिया से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा, 'मैं इस बारे में बात नहीं करूंगा कि दूसरे राज्यों की सरकारें अपने गन्ना किसानों को क्या दे रही हैं। सबसे पहले कर्नाटक के हमारे किसानों का बचना जरूरी है। मैं इस मुद्दे पर चर्चा करूंगा। इसीलिए मैं बेंगलुरु में बैठक करने के बजाय यहाँ आया हूँ।'

किसानों की मुख्य माँगें

विरोध कर रहे गन्ना किसान मुख्य रूप से तीन माँगें रख रहे हैं — गन्ने की कीमत ₹5,500 प्रति टन तय करना, कर्नाटक सरकार से ₹1,000 प्रति टन की अतिरिक्त 'स्टेट एडवाइज्ड प्राइस' (SAP), और चीनी के लिए उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)। इसके अलावा किसान ₹500 करोड़ की राशि आरक्षित करने की भी माँग कर रहे हैं।

केंद्र सरकार ने 2026-27 पेराई सीजन के लिए 'फेयर एंड रेमुनरेटिव प्राइस' (FRP) को ₹355 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹365 प्रति क्विंटल किया है। किसानों का कहना है कि यह वृद्धि खाद, मजदूरी और परिवहन की बढ़ती लागत को कवर करने के लिए नाकाफी है।

विरोध-प्रदर्शन का विस्तार

उत्तरी कर्नाटक में 'कर्नाटक राज्य रैथा संघ' और 'हसिरु सेना' जैसे संगठनों के नेतृत्व में किसानों ने पुणे-बेंगलुरु और बेंगलुरु-मैसूरु राजमार्गों सहित कई राज्य राजमार्गों को जाम किया है। यह ऐसे समय में आया है जब सूखे और खेती के कर्ज की वजह से पहले से ही किसान भारी संकट में हैं।

हालाँकि कुछ किसान समूहों ने अपने प्रदर्शन अस्थायी रूप से रोक दिए हैं, लेकिन नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि 27 अक्टूबर तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 'कर्नाटक बंद' अमल में लाया जाएगा। केंद्र सरकार को MSP और संबंधित समिति से जुड़ी माँगों पर जवाब देने के लिए 26 नवंबर की समय-सीमा भी तय की गई है।

सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने याद दिलाया कि उनकी सरकार पहले भी किसानों को ₹300 प्रति क्विंटल की अतिरिक्त राशि दे चुकी है, जबकि पिछली सिद्दारमैया सरकार ने ₹50 प्रति क्विंटल दिए थे। उन्होंने मिल मालिकों से भी योगदान देने की अपील की है।

कर्नाटक भाजपा ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह सूखे और कृषि ऋण के दबाव में फँसे किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करे। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है — गन्ने की कीमतों को लेकर राज्य में लंबे समय से विवाद चला आ रहा है।

आगे क्या होगा

सोमवार की बातचीत का परिणाम न केवल मौजूदा विरोध-प्रदर्शनों की दिशा तय करेगा, बल्कि यह भी निर्धारित करेगा कि 2026-27 पेराई सीजन शुरू होने से पहले किसानों की 'लाभदायक कीमत' की माँग पूरी होगी या नहीं। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया है कि वे दोनों पक्षों से सुनकर आगे की राह तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में यह तंत्र वर्षों से काम कर रहा है। मुख्यमंत्री शिवकुमार का बेंगलुरु की बजाय बेलगावी जाकर बात करना राजनीतिक रूप से सही कदम है, लेकिन एक दिन की बातचीत से दीर्घकालिक मूल्य-ढाँचा नहीं बनता। जब तक राज्य में एक पारदर्शी और बाध्यकारी SAP नीति नहीं बनती, ये आंदोलन हर साल लौटते रहेंगे।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM शिवकुमार बेलगावी में किससे और कब मिलेंगे?
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार 27 अक्टूबर को बेलगावी के सुवर्ण विधान सौधा में सुबह 11 बजे चीनी मिल मालिकों और दोपहर 3:30 बजे गन्ना किसानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। ये बैठकें गन्ने के उचित मूल्य को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के समाधान के लिए बुलाई गई हैं।
कर्नाटक के गन्ना किसान क्या माँग कर रहे हैं?
किसान गन्ने की कीमत ₹5,500 प्रति टन, राज्य सरकार से ₹1,000 प्रति टन की अतिरिक्त स्टेट एडवाइज्ड प्राइस (SAP) और ₹500 करोड़ की आरक्षित राशि की माँग कर रहे हैं। इसके अलावा चीनी के लिए उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की भी माँग है।
केंद्र सरकार ने गन्ने के लिए FRP कितना तय किया है?
केंद्र सरकार ने 2026-27 पेराई सीजन के लिए FRP ₹355 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹365 प्रति क्विंटल किया है। किसानों का कहना है कि यह राशि खाद, मजदूरी और परिवहन की बढ़ती लागत को कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
कर्नाटक बंद की चेतावनी क्यों दी गई है?
किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 27 अक्टूबर तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 'कर्नाटक बंद' बुलाया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार को MSP और संबंधित समिति की माँगों पर जवाब देने के लिए 26 नवंबर की समय-सीमा भी दी गई है।
उत्तरी कर्नाटक में किसानों का विरोध-प्रदर्शन कहाँ-कहाँ हुआ?
'कर्नाटक राज्य रैथा संघ' और 'हसिरु सेना' के नेतृत्व में किसानों ने पुणे-बेंगलुरु और बेंगलुरु-मैसूरु राजमार्गों सहित कई राज्य राजमार्गों को जाम किया है। बेलगावी जिले में भी स्थानीय किसानों ने राज्य राजमार्ग को अवरुद्ध कर प्रदर्शन किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले