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क्या रैन बसेरे पूरी क्षमता से संचालित होंगे? सीएम योगी ने तहसीलों और निकायों को ऊनी वस्त्र-कंबल के लिए धन जारी किया

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क्या रैन बसेरे पूरी क्षमता से संचालित होंगे? सीएम योगी ने तहसीलों और निकायों को ऊनी वस्त्र-कंबल के लिए धन जारी किया

सारांश

गोरखपुर में शीतलहर के दौरान जरूरतमंदों को बेहतर सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रैन बसेरों को पूर्ण क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने तहसीलों को ऊनी वस्त्र और कंबल वितरण के लिए धन उपलब्ध कराया है। जानें इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में।

मुख्य बातें

रैन बसेरों को पूरी क्षमता से संचालित किया जा रहा है।
तहसीलों और निकायों को ऊनी वस्त्र और कंबल वितरण के लिए धनराशि जारी की गई है।
जरूरतमंदों को भोजन और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
सरकार का संकल्प है कि कोई भी व्यक्ति खुले में न लेटे।
गोरखपुर में 14 रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं।

गोरखपुर, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि हर जरूरतमंद को शीतलहर से सुरक्षित रखने और सम्मानजनक आश्रय प्रदान करने के लिए सरकार का संकल्प दृढ़ है। इस हेतु रैन बसेरों को पूर्ण क्षमता से संचालित किया जा रहा है एवं तहसीलों और नगर निकायों को ऊनी वस्त्र तथा कंबल वितरण के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता दी गई है।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को गोरखपुर के दो रैन बसेरों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से बातचीत की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी जरूरतमंदों को रैन बसेरों में उचित सुविधाएं प्रदान की जाएं।

प्रशासन को इसे प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करना होगा कि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त बिस्तर और कंबल उपलब्ध हों। इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति के पास भोजन की व्यवस्था नहीं है, तो उसे भी भोजन मुहैया कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशन के निकट और झूलेलाल मंदिर के पास स्थित रैन बसेरों का दौरा किया और वहां ठहरे लोगों से संवाद किया, साथ ही उन्होंने स्वयं जरूरतमंदों को कंबल और भोजन वितरित किया।

मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशन के बाहर भी सैकड़ों जरूरतमंदों में कंबल और भोजन वितरित करके उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी सेवा के लिए तत्पर है। उन्होंने रैन बसेरों में ठहरे सभी लोगों से कुशलक्षेम पूछने और उनसे आत्मीय संवाद करने का भी कार्य किया।

रैन बसेरों में देवरिया, कुशीनगर, बलिया, गगहा और चौरीचौरा जैसे पूर्वांचल के नागरिकों के साथ-साथ बिहार से आए लोग भी ठहरे हुए थे। कुछ परीक्षा के सिलसिले में आए थे, कुछ डॉक्टर को दिखाने के लिए, और कुछ काम की तलाश में गोरखपुर आए थे।

मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि रैन बसेरों में कोई कठिनाई तो नहीं है। सभी ने व्यवस्थाओं को लेकर संतोषजनक उत्तर दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के द्वारा पूछे जाने पर रैन बसेरों में ठहरे लोग भावुक हो गए। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि उनके ठहरने और भोजन के बारे में जानकारी लेने स्वयं मुख्यमंत्री उनके पास आए हैं।

रैन बसेरों के निरीक्षण के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भीषण शीतलहर से आम जनता को बचाने के लिए शासन और प्रशासन सचेत है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य है। सरकार ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कोई भी व्यक्ति फुटपाथ, प्लेटफार्म या सड़क पर न लेटे। यदि कोई ऐसा पाया जाता है, तो उसे रैन बसेरों में भेजा जाए और इसकी निरंतर निगरानी की जाए।

सभी रैन बसेरों को पूर्ण क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही तहसीलों और निकायों को शीतलहर से बचाने के लिए ऊनी वस्त्र और कंबल वितरण हेतु धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

निकायों और पंचायतों को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि वे जहां भी आवश्यकता हो, पर्याप्त अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करें। यह सभी व्यवस्थाएं प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर महानगर में नगर निगम द्वारा 14 रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है, जहां 700 से 1000 तक जरूरतमंद आश्रय ले सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि एक संवेदनशील प्रशासन की पहचान है। इस प्रकार की गतिविधियां सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होती हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या रैन बसेरे सभी जरूरतमंदों के लिए खुले हैं?
हाँ, सभी रैन बसेरे जरूरतमंदों के लिए खुले हैं और उन्हें पूरी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
क्या ऊनी वस्त्र और कंबल वितरण किया जा रहा है?
जी हाँ, तहसीलों और नगर निकायों को ऊनी वस्त्र और कंबल वितरण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
सरकार शीतलहर से बचाने के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने रैन बसेरों को पूरी क्षमता से संचालित करने और जरूरतमंदों को आवश्यक वस्त्र और अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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